निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कथन-I : कार्बन बाज़ार जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में सबसे व्यापक साधनों में से एक होने की संभावना रखते हैं। कथन-II : कार्बन बाज़ार निजी क्षेत्र से राज्य की ओर संसाधनों का हस्तांतरण करते हैं। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है। कार्बन बाज़ार जलवायु से निपटने का प्रमुख साधन हैं, पर वे धन को उत्सर्जकों और उत्सर्जन घटाने वालों के बीच घुमाते हैं, निजी क्षेत्र से राज्य की ओर नहीं।
कार्बन बाज़ार ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर कीमत लगाता है। अनुपालन बाज़ार में, जैसे यूरोपीय संघ की उत्सर्जन व्यापार प्रणाली, सरकार एक सीमा तय करती है और कंपनियाँ उत्सर्जन परमिटों का व्यापार करती हैं; जो कंपनी सस्ते में उत्सर्जन घटा ले, वह अपने बचे परमिट उस कंपनी को बेच सकती है जो ऐसा नहीं कर पाती। स्वैच्छिक बाज़ार में कंपनियाँ वन या नवीकरणीय ऊर्जा जैसी उत्सर्जन रोकने या हटाने वाली परियोजनाओं से कार्बन क्रेडिट खरीदती हैं। पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 देशों को ऐसी कटौतियों के व्यापार की अनुमति देता है, और भारत ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अपनी कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना बनाई है। यह व्यापार मुख्यतः निजी से निजी होता है, इसलिए राज्य वाली बात गलत है।
A और B गलत हैं, क्योंकि दोनों कथन-II को सही मानते हैं।
D गलत है, क्योंकि कथन-I सही है।
परीक्षा टिप: कार्बन बाज़ार = कैप एंड ट्रेड या क्रेडिट; खरीदार-विक्रेता मुख्यतः उत्सर्जक और परियोजनाएँ; पेरिस समझौता अनुच्छेद 6।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित पर विचार कीजिए :
1. बैटरी भंडारण
2. बायोमास जनित्र
3. ईंधन सेल
4. छत पर लगी सौर फ़ोटोवोल्टिक इकाइयाँ
उपर्युक्त में से कितने "वितरित ऊर्जा संसाधन" (डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्सेज़) माने जाते हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.चारों
उत्तर देखें
बैटरी भंडारण, बायोमास जनित्र, ईंधन सेल और छत पर लगी सौर इकाइयाँ, सभी छोटे स्थानीय स्रोत हैं जो बिजली को उपयोग के स्थान के पास ही बनाते या संचित करते हैं, और यही वितरित ऊर्जा संसाधन हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किन्हीं कारणों से यदि तितलियों की प्रजातियों की संख्या में भारी गिरावट आ जाए, तो इसका संभावित परिणाम/कौन-से संभावित परिणाम क्या हो सकता/सकते है/हैं?
1. कुछ पौधों का परागण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है।
2. कुछ कृषि पौधों में कवक संक्रमणों में भारी वृद्धि हो सकती है।
3. इससे बर्रों, मकड़ियों और पक्षियों की कुछ प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तितलियाँ परागणकर्ता हैं और अनेक प्राणियों का भोजन भी, इसलिए उनकी कमी से परागण और उनके शिकारी दोनों प्रभावित होंगे; फ़सलों के कवक रोगों से इसका सीधा संबंध नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. शेरों का कोई विशेष प्रजनन काल नहीं होता।
2. अधिकांश अन्य बड़ी बिल्लियों के विपरीत, चीता दहाड़ता नहीं है।
3. नर शेरों के विपरीत, नर तेंदुए गंध-चिह्नन द्वारा अपने क्षेत्र की घोषणा नहीं करते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
शेर वर्ष के किसी भी समय प्रजनन करते हैं और चीता दहाड़ नहीं सकता, पर नर तेंदुए गंध से अपना क्षेत्र अवश्य चिह्नित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यानों में से कौन-सा एक पूर्णतः शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है?
- A.मानस राष्ट्रीय उद्यान
- B.नामदफा राष्ट्रीय उद्यान
- C.नियोरा घाटी राष्ट्रीय उद्यान
- D.फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में लगभग 3,200 से 6,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह उद्यान पूरी तरह शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित प्रकार के जीवों पर विचार कीजिए :
1. कोपेपोड
2. साइनोबैक्टीरिया
3. डायटम
4. फोरैमिनिफ़ेरा
उपर्युक्त में से कौन-से महासागरों की खाद्य शृंखलाओं में प्राथमिक उत्पादक हैं?
- A.1 और 2
- B.2 और 3
- C.3 और 4
- D.1 और 4
उत्तर देखें
साइनोबैक्टीरिया और डायटम प्रकाश-संश्लेषण करते हैं, इसलिए वे पादप-प्लवक हैं, जो महासागरीय खाद्य शृंखलाओं के आधार पर प्राथमिक उत्पादक हैं।
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