निम्नलिखित में से कौन-से क्रमशः तत्वों सोना, टिन और सीसा के सही प्रतीक हैं?
- A.Ga, Sb, Pb
- B.At, Sn, Le
- C.Au, Sn, Pb
- D.Au, Sb, Pb
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, Au, Sn, Pb। ये तीनों प्रतीक इन धातुओं के लैटिन नामों से बने हैं: ऑरम, स्टैनम और प्लम्बम।
प्राचीन काल से ज्ञात कई धातुओं के प्रतीक अंग्रेज़ी के बजाय लैटिन नामों से लिए गए हैं। सोना Au (ऑरम), टिन Sn (स्टैनम) और सीसा Pb (प्लम्बम) है; 'प्लंबर' शब्द भी इसी से बना, क्योंकि पहले पानी के पाइप सीसे के बनते थे। अन्य प्रचलित उदाहरण हैं लोहा Fe (फेरम), ताँबा Cu (क्यूप्रम), चाँदी Ag (अर्जेंटम), सोडियम Na (नेट्रियम), पोटैशियम K (कैलियम) और पारा Hg (हाइड्रार्जिरम)।
A गलत है: Ga गैलियम और Sb ऐंटिमनी (स्टिबियम) है, सोना और टिन नहीं।
B गलत है: At ऐस्टाटीन है, और Le किसी तत्व का प्रतीक नहीं है।
D गलत है: Au और Pb सही हैं, पर Sb ऐंटिमनी का प्रतीक है, टिन का नहीं।
परीक्षा टिप: Sn = स्टैनम (टिन) और Sb = स्टिबियम (ऐंटिमनी) विकल्पों में सबसे अधिक उलझाए जाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपवन की गति किससे मापी जाती है?
- A.पवन दिग्दर्शक (विंड वेन)
- B.पवन आरेख (विंड रोज़)
- C.बैरोमीटर
- D.एनीमोमीटर
उत्तर देखें
एनीमोमीटर (पवनवेगमापी) से पता चलता है कि हवा कितनी तेज चल रही है; इसका नाम यूनानी शब्द 'एनेमोस' से बना है, जिसका अर्थ है हवा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीरे की चमक किसके कारण होती है?
- A.प्रकाश का व्यतिकरण
- B.प्रकाश का विवर्तन
- C.प्रकाश का ध्रुवण
- D.प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
उत्तर देखें
तराशे हुए हीरे में प्रवेश करने वाला प्रकाश बाहर निकलने से पहले उसके भीतर बार-बार परावर्तित होता है, जिससे पत्थर चमकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं है?
- A.प्रकाश तरंग
- B.रेडियो तरंग
- C.ध्वनि तरंग
- D.सूक्ष्म तरंग (माइक्रोवेव)
उत्तर देखें
ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम चाहिए, जबकि बाकी तीनों विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। ध्वनि वायु, जल या ठोस में संपीडन और विरलन वाली अनुदैर्ध्य तरंग के रूप में चलती है, इसीलिए यह निर्वात में नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विद्युतचुंबकीय तरंग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.विद्युतचुंबकीय तरंग ऊर्जा और संवेग का परिवहन करती है
- B.विद्युतचुंबकीय तरंग ध्रुवित और परावर्तित हो सकती है
- C.विद्युतचुंबकीय तरंग अनुदैर्ध्य होती है
- D.विद्युतचुंबकीय तरंग का संचरण परिवर्ती विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा वर्णित होता है
उत्तर देखें
विद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यह कथन असत्य है। विद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत दोलन करते हैं और दोनों तरंग के चलने की दिशा के भी लंबवत होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
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