नवंबर 2026 की आयुष्मान भारत समीक्षा बैठक में प्रस्तुत 'बोध' (BODH) मंच किस काम के लिए है?
- A.अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच दावों का निपटान
- B.भारतीय डेटासेट पर स्वास्थ्य एआई मॉडलों की बेंचमार्किंग
- C.अस्पताल दावों में धोखाधड़ी पकड़ना
- D.आभा स्वास्थ्य खाते बनाना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है भारतीय डेटासेट पर स्वास्थ्य एआई मॉडलों की बेंचमार्किंग। बोध का पूरा नाम बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म फॉर हेल्थ एआई है। इसे आईआईएससी बेंगलुरु के टीएएनयूएच से जुड़े प्रो. फणींद्र यलावर्ती ने 5–6 नवंबर 2026 को कोलकाता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया। राज्यों से कहा गया कि किसी एआई समाधान को अपनाने से पहले वे इस मंच पर उसकी क्षमता परखें और अपनी खरीद प्रक्रिया में बोध आधारित बेंचमार्किंग को शामिल करें। विकल्प A में बताया गया दावों का निपटान राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) का काम है, जिसकी बैठक में अलग से समीक्षा हुई, इसलिए यह गलत है। विकल्प C का धोखाधड़ी पकड़ना राष्ट्रीय धोखाधड़ी-रोधी इकाई (एनएएफयू) से जुड़ा है, जिस पर अलग सत्र हुआ। विकल्प D का आभा खाता बनाना सैंडबॉक्स 2.0 के प्रदर्शन में दिखाया गया था। इसलिए केवल विकल्प B ही बोध का सही वर्णन है।
पूरा लेख पढ़ें: आयुष्मान भारत समीक्षा: पश्चिम बंगाल पीएम-जेएवाई से जुड़ा 36वां राज्य
अभ्यास प्रश्न
कौन-सा राज्य 16 अगस्त 2026 को योजना शुरू कर आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ने वाला 36वां राज्य बना?
- A.ओडिशा
- B.दिल्ली
- C.पश्चिम बंगाल
- D.तमिलनाडु
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5–6 नवंबर 2026 को कोलकाता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने बताया कि राज्य इस योजना से जुड़ने वाला 36वां राज्य बना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →5–6 नवंबर 2026 को आयुष्मान भारत-पीएम-जेएवाई और एबीडीएम पर दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक कहां हुई?
- A.नई दिल्ली
- B.कोलकाता
- C.चेन्नई
- D.अगरतला
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 5–6 नवंबर 2026 को कोलकाता में यह दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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