निम्नलिखित में से कौन-सा त्योहार अगस्त-सितंबर के महीने में मनाया जाता है?
- A.मकर संक्रांति
- B.पतंग महोत्सव
- C.बीकानेर महोत्सव
- D.ओणम
सही उत्तर
D. ओणम
व्याख्या
सही उत्तर है D, ओणम। ओणम केरल का फसल कटाई का त्योहार है और यह मलयालम महीने चिंगम में मनाया जाता है, जो अगस्त और सितंबर में पड़ता है। यह पौराणिक राजा महाबली के वार्षिक आगमन का प्रतीक है, अथम से थिरुवोणम तक लगभग दस दिन चलता है और इसमें दरवाज़े पर फूलों की रंगोली पूक्कलम, केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला ओणसद्या भोज, वल्लमकली नौका दौड़ तथा पुलिकली बाघ नृत्य प्रसिद्ध हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि मकर संक्रांति जनवरी के मध्य में मनाई जाती है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात का अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव भी जनवरी में उत्तरायण के साथ अहमदाबाद में होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान का बीकानेर ऊँट महोत्सव जनवरी में लगने वाला शीतकालीन मेला है। परीक्षा टिप: ओणम चिंगम मास यानी अगस्त-सितंबर में, जबकि मकर संक्रांति, पतंग महोत्सव और बीकानेर महोत्सव जनवरी में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपल्लू पर मोर और कमल के नमूनों से पहचानी जाने वाली पैठणी साड़ी किस राज्य में बुनी जाती है?
- A.महाराष्ट्र
- B.केरल
- C.पश्चिम बंगाल
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महाराष्ट्र
व्याख्या
सही उत्तर A, महाराष्ट्र है। पैठणी का नाम गोदावरी तट पर बसे पैठण से पड़ा है और यह नासिक जिले के येवला में भी बुनी जाती है। यह रेशमी ब्रोकेड है, जिसमें किनारा और पल्लू तापिस्री तकनीक से बनाए जाते हैं और उन पर सोने के तार से मोर, कमल और बेल के नमूने उभरते हैं, जो दोनों ओर दिखते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि केरल की हथकरघा साड़ी कसावु है, जो सुनहरे किनारे वाली सादी श्वेताभ सूती साड़ी है। विकल्प C गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल बालूचरी, जामदानी और तांत साड़ियां देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक में मैसूर क्रेप रेशम और लाल पल्लू वाली इल्कल साड़ी बुनी जाती है। पैठण के साथ पैठणी और मोर के नमूने को स्मरण रखें।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रत्येक वर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.7 अगस्त
- B.15 जुलाई
- C.2 अक्टूबर
- D.26 नवंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 7 अगस्त
व्याख्या
सही उत्तर A, 7 अगस्त है। यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता टाउन हॉल में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई थी, जिसमें भारतीयों से अपने देश में बने वस्त्र अपनाने का आह्वान किया गया था, और पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस बुनकरों के सम्मान में 2015 में चेन्नई में मनाया गया। विकल्प B गलत है क्योंकि 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाता है, जिसका हथकरघा से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर गांधी जयंती है, और यद्यपि गांधी ने खादी को स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बनाया, हथकरघा दिवस उनके जन्मदिन पर नहीं मनाया जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि 26 नवंबर संविधान दिवस है। इस दिवस को 1905 के स्वदेशी आह्वान से जोड़कर याद रखें।
सूत और रेशम की वर्गाकार जाली में बुनी जाने वाली अत्यंत हल्की कोटा डोरिया साड़ी किस राज्य की है?
- A.मध्य प्रदेश
- B.राजस्थान
- C.उत्तर प्रदेश
- D.हरियाणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान
व्याख्या
सही उत्तर B, राजस्थान है। कोटा डोरिया राजस्थान में कोटा के निकट कैथून तथा आसपास के गांवों में बुनी जाती है, जहां सूत और रेशम के धागे बारी बारी रखकर खाट नाम के छोटे वर्ग बनाए जाते हैं, जिससे कपड़ा इतना हल्का और खुला बनता है कि वह मरुस्थल की गर्मी के लिए उपयुक्त होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश की हल्की साड़ियां चंदेरी और माहेश्वरी हैं, जो चमकीली और सादी होती हैं, उनमें वर्गों की दिखाई देने वाली जाली नहीं होती। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश बनारसी ब्रोकेड और चिकनकारी कढ़ाई के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हरियाणा में इस नाम की कोई हथकरघा साड़ी नहीं है, यद्यपि वह उत्तर पश्चिम की फुलकारी परंपरा में सहभागी है। कोटा के साथ डोरिया का जोड़ा याद रखें।
फुलकारी कढ़ाई किस राज्य का परंपरागत शिल्प है?
- A.पंजाब
- B.बिहार
- C.कर्नाटक
- D.मणिपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पंजाब
व्याख्या
सही उत्तर A, पंजाब है। फुलकारी का अर्थ फूलों का काम है और यह पंजाब की कढ़ाई है, जिसमें चमकीले बिना बटे रेशमी धागे से मोटे हाथ के काते खद्दर कपड़े की उलटी ओर से डारन टांका लगाया जाता है, जिससे सतह फूलों से भर जाती है। जिस प्रकार में कढ़ाई पूरी सतह को ढक लेती है उसे बाग कहा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि बिहार की कथा कहने वाली रजाई कढ़ाई सुजनी है, जो मुजफ्फरपुर के भुसरा से है, और मधुबनी उसकी चित्रकला परंपरा है। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक की गिने हुए धागों वाली कढ़ाई कसूती है, जिसमें पीछे गांठ नहीं रहती। विकल्प D गलत है क्योंकि मणिपुर अपनी हथकरघा बुनाई के लिए जाना जाता है, इस प्रकार की किसी नामित कढ़ाई के लिए नहीं।
श्रीकालहस्ती और मछलीपट्टनम किस वस्त्र शिल्प के दो केंद्र हैं?
- A.फुलकारी
- B.कलमकारी
- C.कांथा
- D.बंधनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कलमकारी
व्याख्या
सही उत्तर B, कलमकारी है। कलमकारी वह वस्त्र है जिसे वानस्पतिक रंगों से सजाया जाता है, और इसकी दो शैलियां हैं, दोनों आंध्र प्रदेश में। श्रीकालहस्ती में काम कलम से मुक्त हस्त चित्रण के रूप में होता है और विषय मंदिर की पौराणिक कथाओं से लिए जाते हैं, जबकि मछलीपट्टनम में नमूने लकड़ी के खुदे ठप्पों से छापे जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि फुलकारी पंजाब की चमकीली डारन टांका फूल कढ़ाई है, जो खद्दर पर की जाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कांथा पश्चिम बंगाल की दौड़ते टांके वाली रजाई कढ़ाई है, जो पुराने कपड़ों की तहों से बनती है। विकल्प D गलत है क्योंकि बंधनी गुजरात और राजस्थान का बांधकर रंगाई का शिल्प है। कलमकारी के साथ आंध्र प्रदेश और उसके दोनों नगर याद रखें।