निम्नलिखित में से कौन-सा राजा अशोक के धम्म का भाग नहीं था?
- A.राजा का सम्मान करना
- B.अपने धर्म के अलावा अन्य धर्मों के प्रति सहिष्णुता
- C.ब्राह्मणों का आदर करना
- D.अपनी प्रजा के कल्याण को बढ़ावा देना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, राजा का सम्मान करना। अशोक का धम्म सारी प्रजा के लिए एक नैतिक संहिता था और उसमें कहीं भी स्वयं राजा का सम्मान या पूजा करने को नहीं कहा गया। कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने अपने धम्म को शिलालेखों और स्तंभलेखों में लिखवाया, जो अधिकतर प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं। इसके सिद्धांतों में बड़ों का आदर, ब्राह्मणों और श्रमणों के प्रति उदारता, दासों और सेवकों से अच्छा व्यवहार, पशुओं के प्रति अहिंसा और दूसरे धर्मों व परंपराओं का सम्मान शामिल थे। इसके प्रसार के लिए उसने धम्म महामात्र नाम के अधिकारी नियुक्त किए और प्रजा को अपनी संतान कहा। विकल्प B गलत है, क्योंकि दूसरे संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता उसके अभिलेखों, खासकर बारहवें शिलालेख, का मुख्य विषय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अभिलेख बार-बार ब्राह्मणों और श्रमणों का आदर करने को कहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अशोक प्रजा के कल्याण को अपना कर्तव्य मानता था और उसने सड़कें, कुएँ, विश्रामगृह तथा मनुष्यों और पशुओं के चिकित्सालय बनवाए। परीक्षा टिप: धम्म नया धर्म नहीं, नैतिक आचरण था; इसे धम्म महामात्र फैलाते थे।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसगुण भक्ति परंपराओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सगुण भक्ति परंपराएँ विष्णु या उनके अवतारों जैसे विशिष्ट देवताओं की उपासना पर केंद्रित हैं। 2. सगुण भक्ति परंपराओं में देवी-देवताओं की कल्पना मानव रूप में की जाती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सगुण भक्ति गुणों वाले ईश्वर की भक्ति है, इसलिए यह विशेष देवताओं पर केंद्रित है और उनकी कल्पना मानव जैसे रूप में करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर्नाटक की वीरशैव परंपरा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वीरशैव आंदोलन का नेतृत्व बासवन्ना नामक एक ब्राह्मण ने किया, जो बारहवीं शताब्दी में कलचुरि शासक के दरबार में मंत्री थे। 2. वीरशैवों ने धर्मशास्त्रों द्वारा अनुमोदित वयस्क होने के बाद विवाह और विधवा पुनर्विवाह जैसी प्रथाओं को प्रोत्साहित किया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
बासवन्ना ने ही वीरशैव आंदोलन का नेतृत्व किया था, पर वीरशैवों ने वयस्क होने के बाद विवाह और विधवा पुनर्विवाह को इसलिए बढ़ावा दिया क्योंकि धर्मशास्त्र इन्हें मान्यता नहीं देते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसने मराठी समाचार पत्र 'केसरी' की स्थापना की?
- A.लोकमान्य तिलक
- B.वल्लभभाई पटेल
- C.लाला लाजपत राय
- D.महात्मा गांधी
उत्तर देखें
बाल गंगाधर तिलक ने गोपाल गणेश आगरकर और विष्णुशास्त्री चिपलूणकर के साथ 1881 में पुणे से मराठी में 'केसरी' शुरू किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मौर्य प्रशासन में उच्च पदों और संबंधित विभागों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
1. समाहर्ता : राजस्व का मुख्य संग्राहक
2. दौवारिक : सेना प्रमुख
3. अक्षपटल : अभिलेख-सह-लेखा परीक्षा अधिकारी
4. सन्निधाता : कोषाध्यक्ष
ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1, 3 और 4
- C.केवल 3 और 4
- D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
समाहर्ता राजस्व एकत्र करता था, अक्षपटल अभिलेख और लेखा रखता था और सन्निधाता कोषाध्यक्ष था, पर दौवारिक राजमहल और उसके सेवकों का प्रमुख था, सेना का नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →छठी शताब्दी ई.पू. के दौरान सबसे शक्तिशाली महाजनपद के रूप में मगध के उदय के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से कारक उत्तरदायी था/थे?
1. उपजाऊ कृषि वाला क्षेत्र
2. लौह खानों तक पहुंच
3. क्षेत्र में हाथियों की उपलब्धता
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
उपजाऊ भूमि, पास में लौह अयस्क और जंगली हाथियों की उपलब्धता ने मिलकर मगध को सोलह महाजनपदों में सबसे शक्तिशाली बनाया।
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