निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता मापने वाले पैमाने को pH पैमाना कहते हैं
- B.किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता जितनी अधिक होगी, उसका pH उतना ही अधिक होगा
- C.pH पैमाने पर हम सामान्यतः 0 से 14 तक pH माप सकते हैं
- D.pH में 'p' जर्मन शब्द 'पोटेंज़' (potenz) को दर्शाता है, जिसका अर्थ शक्ति है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। हाइड्रोजन आयन सांद्रता बढ़ने पर pH बढ़ता नहीं, घटता है, इसलिए अधिक अम्लीय विलयन का pH कम होता है।
pH हाइड्रोजन आयन सांद्रता का ऋणात्मक लघुगणक है: pH = −log[H⁺]। ऋण चिह्न के कारण अधिक [H⁺] का अर्थ कम pH है, और pH में एक इकाई का अंतर सांद्रता में दस गुना अंतर बताता है। 25°C पर शुद्ध जल का pH 7 होता है, अम्लों का 7 से कम और क्षारकों का 7 से अधिक। यह पैमाना डेनमार्क के रसायनज्ञ एस. पी. एल. सोरेंसन ने 1909 में दिया था, और अक्षर p जर्मन शब्द पोटेंज़ से आया है, जिसका अर्थ शक्ति है।
A गलत है, क्योंकि pH पैमाना सचमुच हाइड्रोजन आयन सांद्रता मापता है, अतः यह कथन सही है।
C गलत है, क्योंकि pH सामान्यतः 0 (अत्यधिक अम्लीय) से 14 (अत्यधिक क्षारीय) तक मापा जाता है, अतः यह कथन सही है।
D गलत है, क्योंकि 'p' सचमुच पोटेंज़ यानी शक्ति को दर्शाता है, अतः यह कथन सही है।
Exam tip: pH = −log[H⁺]; अधिक H⁺, कम pH; एक pH इकाई = H⁺ में दस गुना अंतर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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