निम्नलिखित में से कौन-सा प्राचीन भारत में युद्ध के अस्त्र के रूप में धनुष (और बाण) को संदर्भित नहीं करता?
- A.शार्ङ्ग
- B.कुंत
- C.कोदंड
- D.कार्मुक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, कुंत। कुंत भाला या बरछी है, यानी भोंकने वाला हथियार, जबकि बाकी तीनों धनुष के संस्कृत नाम हैं।
प्राचीन भारतीय ग्रंथ, विशेषकर महाकाव्य और धनुर्वेद (धनुर्विद्या का शास्त्र), धनुष के लिए अनेक शब्द इस्तेमाल करते हैं और कई प्रसिद्ध धनुषों के अपने नाम हैं। धनुर्विद्या को युद्ध-कलाओं में सर्वोच्च माना गया और महाकाव्य नायकों को उनके धनुष से पहचानते हैं: अर्जुन का गांडीव, राम का कोदंड और विष्णु का शार्ङ्ग। इसके विपरीत कुंत हथियारों की सूचियों में शक्ति और तोमर के साथ आता है, जिसे पैदल और घुड़सवार सैनिक भाले के रूप में रखते थे।
विकल्प A गलत है, क्योंकि शार्ङ्ग विष्णु का धनुष है, इसीलिए उन्हें शार्ङ्गपाणि कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोदंड राम का धनुष है, इसीलिए वे कोदंडराम कहलाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कार्मुक धनुष का सामान्य संस्कृत पर्याय है जो अमरकोश में भी मिलता है।
Exam tip: विष्णु का शार्ङ्ग, राम का कोदंड, अर्जुन का गांडीव, शिव का पिनाक; कुंत भाला है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगांधीजी के दांडी मार्च के समय भारत का वायसराय कौन था?
- A.लॉर्ड इरविन
- B.लॉर्ड लिनलिथगो
- C.लॉर्ड रीडिंग
- D.लॉर्ड विलिंगडन
उत्तर देखें
वे 1926 से 1931 तक वायसराय रहे, और 1930 का दांडी मार्च इसी काल में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लाइंग शटल का आविष्कार निम्नलिखित में से किसने किया?
- A.जेम्स हरग्रीव्स
- B.जॉन के
- C.रिचर्ड आर्कराइट
- D.हम्फ्री डेवी
उत्तर देखें
उन्होंने 1733 में इंग्लैंड में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया। फ्लाइंग शटल से एक ही बुनकर डोरी खींचकर धागे को करघे के आर-पार भेज सकता था, इसलिए चौड़ा कपड़ा कहीं तेजी से बुना जाने लगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गांधीजी ने सत्याग्रह की तकनीकें सबसे पहले कहां विकसित कीं?
- A.इंग्लैंड
- B.दक्षिण अफ्रीका
- C.उत्तरी अफ्रीका
- D.भारत
उत्तर देखें
भारतीयों के विरुद्ध नस्लीय कानूनों से लड़ते हुए गांधीजी ने सत्याग्रह को वहीं पहली बार अपनाया और गढ़ा। गांधीजी 1893 में वकील के रूप में दक्षिण अफ्रीका गए और लगभग 21 वर्ष वहां रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में महात्मा गांधी की पहली प्रमुख सार्वजनिक उपस्थिति कहाँ थी?
- A.चंपारण (1917)
- B.खेड़ा (1918)
- C.बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का उद्घाटन (1916)
- D.रौलट सत्याग्रह (1919)
उत्तर देखें
भारत में गांधीजी की पहली प्रमुख सार्वजनिक उपस्थिति फ़रवरी 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उद्घाटन पर दिया गया उनका भाषण था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन जैन आचार्य नहीं था/थी?
- A.भद्रबाहु
- B.खेमा
- C.हरिभद्र
- D.सिद्धसेन दिवाकर
उत्तर देखें
खेमा एक बौद्ध भिक्षुणी थीं, जैन आचार्य नहीं; बाकी तीनों प्रसिद्ध जैन आचार्य हैं। खेमा मगध के राजा बिंबिसार की रानी थीं, जो बुद्ध की शिष्या बनकर भिक्षुणी संघ में शामिल हुईं।
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