मिशन पोषण 2.0 किस मंत्रालय के अधीन संचालित है?
- A.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- C.महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- D.शिक्षा मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय है। मिशन पोषण 2.0 देश का एकीकृत राष्ट्रीय पोषण मिशन है, जिसे केंद्रीय बजट 2021-22 में इसी मंत्रालय के अधीन लाया गया, और यह पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाएं यानी एकीकृत बाल विकास सेवाएं तथा किशोरियों के लिए योजना को एक ढांचे में समेटता है। विकल्प A स्वाभाविक अनुमान है, क्योंकि कुपोषण सार्वजनिक स्वास्थ्य की समस्या है और स्वास्थ्य मंत्रालय पोषण से जुड़ी सेवाएं चलाता है, परंतु यह मिशन उसके अधीन नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय आजीविका और ग्रामीण अवसंरचना देखता है। विकल्प D गलत है, यद्यपि इस संस्करण में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के संबंध पर जोर है। यह भी याद रखें कि पोषण अभियान मार्च 2018 में बहु-मंत्रालयी मिशन के रूप में शुरू हुआ था।
पूरा लेख पढ़ें: नौवां राष्ट्रीय पोषण माह वाराणसी से शुरू होगा
अभ्यास प्रश्न
नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का विषय क्या है?
- A.सही पोषण देश रोशन
- B.हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी
- C.पोषण भी पढ़ाई भी
- D.सुपोषित भारत सक्षम भारत
उत्तर देखें
यही उस पोषण माह का केंद्रीय विषय है जो 9 सितंबर 2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष केंद्र से शुरू होगा, और यह हर नागरिक से आंगनवाड़ी केंद्र का साझा स्वामित्व लेने का आह्वान करता है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा चाइल्डकेयर नेटवर्क बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नौवें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत किस शहर से होगी?
- A.लखनऊ
- B.वाराणसी
- C.प्रयागराज
- D.नई दिल्ली
उत्तर देखें
यह अभियान 9 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के इसी शहर में स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर से शुरू होगा, और स्थान का नाम भी याद रखने योग्य है, क्योंकि प्रश्नपत्र में सम्मेलन केंद्रों के नाम पूछे जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
उत्तर देखें
पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →