कुछ समय तक उपयोग करने के बाद बड़े ट्रांसफ़ॉर्मर गर्म हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि 1. ट्रांसफ़ॉर्मर में धारा ऊष्मा उत्पन्न करती है 2. ट्रांसफ़ॉर्मर में शैथिल्य (हिस्टेरेसिस) हानि होती है 3. ठंडा करने के लिए प्रयुक्त द्रव गर्म हो जाता है नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 2। ट्रांसफ़ॉर्मर अपने भीतर होने वाली ऊर्जा हानि से गर्म होता है: कुंडलियों में धारा से बनी ऊष्मा और लोहे के क्रोड में शैथिल्य हानि।
जब ताँबे की कुंडलियों से धारा बहती है, तो उनका प्रतिरोध I²R के अनुपात में ऊष्मा पैदा करता है; इसे ताम्र हानि कहते हैं। प्रत्यावर्ती धारा लोहे के क्रोड को बार-बार चुंबकित और विचुंबकित करती है, और हर चक्र में खर्च हुई ऊर्जा ऊष्मा बन जाती है; यह शैथिल्य हानि है। क्रोड में प्रेरित भँवर धाराएँ भी ऊष्मा बढ़ाती हैं, इसीलिए क्रोड नर्म लोहे या सिलिकॉन स्टील की पतली परतदार पट्टियों से बनाया जाता है। बड़े ट्रांसफ़ॉर्मरों में यह ऊष्मा बाहर ले जाने के लिए तेल भरा जाता है।
A अधूरा है, क्योंकि इसमें शैथिल्य हानि छूट गई है। B और D में कथन 3 शामिल है, जो कारण और परिणाम को उलट देता है: ठंडा करने वाला तेल इसलिए गर्म होता है क्योंकि ट्रांसफ़ॉर्मर गर्म है, वह ट्रांसफ़ॉर्मर के गर्म होने का कारण नहीं है।
परीक्षा टिप: ट्रांसफ़ॉर्मर की हानियाँ ताम्र (I²R), शैथिल्य और भँवर धारा हैं; परतदार नर्म लोहे का क्रोड अंतिम दो को घटाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपॉलीएथिलीन टेरेफ़्थेलेट, जिसका उपयोग हमारे दैनिक जीवन में बहुत व्यापक है, के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. इसके रेशों को ऊन और कपास के रेशों के साथ मिलाकर उनके गुणों को सुदृढ़ किया जा सकता है।
2. इससे बने पात्रों का उपयोग किसी भी मादक पेय को रखने के लिए किया जा सकता है।
3. इससे बनी बोतलों को पुनर्चक्रित कर अन्य उत्पाद बनाए जा सकते हैं।
4. इससे बनी वस्तुओं का भस्मीकरण द्वारा आसानी से, बिना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के, निपटान किया जा सकता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.1 और 3
- B.2 और 4
- C.1 और 4
- D.2 और 3
उत्तर देखें
PET रेशा (पॉलिएस्टर) ऊन और कपास के साथ मिलाया जाता है, और PET की बोतलें बड़े पैमाने पर पुनर्चक्रित होकर नए उत्पाद बनती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
अंतरिक्ष में पिंड : विवरण
1. सेफ़िड : अंतरिक्ष में धूल और गैस के विशाल बादल
2. नीहारिकाएँ : तारे जो नियमित अंतराल पर चमकते और मंद होते हैं
3. पल्सर : न्यूट्रॉन तारे जो विशाल तारों का ईंधन समाप्त होने पर उनके ढहने से बनते हैं
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.सभी तीन
- D.कोई भी नहीं
उत्तर देखें
केवल युग्म 3 सही है; सेफ़िड और नीहारिका के विवरण आपस में बदल दिए गए हैं। सेफ़िड परिवर्ती तारे स्पंदन करने वाले तारे हैं जो एक नियमित चक्र में चमकते और मंद होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इवेंट होराइज़न', 'सिंगुलैरिटी', 'स्ट्रिंग थ्योरी' और 'स्टैंडर्ड मॉडल' जैसे शब्द कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में दिखाई देते हैं?
- A.ब्रह्मांड का प्रेक्षण और उसकी समझ
- B.सूर्य और चंद्र ग्रहणों का अध्ययन
- C.पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों को स्थापित करना
- D.पृथ्वी पर जीवों की उत्पत्ति और विकास
उत्तर देखें
चारों शब्द भौतिकी और ब्रह्मांड विज्ञान से हैं, जो ब्रह्मांड और उसके पदार्थ की कार्यप्रणाली का अध्ययन करते हैं। इवेंट होराइज़न किसी ब्लैक होल के चारों ओर की वह सीमा है जिसके भीतर से कुछ भी, यहाँ तक कि प्रकाश भी, बाहर नहीं निकल सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक आवेशित कण वेग v से चुंबकीय क्षेत्र B में गति करता है। कण पर लगने वाले बल (F) के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- A.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के समांतर हों।
- B.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के प्रति-समांतर हों।
- C.F अधिकतम होता है जब v और B एक-दूसरे के लंबवत हों।
- D.बल F, v और B के बीच के कोण पर निर्भर नहीं करता।
उत्तर देखें
चुंबकीय बल वेग और क्षेत्र के बीच के कोण की ज्या (sin) पर निर्भर करता है, और sin 90° का मान सबसे बड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूर्य-पृथ्वी तंत्र में सूर्य, पृथ्वी और लैग्रांज बिंदु L4 मिलकर बनाते हैं:
- A.एक समद्विबाहु त्रिभुज
- B.एक समबाहु त्रिभुज
- C.एक सीधी रेखा
- D.एक विषमबाहु त्रिभुज
उत्तर देखें
L4 पृथ्वी की कक्षा पर पृथ्वी से 60° आगे स्थित है, इसलिए वह सूर्य से उतनी ही दूर है जितना पृथ्वी से।
पूरी व्याख्या पढ़ें →