लिंगायतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. वे अपने मृतकों को दफ़नाते हैं 2. वे जाति व्यवस्था, विशेषकर शुद्धता और अशुद्धता (प्रदूषण) के सिद्धांत में गहरा विश्वास रखते हैं 3. वे बाल विवाह के विरुद्ध हैं और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन करते हैं उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 1
- C.2 और 3
- D.1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1 और 3। लिंगायत अपने मृतकों को दफ़नाते हैं और उन्होंने बाल विवाह का विरोध कर विधवा पुनर्विवाह को स्वीकार किया, पर जाति व्यवस्था और अशुद्धता के विचारों को नकारा।
लिंगायत या वीरशैव परंपरा बारहवीं शताब्दी के कर्नाटक में बसवन्ना के नेतृत्व में उभरी, जो कलचुरि दरबार में मंत्री थे। इसके अनुयायी शिव की लिंग रूप में उपासना करते हैं, और हर भक्त एक छोटे डिब्बे में लिंग शरीर पर धारण करता है। उन्होंने जाति, ब्राह्मणों की सत्ता, पुनर्जन्म के सिद्धांत और जन्म-मृत्यु से जुड़ी अशुद्धता के विचार पर प्रश्न उठाए। उनका विश्वास है कि भक्त मृत्यु पर शिव में लीन हो जाता है और लौटता नहीं, इसलिए वे दाह-संस्कार के बजाय मृतकों को दफ़नाते हैं। उन्होंने बाल विवाह को अस्वीकार किया और विधवा पुनर्विवाह की अनुमति दी। उनकी शिक्षाएँ कन्नड़ वचनों में मिलती हैं।
A गलत है क्योंकि कथन 2 असत्य है; लिंगायतों ने जाति और शुद्धता के नियमों को चुनौती दी। B गलत है क्योंकि कथन 3 भी सही है। C गलत है क्योंकि इसमें असत्य कथन 2 है और कथन 1 छूट गया है।
Exam tip: लिंगायत: बसवन्ना, 12वीं शताब्दी कर्नाटक, कन्नड़ वचन, मृतकों को दफ़नाना, जाति-विरोध।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंघोड़ों के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा ग्रंथ अश्वशास्त्र का श्रेय निम्नलिखित में से किस व्यक्ति को दिया जाता है?
- A.सातवीं शताब्दी के वाग्भट
- B.ऋषि शालिहोत्र
- C.सातवीं शताब्दी के भर्तृहरि
- D.छठी शताब्दी के वराहमिहिर
उत्तर देखें
भारतीय परंपरा अश्व-विज्ञान का श्रेय शालिहोत्र को देती है, और उन्हीं के नाम पर घोड़ों की चिकित्सा को शालिहोत्र शास्त्र कहा जाने लगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैन धर्म के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्धमान महावीर को जृम्भिकग्राम नगर के बाहर, ऋजुपालिका नदी के किनारे, सामग नामक गृहस्थ के खेत में कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। 2. वह अवस्था जब कर्म-कण जीव को बाँधने के लिए वास्तव में उसकी ओर बहने लगते हैं, आस्रव कहलाती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
दोनों कथन जैन परंपरा से मेल खाते हैं: महावीर के ज्ञान-प्राप्ति का स्थान भी और आस्रव का अर्थ भी। महावीर ने लगभग तीस वर्ष की आयु में घर छोड़ा और करीब बारह वर्ष कठोर तप किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत आए निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को सबसे पहले वाले से आरंभ करते हुए कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. पीटर मुंडी 2. एंटोनियो मोन्सेरात 3. अफ़ानासी निकितिच निकितिन 4. इब्न बतूता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.2-1-4-3
- B.2-3-4-1
- C.4-3-2-1
- D.3-4-1-2
उत्तर देखें
इब्न बतूता 14वीं सदी में, निकितिन 15वीं में, मोन्सेरात 16वीं में और पीटर मुंडी 17वीं सदी में भारत आए। मोरक्को के इब्न बतूता 1333 में भारत पहुँचे और मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी रहे; उनका यात्रा-वृत्तांत रिहला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक क्रांति के दौरान, निम्नलिखित में से किसने 'फ्लाइंग शटल करघे' का डिज़ाइन बनाया था?
- A.सैमुअल क्रॉम्पटन
- B.एडमंड कार्टराइट
- C.जॉन के
- D.रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर देखें
अंग्रेज़ आविष्कारक जॉन के ने 1733 में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया, जो औद्योगिक क्रांति की शुरुआती मशीनों में से एक था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पा सभ्यता में नहरों के अवशेष कहाँ पाए गए हैं?
- A.बनावली
- B.लोथल
- C.शोर्तुगई
- D.धोलावीरा
उत्तर देखें
उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में स्थित हड़प्पा की व्यापारिक बस्ती शोर्तुगई वह स्थल है जहाँ सिंचाई नहरों के अवशेष मिले हैं। अधिकतर हड़प्पाई किसान नदी की बाढ़ और कुओं पर निर्भर थे, और सिंधु क्षेत्र के मुख्य भाग में कोई नहर नहीं मिली है।
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