महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के 75वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कौन शामिल हुए?
- A.प्रधानमंत्री
- B.भारत की राष्ट्रपति
- C.उपराष्ट्रपति
- D.केंद्रीय शिक्षा मंत्री
सही उत्तर
B. भारत की राष्ट्रपति
व्याख्या
सही उत्तर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु हैं। वे गुजरात के वडोदरा में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के 75वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होगी जब उससे देश और समाज को लाभ पहुंचे। विकल्प क यानी प्रधानमंत्री गलत है, क्योंकि यह विज्ञप्ति राष्ट्रपति सचिवालय की है और इसमें अतिथि के रूप में केवल राष्ट्रपति का उल्लेख है। विकल्प ग यानी उपराष्ट्रपति दीक्षांत समारोह से जुड़े प्रश्नों में अक्सर भ्रमित करने वाला विकल्प होता है, क्योंकि वे भी ऐसे आयोजनों में जाते हैं, पर इस समारोह में ऐसा नहीं था। विकल्प घ यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री का नाम भी इस विज्ञप्ति में नहीं है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने बहुविषयक दृष्टिकोण पर बल दिया।
पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रपति मुर्मु वडोदरा में 75वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल
अभ्यास प्रश्न
महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, जिसका 75वां दीक्षांत समारोह सितंबर 2026 में हुआ, किस शहर में है?
- A.अहमदाबाद
- B.सूरत
- C.वडोदरा
- D.राजकोट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वडोदरा
व्याख्या
सही उत्तर वडोदरा है, जो गुजरात में स्थित है। राष्ट्रपति इसी शहर में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के 75वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। विश्वविद्यालय का नाम बड़ौदा रियासत के शासक के नाम पर है और बड़ौदा वडोदरा का ही पुराना नाम है, यही संबंध इस प्रश्न में वास्तव में परखा जाता है। विकल्प क यानी अहमदाबाद, विकल्प ख यानी सूरत और विकल्प घ यानी राजकोट गुजरात के अन्य बड़े शहर हैं और वहां अपने विश्वविद्यालय भी हैं, पर यह संस्थान उनमें से किसी शहर में नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय 75 वर्षों से ज्ञान की अनेक धाराओं को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है और ऐसे संस्थानों को इसी दिशा में सजग तथा गतिशील बने रहना चाहिए।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विकसित भारत बनाने का राष्ट्रीय लक्ष्य किस वर्ष तक बताया?
- A.2030
- B.2035
- C.2040
- D.2047
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2047
व्याख्या
सही उत्तर 2047 है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश इसी वर्ष तक विकसित भारत बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है, जो स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने का वर्ष है। उन्होंने ऐसे भारत की तस्वीर रखी जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सभी तक पहुंचें, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग मानव कल्याण के लिए हो, अवसरों में समानता हो, महिलाओं तथा युवाओं की पूरी क्षमता का उपयोग हो और हर नागरिक सम्मान के साथ जीवन जी सके। उन्होंने यह भी कहा कि इन लक्ष्यों को पाने में विश्वविद्यालयों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विकल्प क, ख और ग ऐसे वर्ष हैं जो कभी-कभी ऊर्जा या जलवायु से जुड़े दूसरे लक्ष्यों के साथ आते हैं, पर विकसित भारत का लक्ष्य स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष से जुड़ा है।
संशोधित ई-कॉमर्स नियमावली किस अधिनियम के तहत बनाई गई है?
- A.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
- B.प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002
- C.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
- D.विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
व्याख्या
सही उत्तर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अधिसूचित की गई थी और वह ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार प्रणालियों से उपभोक्ताओं की रक्षा का ढांचा देती है; 2026 का संशोधन उसी ढांचे को और मजबूत करता है। बाकी तीनों विकल्प असली कानून हैं, जिन्हें अभ्यर्थी ऑनलाइन कारोबार से जोड़कर देख सकता है, लेकिन इस विज्ञप्ति में इनमें से किसी का नाम नहीं है और नियमावली का श्रेय इन्हें देना गलत होगा। याद रखने लायक कड़ी एक पंक्ति में इस तरह है: 2019 का अधिनियम मूल है, उसके नीचे 2020 की नियमावली आती है, 2026 की संशोधन नियमावली उसमें बदलाव करती है और पूरा पैकेज 2027 के पहले दिन से प्रभावी होगा। यह भी याद रखें कि यहां नामित प्राधिकरण उपभोक्ता मामले विभाग है।
नई नियमावली के अनुसार पूर्व मूल्य घोषणा से पहले कितने दिनों की सबसे कम कीमत होती है?
- A.15 दिन
- B.30 दिन
- C.45 दिन
- D.90 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 30 दिन
व्याख्या
सही उत्तर 30 दिन है। संशोधित नियमावली में प्रावधान है कि जब मूल्य में कमी की घोषणा की जाए तो घटी हुई कीमत और पूर्व मूल्य दोनों दिखाने होंगे, और पूर्व मूल्य की परिभाषा यह है कि घोषणा से पहले के तीस दिनों में जिस सबसे कम कीमत पर वस्तु या सेवा दी गई थी। इस प्रावधान का उद्देश्य उस पुरानी चाल को रोकना है जिसमें कीमत चुपचाप बढ़ाकर फिर बढ़ी हुई कीमत से छूट का विज्ञापन दिया जाता है, क्योंकि अब तुलना का आधार विक्रेता की चुनी हुई कोई कीमत नहीं, बल्कि एक निश्चित अवधि की सबसे कम कीमत है। बाकी विकल्पों में दी गई अवधियां विज्ञप्ति में कहीं नहीं आतीं। इस प्रावधान को उसी सूची के पड़ोसी प्रावधानों के साथ याद रखें, यानी खोज परिणामों में भ्रामक फेरबदल पर रोक और प्रायोजित लिस्टिंग की स्पष्ट घोषणा।
उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 किस तिथि से लागू होगी?
- A.1 अक्टूबर 2026
- B.1 जनवरी 2027
- C.1 अप्रैल 2027
- D.1 जनवरी 2028
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 जनवरी 2027
व्याख्या
सही उत्तर 1 जनवरी 2027 है। विज्ञप्ति में शीर्षक बिंदुओं में भी और अंत में दोबारा कहा गया है कि नई नियमावली 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी, जिससे ई-कॉमर्स इकाइयों को अनुपालन अनिवार्य होने से पहले तैयारी का स्पष्ट समय मिल जाता है। तीनों गलत विकल्प प्रशासनिक दृष्टि से संभव लगने वाली तिथियां हैं और यही इनका जाल है, क्योंकि जिस अभ्यर्थी को केवल इतना याद रहता है कि संशोधन 2026 में हुआ, वह मान बैठता है कि यह तुरंत लागू हो गया और अक्टूबर वाली तिथि चुन लेता है। दोनों वर्षों को अलग-अलग याद रखना उपयोगी है। संशोधन करने वाली नियमावली का नाम उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 इसलिए है क्योंकि वह इसी वर्ष बनी, लेकिन उसके लागू होने की तिथि अगले वर्ष पड़ती है। जिस नियमावली में संशोधन हुआ, वह 2020 की है और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अधिसूचित हुई थी।