निम्नलिखित में से ग्रहों के किस समूह को 'गैसीय ग्रह' कहा जाता है, क्योंकि वे मुख्यतः हल्की बर्फ़, द्रवों और गैसों से बने हैं ?
- A.मंगल, बृहस्पति, नेपच्यून, यूरेनस
- B.बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, शनि
- C.शनि, मंगल, बृहस्पति, नेपच्यून
- D.नेपच्यून, शनि, मंगल, यूरेनस
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, शनि। ये चार बाहरी ग्रह गैसीय या जोवियन ग्रह हैं, जो चट्टान की बजाय मुख्यतः हाइड्रोजन, हीलियम, बर्फ़ और द्रवों से बने हैं। आठ ग्रह दो समूहों में बँटते हैं। भीतरी या पार्थिव ग्रह, बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल, छोटे, सघन और चट्टानी हैं और इनकी ठोस सतह है। क्षुद्रग्रह पट्टी के बाहर विशाल ग्रह हैं, जो बहुत बड़े, कम घनत्व वाले, ठोस सतह से रहित, घने वायुमंडल, अनेक उपग्रहों और वलयों वाले हैं। बृहस्पति और शनि मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम से बने गैस दानव हैं; यूरेनस और नेपच्यून में पानी, अमोनिया और मीथेन की बर्फ़ अधिक है, इसलिए इन्हें कभी-कभी हिम दानव कहते हैं। शनि इतना हल्का है कि पानी पर तैर सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें चट्टानी पार्थिव ग्रह मंगल शामिल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें भी यूरेनस की जगह मंगल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें मंगल है और सबसे बड़ा गैसीय ग्रह बृहस्पति छूट गया है। परीक्षा टिप: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल चट्टानी; बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेपच्यून गैसीय जोवियन ग्रह।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत और बांग्लादेश के बीच भूमि सीमा समझौता संधि (2015) से निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य प्रभावित नहीं हुआ था?
- A.पश्चिम बंगाल
- B.असम
- C.त्रिपुरा
- D.अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें
अरुणाचल प्रदेश की सीमा बांग्लादेश से नहीं लगती, इसलिए 2015 के भूमि सीमा समझौते का उस पर कोई असर नहीं पड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की लैटेराइट मृदा में निम्नलिखित में से कौन-सा पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है?
- A.कैल्शियम
- B.फॉस्फेट
- C.पोटाश
- D.नाइट्रोजन
उत्तर देखें
भारत की लैटेराइट मृदा में जैव पदार्थ, नाइट्रोजन, फॉस्फेट और कैल्शियम की कमी होती है, जबकि लौह ऑक्साइड और पोटाश अधिक मात्रा में होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पृथ्वी की भूपर्पटी की अधिक गहराई में ठंडा होकर बड़े गुंबदों के रूप में विकसित होने वाला मैग्मा का विशाल पिंड क्या कहलाता है?
- A.बैथोलिथ
- B.लैकोलिथ
- C.लोपोलिथ
- D.फैकोलिथ
उत्तर देखें
बैथोलिथ मैग्मा का विशाल पिंड है जो भूपर्पटी के भीतर गहराई में ठंडा होकर, प्रायः ग्रेनाइट के रूप में, कठोर हो जाता है और बड़े गुंबदों का आकार लेता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निसर्ग, गति, निवार, तौकते और यास किसके नाम हैं?
- A.नए लड़ाकू विमान
- B.पर्यटन स्थल
- C.मौसम केंद्र
- D.चक्रवात
उत्तर देखें
ये पाँचों उत्तर हिंद महासागर के उष्णकटिबंधीय चक्रवात हैं, जिनके नाम WMO/ESCAP उष्णकटिबंधीय चक्रवात पैनल की सूची से रखे गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी पृथ्वी के सबसे भीतरी भाग में पाई जाती है?
- A.कोनराड असांतत्य
- B.मोहो असांतत्य
- C.गुटेनबर्ग असांतत्य
- D.लेहमैन असांतत्य
उत्तर देखें
यह लगभग 5,150 किमी की गहराई पर तरल बाहरी कोर को ठोस आंतरिक कोर से अलग करती है, इसलिए चारों में यह सबसे गहरी सीमा है।
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