निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल शंख/सीपी की वस्तुएँ बनाने का विशिष्ट केंद्र था?
- A.लोथल
- B.बालाकोट
- C.आमरी
- D.कोट दीजी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, बालाकोट। गुजरात के नागेश्वर के साथ बालाकोट को शंख की वस्तुएँ बनाने का विशिष्ट केंद्र बताया जाता है। दोनों बस्तियाँ समुद्र तट के पास थीं, जहाँ शंख आसानी से मिल जाते थे, और वहाँ खुदाई में शंख का भारी कचरा, अधूरे टुकड़े और तैयार वस्तुएँ मिली हैं। कारीगर शंख से चूड़ियाँ, करछियाँ, जड़ाई के टुकड़े और अन्य वस्तुएँ बनाते थे, जिन्हें मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे बड़े नगरों सहित दूसरी हड़प्पा बस्तियों तक ले जाया जाता था। बालाकोट बलूचिस्तान के लास बेला क्षेत्र में अरब सागर तट के पास है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुजरात का लोथल अपने गोदीवाड़े और मनके बनाने तथा व्यापार के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, शंख के विशिष्ट केंद्र के रूप में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सिंध का आमरी अपने मृद्भांडों वाली प्रारंभिक, पूर्व-हड़प्पा बस्ती के रूप में जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिंध का कोट दीजी अपने किलेबंद प्रारंभिक हड़प्पा चरण के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: शंख के लिए नागेश्वर और बालाकोट, मनकों के लिए चन्हुदड़ो, गोदीवाड़े के लिए लोथल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगांधीजी के सत्याग्रह दर्शन पर आधारित निम्नलिखित में से किस संघर्ष में औद्योगिक श्रमिक वर्ग शामिल था?
- A.चंपारण
- B.खेड़ा
- C.अहमदाबाद
- D.बारदोली
उत्तर देखें
1918 की अहमदाबाद मिल हड़ताल औद्योगिक मजदूरों के लिए गांधीजी का सत्याग्रह था। सूती मिल मालिकों और मजदूरों के बीच प्लेग बोनस को लेकर विवाद हुआ, जिसे मालिक वापस लेना चाहते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्राचीन भारत के भारत-रोमन व्यापार के संदर्भ में, 'ऑरेई' शब्द किसे दर्शाता है?
- A.इत्र
- B.मदिरा
- C.काली मिर्च
- D.सिक्के
उत्तर देखें
ऑरेई (एकवचन ऑरियस) रोमन साम्राज्य के सोने के सिक्के थे, जो भारतीय वस्तुओं के बदले बड़ी संख्या में भारत आए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस यूरोपीय यात्री ने यह टिप्पणी की थी, "एक हिंदू स्त्री अकेले कहीं भी जा सकती है, सबसे भीड़ भरी जगहों पर भी, और उसे आवारा लोगों की अशिष्ट नजरों और फब्तियों का कभी डर नहीं होता"?
- A.फ्रांस्वा बर्नियर
- B.ज्यां-बैप्टिस्ट टैवर्नियर
- C.टॉमस रो
- D.एब्बे जे. ए. दुबॉय
उत्तर देखें
यह टिप्पणी फ्रांसीसी कैथोलिक मिशनरी एब्बे ज्यां-आंत्वान दुबॉय की है, जो 1792 से 1823 तक दक्षिण भारत में, अधिकतर मैसूर में, रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अकबर के दरबार के निम्नलिखित विद्वानों में से किसने भास्कराचार्य की लीलावती का फारसी में अनुवाद किया?
- A.अबुल फजल
- B.फैजी
- C.फतहुल्ला शीराजी
- D.अताउल्ला रशीदी
उत्तर देखें
अकबर के राजकवि और अबुल फजल के बड़े भाई फैजी ने 1587 में लीलावती का फारसी में अनुवाद किया। लीलावती गणितज्ञ भास्कराचार्य (भास्कर द्वितीय) द्वारा बारहवीं शताब्दी में लिखे सिद्धांत शिरोमणि का अंकगणित वाला भाग है, जिसमें संख्याएं, भिन्न, श्रेणियां और मापन आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अशोक के अभिलेख और उसके स्थान के कौन-से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
1. जौगढ़ : कर्नाटक
2. बहापुर : नई दिल्ली
3. राजुला-मंडगिरि : आंध्र प्रदेश
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 3
- D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
जौगढ़ ओडिशा में है, कर्नाटक में नहीं, इसलिए केवल युग्म 2 और 3 सही हैं। ओडिशा के गंजाम जिले का जौगढ़, धौली के साथ, उन दो स्थानों में है जहां अशोक के पृथक कलिंग अभिलेख मिलते हैं।
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