कॉयर और कॉयर उत्पादों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक तथा निर्यातक देश कौन है?
- A.इंडोनेशिया
- B.भारत
- C.फिलीपींस
- D.श्रीलंका
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर भारत है। कॉयर बनाने और उसे विदेश भेजने, दोनों में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है और विश्व के कुल कॉयर उत्पादन का करीब दो-तिहाई हिस्सा भारतीय इकाइयों से आता है। इसका आधार छोटे उद्यमों का बड़ा जाल है। 21,000 से अधिक इकाइयां काम कर रही हैं और उनसे 7 लाख से ज्यादा लोगों को सीधा तथा परोक्ष रोजगार मिलता है, जिनमें चार-पांचवां हिस्सा ग्रामीण घरों की महिलाओं का है। उद्योग का कारोबार लगभग ₹16,000 करोड़ है और यह देश के सकल घरेलू उत्पाद में करीब 1% का योगदान देता है। इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका भी नारियल उगाने वाले बड़े देश हैं, लेकिन इनमें से किसी को कॉयर उत्पादन या कॉयर निर्यात में पहले स्थान पर नहीं बताया गया है, इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। बाहर जाने वाले माल में कॉयर पिथ, रेशा, धागा और टफ्टेड चटाई सबसे आगे हैं।
पूरा लेख पढ़ें: कॉयर निर्यात 305% बढ़कर ₹6,614.40 करोड़ पर पहुंचा
अभ्यास प्रश्न
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से कॉयर और कॉयर उत्पादों का निर्यात कितने मूल्य का रहा?
- A.₹1,630.33 करोड़
- B.₹3,284.75 करोड़
- C.₹6,614.40 करोड़
- D.₹16,000 करोड़
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सही उत्तर ₹6,614.40 करोड़ है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में कॉयर और कॉयर उत्पादों के निर्यात का मूल्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कॉयर विकास योजना (CVY) किस केंद्रीय मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की योजना है?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- C.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
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इसका मकसद कॉयर क्षेत्र का टिकाऊ विकास तथा कॉयर कारीगरों और कॉयर उद्योग को सहारा देना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर कितनी कॉयर इकाइयां दर्ज हैं और उनसे कितने लोगों को रोजगार मिलता है?
- A.11,000 से अधिक इकाइयां, 1.2 लाख लोगों को रोजगार
- B.21,000 से अधिक इकाइयां, 2.3 लाख लोगों को रोजगार
- C.31,000 से अधिक इकाइयां, 4.5 लाख लोगों को रोजगार
- D.51,000 से अधिक इकाइयां, 8.1 लाख लोगों को रोजगार
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इन इकाइयों को उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर लाने से वे औपचारिक एमएसएमई नीति-तंत्र का हिस्सा बन जाती हैं, जिससे उन्हें कर्ज, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी सरकारी मदद मिल पाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थोक मूल्य खाद्य सूचकांक का भार कितना है और सितंबर 2026 में इसमें कितनी मुद्रास्फीति रही?
- A.भार 24.99 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 8.66 प्रतिशत
- B.भार 15.97 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 7.05 प्रतिशत
- C.भार 22.75 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 8.14 प्रतिशत
- D.भार 63.12 प्रतिशत, मुद्रास्फीति 9.76 प्रतिशत
उत्तर देखें
थोक मूल्य खाद्य सूचकांक एक मिश्रित माप है, जो प्राथमिक वस्तुओं के भीतर की खाद्य वस्तुओं और निर्मित उत्पादों के भीतर के निर्मित खाद्य उत्पादों से मिलकर बनता है, और सूचकांक में इसका भार 24.99 प्रतिशत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस विज्ञप्ति में प्रयुक्त थोक मूल्य सूचकांक श्रृंखला का आधार वर्ष कौन सा है?
- A.2011-12
- B.2004-05
- C.2022-23
- D.2017-18
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विज्ञप्ति में दिया गया हर सूचकांक आंकड़ा, चाहे वह थोक मूल्य सूचकांक हो, आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक हो या परीक्षण आधार पर इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक, आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित है।
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