मनुष्य के पश्चमस्तिष्क द्वारा नियंत्रित कार्यों की पहचान कीजिए
- A.रक्तचाप, लार आना, वमन आदि जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ
- B.ग्राही अंगों से संवेदी आवेग प्राप्त करने वाले क्षेत्रों का नियंत्रण
- C.ऐच्छिक पेशियों की गति का नियंत्रण
- D.भूख लगने या पेट भरा होने की अनुभूति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, रक्तचाप, लार आना, वमन आदि जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ। इन्हें मेडुला ऑब्लांगेटा नियंत्रित करता है, जो पश्चमस्तिष्क का भाग है।
मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं: अग्रमस्तिष्क, मध्यमस्तिष्क और पश्चमस्तिष्क। पश्चमस्तिष्क में पोंस, मेडुला और अनुमस्तिष्क (सेरिबेलम) आते हैं। मेडुला हृदय की धड़कन, रक्तचाप, साँस, लार आना, खाँसी और वमन जैसी अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जबकि अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन और मुद्रा बनाए रखता है और ऐच्छिक गतियों को सटीक बनाता है। अग्रमस्तिष्क, मुख्यतः प्रमस्तिष्क, सोचने वाला भाग है: इसमें संवेदी आवेग प्राप्त करने वाले क्षेत्र, ऐच्छिक पेशियों को आदेश भेजने वाले क्षेत्र और भूख का केंद्र होता है।
B गलत है, क्योंकि ग्राहियों से आवेग पाने वाले संवेदी क्षेत्र अग्रमस्तिष्क के प्रमस्तिष्क में हैं। C गलत है, क्योंकि ऐच्छिक पेशियों को चलाने के आदेश प्रमस्तिष्क के प्रेरक क्षेत्रों से शुरू होते हैं। D गलत है, क्योंकि भूख और तृप्ति का अनुभव अग्रमस्तिष्क के हाइपोथैलेमस में स्थित केंद्र से होता है।
Exam tip: मेडुला अनैच्छिक क्रियाएँ, अनुमस्तिष्क संतुलन, प्रमस्तिष्क सोच, संवेदना और ऐच्छिक क्रियाएँ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
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