निम्नलिखित में से कौन-सा ऊष्माशोषी (एंडोथर्मिक) अभिक्रिया का उदाहरण है?
- A.CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq)
- B.CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g)
- C.C(s) + O2(g) → CO2(g)
- D.CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(l)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g)। कैल्शियम कार्बोनेट को बिना बुझे चूने और कार्बन डाइऑक्साइड में तोड़ने के लिए लगातार ऊष्मा देनी पड़ती है, इसलिए यह अभिक्रिया ऊर्जा सोखती है।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया अपने परिवेश से ऊष्मा लेती है, जबकि ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया ऊष्मा बाहर देती है। गर्म करने से होने वाला अपघटन, यानी ऊष्मीय अपघटन, प्रायः ऊष्माशोषी होता है। इसी कारण चूना भट्ठों और सीमेंट कारखानों में चूना पत्थर को लगभग 900 °C तक गर्म किया जाता है; इतनी ऊष्मा के बिना कार्बोनेट नहीं टूटता।
A गलत है: बिना बुझे चूने में पानी मिलाने पर बुझा चूना बनता है और इतनी ऊष्मा निकलती है कि पानी उबल सकता है; यह ऊष्माक्षेपी है।
C गलत है: कोयले की तरह कार्बन के जलने पर बहुत ऊष्मा निकलती है।
D गलत है: प्राकृतिक गैस के मुख्य भाग मीथेन का दहन भी ऊष्मा देता है, इसीलिए वह ईंधन है।
परीक्षा टिप: दहन और चूना बुझाना ऊष्माक्षेपी; चूना पत्थर गर्म करना ऊष्माशोषी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपवन की गति किससे मापी जाती है?
- A.पवन दिग्दर्शक (विंड वेन)
- B.पवन आरेख (विंड रोज़)
- C.बैरोमीटर
- D.एनीमोमीटर
उत्तर देखें
एनीमोमीटर (पवनवेगमापी) से पता चलता है कि हवा कितनी तेज चल रही है; इसका नाम यूनानी शब्द 'एनेमोस' से बना है, जिसका अर्थ है हवा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीरे की चमक किसके कारण होती है?
- A.प्रकाश का व्यतिकरण
- B.प्रकाश का विवर्तन
- C.प्रकाश का ध्रुवण
- D.प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन
उत्तर देखें
तराशे हुए हीरे में प्रवेश करने वाला प्रकाश बाहर निकलने से पहले उसके भीतर बार-बार परावर्तित होता है, जिससे पत्थर चमकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं है?
- A.प्रकाश तरंग
- B.रेडियो तरंग
- C.ध्वनि तरंग
- D.सूक्ष्म तरंग (माइक्रोवेव)
उत्तर देखें
ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम चाहिए, जबकि बाकी तीनों विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। ध्वनि वायु, जल या ठोस में संपीडन और विरलन वाली अनुदैर्ध्य तरंग के रूप में चलती है, इसीलिए यह निर्वात में नहीं जा सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विद्युतचुंबकीय तरंग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
- A.विद्युतचुंबकीय तरंग ऊर्जा और संवेग का परिवहन करती है
- B.विद्युतचुंबकीय तरंग ध्रुवित और परावर्तित हो सकती है
- C.विद्युतचुंबकीय तरंग अनुदैर्ध्य होती है
- D.विद्युतचुंबकीय तरंग का संचरण परिवर्ती विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा वर्णित होता है
उत्तर देखें
विद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यह कथन असत्य है। विद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत दोलन करते हैं और दोनों तरंग के चलने की दिशा के भी लंबवत होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
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