मनुष्यों में तंत्रिका कोशिकाओं के बीच सिनैप्स को पार करने वाले कुछ रसायन कहाँ से मुक्त होते हैं?
- A.तंत्रिका कोशिका के कोशिका काय से
- B.तंत्रिका कोशिका के केंद्रक से
- C.तंत्रिका कोशिका के तंत्रिका सिरों से
- D.तंत्रिका कोशिका के तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन) से
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, तंत्रिका कोशिका के तंत्रिका सिरों से। न्यूरोट्रांसमीटर कहलाने वाले रासायनिक संदेशवाहक तंत्रिकाक्ष के सिरों, यानी तंत्रिका सिरों, से सिनैप्स में छोड़े जाते हैं।
तंत्रिका आवेग वृक्षिकाओं (डेंड्राइट) से कोशिका काय होते हुए तंत्रिकाक्ष के साथ विद्युत संकेत के रूप में चलता है। जब यह तंत्रिकाक्ष के शाखित सिरों तक पहुँचता है, तो छोटी पुटिकाएँ एसिटाइलकोलीन या डोपामिन जैसे रसायन सूक्ष्म अंतराल, यानी सिनैप्स, में छोड़ देती हैं। ये अंतराल पार करके अगले न्यूरॉन की वृक्षिकाओं से जुड़ते हैं और नया आवेग शुरू करते हैं। इसी कारण सिनैप्स पर संकेत केवल एक दिशा में जाता है।
A गलत है: कोशिका काय में केंद्रक होता है और वह कोशिका को जीवित रखता है, पर सिनैप्स में रसायन नहीं छोड़ता।
B गलत है: केंद्रक कोशिका की गतिविधियाँ नियंत्रित करता है, रसायन छोड़ने का स्थान नहीं है।
D गलत है: तंत्रिकाक्ष आवेग को विद्युत संकेत के रूप में ले जाता है; रसायन केवल उसके सिरों से निकलते हैं।
परीक्षा टिप: वृक्षिका → कोशिका काय → तंत्रिकाक्ष → तंत्रिका सिरा → सिनैप्स (रासायनिक)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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