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GK24
भारतीय इतिहासआसानपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 3

मुगल दरबार के इतिहास ग्रंथ किस भाषा में लिखे गए थे?

  1. A.संस्कृत
  2. B.हिंदी
  3. C.उर्दू
  4. D.फारसी

सही उत्तर

D. फारसी

व्याख्या

सही उत्तर है D, फारसी। फारसी मुगल दरबार और उसके अभिलेखों की भाषा थी, और अकबर ने 1582 में इसे प्रशासन की राजभाषा बनाया। इसलिए सम्राटों के लिए लिखे गए इतिहास ग्रंथ फारसी में ही हैं - अबुल फज़ल का अकबरनामा, जिसका तीसरा भाग आईन-ए-अकबरी है, गुलबदन बेगम का हुमायूँनामा, जहाँगीर का अपना तुज़ुक-ए-जहाँगीरी और शाहजहाँ के लिए अब्दुल हमीद लाहौरी का पादशाहनामा। बाबर ने अपने संस्मरण तुज़ुक-ए-बाबरी चग़ताई तुर्की में लिखे थे, जिनका अकबर ने फारसी में बाबरनामा नाम से अनुवाद कराया। फारसी ने दिल्ली की स्थानीय बोली से भी बहुत कुछ लिया और इसी मेल से आगे चलकर उर्दू भाषा बनी। विकल्प A गलत है, क्योंकि अकबर के मकतबखाना में संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद होता था, उल्टा नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हिंदी कविता और क्षेत्रों में चलती थी, दरबारी अभिलेखों में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि उर्दू बाद में बनी और कभी मुगल कार्यालयी भाषा नहीं रही। परीक्षा टिप: अकबरनामा, पादशाहनामा और आईन-ए-अकबरी फारसी में; बाबरनामा मूलतः तुर्की में।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 21 March, 2023, Shift 2मध्यम

______ के पिट्स इंडिया एक्ट ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के वाणिज्यिक और राजनीतिक कार्यों के बीच भेद किया।

  1. A.1818
  2. B.1792
  3. C.1784
  4. D.1802
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1784

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1784। पिट्स इंडिया एक्ट ब्रिटिश संसद ने 1784 में पारित किया, जिसका नाम प्रधानमंत्री विलियम पिट (छोटे) के नाम पर पड़ा, और इसने ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक कार्यों को उसके राजनीतिक कार्यों से अलग कर दिया। व्यापार निदेशक मंडल के पास रहा, जबकि भारत के असैनिक, सैनिक और राजस्व मामलों की जिम्मेदारी छह सदस्यों वाले नियंत्रण बोर्ड को दी गई, जो ब्रिटिश सरकार के प्रति उत्तरदायी था। यहीं से कंपनी और ब्रिटिश ताज की द्वैध शासन व्यवस्था शुरू हुई, जो 1858 के भारत शासन अधिनियम तक चली, और पहली बार 'भारत में ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र' शब्द का प्रयोग हुआ। इस अधिनियम ने 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट की कमियों को दूर किया, जिसने वॉरेन हेस्टिंग्स को बंगाल का गवर्नर-जनरल बनाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1818 में तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1792 में ऐसा कोई अधिनियम नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1802 बसीन की संधि का वर्ष है। परीक्षा टिप: रेग्युलेटिंग एक्ट 1773, फिर पिट्स इंडिया एक्ट 1784 - नियंत्रण बोर्ड और द्वैध शासन।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

रजिया को दिल्ली सल्तनत की गद्दी से किस वर्ष हटाया गया था?

  1. A.1244
  2. B.1240
  3. C.1238
  4. D.1236
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1240

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1240। रजिया सुल्तान को 1240 में दिल्ली की गद्दी से हटाया गया और उसी वर्ष उनकी हत्या कर दी गई। वे इल्तुतमिश की पुत्री थीं, जिन्होंने अपने पुत्रों के स्थान पर उन्हें उत्तराधिकारी बनाया था, और उन्होंने 1236 से 1240 तक शासन किया। दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाली वे एकमात्र महिला थीं। उन्होंने पर्दा त्याग दिया, पुरुषों के वस्त्रों में दरबार किया और स्वयं युद्ध में गईं; उन्होंने अबीसीनियाई अमीर जमालुद्दीन याकूत को ऊंचा पद दिया, जो तुर्की सरदारों के दल चालीसा को स्वीकार नहीं हुआ। भटिंडा के सूबेदार अल्तूनिया ने विद्रोह किया; रजिया ने उससे विवाह कर लिया, किंतु दोनों उनके भाई बहराम शाह के समर्थकों से पराजित होकर कैथल के पास मारे गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1244 अलाउद्दीन मसूद शाह के शासनकाल में आता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1238 उनके शासन के बीच का वर्ष है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1236 में वे गद्दी पर बैठी थीं। परीक्षा टिप: रजिया का शासन 1236-1240; पतन का कारण तुर्की सरदारों का दल चालीसा।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 March 2018, Shift 1आसान

जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण मूल सिद्धांत किसे माना जाता है?

  1. A.कर्म
  2. B.अहिंसा
  3. C.विराग
  4. D.निष्ठा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अहिंसा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अहिंसा। अहिंसा जैन धर्म का पहला और सबसे बड़ा व्रत है, और जैन जीवन के शेष सभी नियम इसी से निकलते हैं - यहां तक कि जैन मुनि मुखवस्त्रिका और कोमल रजोहरण इसलिए रखते हैं कि छोटे से छोटे जीव को हानि न पहुंचे। चौबीसवें तीर्थंकर महावीर ने पांच व्रत बताए: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य। तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ पहले चार व्रत सिखा चुके थे; महावीर ने ब्रह्मचर्य जोड़ा। जैन धर्म के तीन रत्न हैं - सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्म आत्मा के बंधन की व्याख्या करता है और अन्य भारतीय धर्मों में भी है, इसलिए वह आचरण का प्रमुख नियम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विराग व्रतों के पालन का परिणाम है, उनसे ऊपर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि निष्ठा जैन व्रतों में आती ही नहीं। परीक्षा टिप: महावीर के पांच व्रत - अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य।