निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल वर्षा का मुख्य कारण है?
- A.सूर्य वायुमंडल की ऊपरी परत को गर्म करता है।
- B.जीवाश्म ईंधनों के जलने से वायुमंडल में कार्बन, नाइट्रोजन और सल्फ़र के ऑक्साइड मुक्त होते हैं।
- C.बादलों के आपसी घर्षण से विद्युत आवेश उत्पन्न होते हैं।
- D.पृथ्वी के वायुमंडल में अम्ल मौजूद हैं।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। कोयला, पेट्रोल और डीज़ल जलने से सल्फ़र और नाइट्रोजन (तथा कार्बन) के ऑक्साइड निकलते हैं, जो वर्षा के जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं।
ताप बिजलीघरों और धातु प्रगलन इकाइयों से निकली सल्फ़र डाइऑक्साइड सल्फ़्यूरिक अम्ल बनाती है, और वाहनों तथा भट्ठियों से निकले नाइट्रोजन ऑक्साइड नाइट्रिक अम्ल बनाते हैं। सामान्य वर्षा भी हल्की अम्लीय होती है, जिसका pH लगभग 5.6 होता है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल बनाती है; इससे कम pH वाली वर्षा को अम्ल वर्षा कहते हैं। यह जंगलों को नुकसान पहुँचाती है, झीलों को मछलियों के लिए अम्लीय बना देती है, मिट्टी के पोषक तत्व बहा ले जाती है और संगमरमर तथा धातुओं को गलाती है। ताजमहल के संगमरमर का पीलापन इसका प्रसिद्ध भारतीय उदाहरण है।
A गलत है: सूर्य से ऊपरी वायुमंडल का गर्म होना वर्षा को अम्लीय नहीं बनाता।
C गलत है: तड़ित से थोड़ी नाइट्रोजन स्थिर होती है, पर यह एक छोटा प्राकृतिक स्रोत है, मुख्य कारण नहीं।
D गलत है: वायुमंडल में अम्ल स्वाभाविक रूप से नहीं होते; वे प्रदूषक गैसों से बनते हैं।
परीक्षा टिप: अम्ल वर्षा = जीवाश्म ईंधन से SO₂ और NOₓ; pH 5.6 से कम; ताजमहल का "मार्बल कैंसर"।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित पर विचार कीजिए :
1. बैटरी भंडारण
2. बायोमास जनित्र
3. ईंधन सेल
4. छत पर लगी सौर फ़ोटोवोल्टिक इकाइयाँ
उपर्युक्त में से कितने "वितरित ऊर्जा संसाधन" (डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्सेज़) माने जाते हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.चारों
उत्तर देखें
बैटरी भंडारण, बायोमास जनित्र, ईंधन सेल और छत पर लगी सौर इकाइयाँ, सभी छोटे स्थानीय स्रोत हैं जो बिजली को उपयोग के स्थान के पास ही बनाते या संचित करते हैं, और यही वितरित ऊर्जा संसाधन हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किन्हीं कारणों से यदि तितलियों की प्रजातियों की संख्या में भारी गिरावट आ जाए, तो इसका संभावित परिणाम/कौन-से संभावित परिणाम क्या हो सकता/सकते है/हैं?
1. कुछ पौधों का परागण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है।
2. कुछ कृषि पौधों में कवक संक्रमणों में भारी वृद्धि हो सकती है।
3. इससे बर्रों, मकड़ियों और पक्षियों की कुछ प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तितलियाँ परागणकर्ता हैं और अनेक प्राणियों का भोजन भी, इसलिए उनकी कमी से परागण और उनके शिकारी दोनों प्रभावित होंगे; फ़सलों के कवक रोगों से इसका सीधा संबंध नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. शेरों का कोई विशेष प्रजनन काल नहीं होता।
2. अधिकांश अन्य बड़ी बिल्लियों के विपरीत, चीता दहाड़ता नहीं है।
3. नर शेरों के विपरीत, नर तेंदुए गंध-चिह्नन द्वारा अपने क्षेत्र की घोषणा नहीं करते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
शेर वर्ष के किसी भी समय प्रजनन करते हैं और चीता दहाड़ नहीं सकता, पर नर तेंदुए गंध से अपना क्षेत्र अवश्य चिह्नित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यानों में से कौन-सा एक पूर्णतः शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है?
- A.मानस राष्ट्रीय उद्यान
- B.नामदफा राष्ट्रीय उद्यान
- C.नियोरा घाटी राष्ट्रीय उद्यान
- D.फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में लगभग 3,200 से 6,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह उद्यान पूरी तरह शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित प्रकार के जीवों पर विचार कीजिए :
1. कोपेपोड
2. साइनोबैक्टीरिया
3. डायटम
4. फोरैमिनिफ़ेरा
उपर्युक्त में से कौन-से महासागरों की खाद्य शृंखलाओं में प्राथमिक उत्पादक हैं?
- A.1 और 2
- B.2 और 3
- C.3 और 4
- D.1 और 4
उत्तर देखें
साइनोबैक्टीरिया और डायटम प्रकाश-संश्लेषण करते हैं, इसलिए वे पादप-प्लवक हैं, जो महासागरीय खाद्य शृंखलाओं के आधार पर प्राथमिक उत्पादक हैं।
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