निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भावी माता-पिता की अंडाणु या शुक्राणु बनाने वाली कोशिकाओं में आनुवंशिक परिवर्तन किए जा सकते हैं। 2. किसी व्यक्ति के जीनोम को जन्म से पहले प्रारंभिक भ्रूणीय अवस्था में संपादित किया जा सकता है। 3. मानव प्रेरित बहुशक्त स्टेम कोशिकाओं को सूअर के भ्रूण में प्रविष्ट कराया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 2
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। आज की जीन-संपादन और स्टेम कोशिका तकनीकों से तीनों प्रक्रियाएँ तकनीकी रूप से संभव हैं।
जनन-कोशिकाओं, यानी अंडाणु या शुक्राणु बनाने वाली कोशिकाओं, में किए गए परिवर्तन अगली पीढ़ी तक पहुँचते हैं, और CRISPR-Cas9 जैसे उपकरण ऐसे बदलाव कर सकते हैं। प्रारंभिक मानव भ्रूण का संपादन भी किया जा चुका है: 2018 में एक चीनी वैज्ञानिक ने उन जुड़वाँ बच्चियों के जन्म की घोषणा की जिनके जीन भ्रूण अवस्था में बदले गए थे; इसकी विश्वभर में आलोचना हुई और अधिकांश देशों में यह प्रतिबंधित है। प्रेरित बहुशक्त स्टेम कोशिकाएँ वयस्क कोशिकाओं को पुनः प्रोग्राम करके भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं जैसा बनाई जाती हैं; 2017 में शोधकर्ताओं ने मानव iPSC को सूअर के भ्रूण में डालकर प्रारंभिक मानव-सूअर काइमेरा बनाए, जो पशुओं में मानव अंग उगाने की दिशा में एक कदम है।
A गलत है: कथन 2 और 3 भी सही हैं।
B गलत है: कथन 1 भी सही है।
C गलत है: कथन 1 और 3 भी सही हैं।
परीक्षा टिप: जनन-कोशिका संपादन वंशानुगत होता है; मुख्य उपकरण CRISPR-Cas9; मानव-सूअर काइमेरा में मानव iPSC प्रयुक्त।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकार्बनिक प्रकाश उत्सर्जक डायोड (OLED) का प्रयोग अनेक उपकरणों में डिजिटल डिस्प्ले बनाने में होता है। लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले की तुलना में OLED डिस्प्ले के क्या लाभ हैं? 1. OLED डिस्प्ले को लचीले प्लास्टिक आधार पर बनाया जा सकता है। 2. OLED के प्रयोग से कपड़ों में लगे, लपेटे जा सकने वाले डिस्प्ले बनाए जा सकते हैं। 3. OLED के प्रयोग से पारदर्शी डिस्प्ले संभव हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.1, 2 और 3
- D.उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है
उत्तर देखें
तीनों OLED के वास्तविक लाभ हैं, और ये इस तथ्य से निकलते हैं कि OLED का हर पिक्सेल अपना प्रकाश स्वयं बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत 'अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर (ITER)' का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो भारत को तात्कालिक लाभ क्या होगा?
- A.यह विद्युत उत्पादन के लिए यूरेनियम के स्थान पर थोरियम का प्रयोग कर सकता है
- B.यह उपग्रह नौवहन में वैश्विक भूमिका प्राप्त कर सकता है
- C.यह विद्युत उत्पादन में अपने विखंडन रिएक्टरों की दक्षता में भारी सुधार कर सकता है
- D.यह विद्युत उत्पादन के लिए संलयन रिएक्टर बना सकता है
उत्तर देखें
ITER यह सिद्ध करने का प्रयोग है कि नाभिकीय संलयन बड़े पैमाने पर ऊर्जा का स्रोत बन सकता है, और इसकी तकनीक सभी सदस्यों के साथ साझा होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. ये भौतिक परिसंपत्तियों के डिजिटल निरूपण को संभव बनाते हैं। 2. ये अद्वितीय क्रिप्टोग्राफिक टोकन हैं जो ब्लॉकचेन पर मौजूद होते हैं। 3. इनका समतुल्यता पर व्यापार या विनिमय किया जा सकता है और इसलिए इन्हें वाणिज्यिक लेन-देन के माध्यम के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
NFT ब्लॉकचेन पर दर्ज अद्वितीय टोकन हैं जो किसी परिसंपत्ति का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, पर नॉन-फंजिबल होने के कारण इन्हें पैसे की तरह एक के बदले एक नहीं बदला जा सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : समाचारों में कभी-कभी दिखने वाले शब्द — संदर्भ/विषय 1. बेल II प्रयोग — कृत्रिम बुद्धि 2. ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी — डिजिटल/क्रिप्टोकरेंसी 3. CRISPR-Cas9 — कण भौतिकी उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
केवल ब्लॉकचेन अपने सही क्षेत्र से सुमेलित है। बेल II जापान के त्सुकुबा में सुपरKEKB इलेक्ट्रॉन-पॉज़िट्रॉन संघट्टक पर चलने वाला कण भौतिकी का प्रयोग है; यह मानक मॉडल से आगे की भौतिकी खोजने के लिए B मेसॉन का अध्ययन करता है, और TIFR जैसे भारतीय संस्थान इसमें भाग लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में विकसित आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों (GM सरसों) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. GM सरसों में मृदा जीवाणु के जीन हैं, जो पौधे को अनेक प्रकार के पीड़कों के प्रति पीड़क-प्रतिरोध का गुण देते हैं। 2. GM सरसों में वे जीन हैं, जो पौधे में पर-परागण और संकरण संभव बनाते हैं। 3. GM सरसों को IARI और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
भारत की GM सरसों, धारा मस्टर्ड हाइब्रिड-11 (DMH-11), संकर बीज उत्पादन के लिए बनाई गई है, पीड़क-प्रतिरोध के लिए नहीं।
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