किसी वस्तु पर लगे बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है, यदि वस्तु का विस्थापन
- A.बल की दिशा के विपरीत दिशा में हो
- B.बल की दिशा में ही हो
- C.बल की दिशा के लंबवत दिशा में हो
- D.इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, बल की दिशा के लंबवत दिशा में हो। कार्य W = F × d × cos θ होता है, और जब बल तथा विस्थापन के बीच कोण θ = 90° हो तो cos 90° = 0, इसलिए कार्य शून्य होता है।
कार्य केवल बल का वही भाग करता है जो विस्थापन की दिशा में हो। गति के लंबवत लगे बल का ऐसा कोई भाग नहीं होता। परीक्षाओं में पूछे जाने वाले उदाहरण: समतल रास्ते पर सिर पर बोझ लेकर चलता कुली गुरुत्व के विरुद्ध कोई कार्य नहीं करता, वृत्त में घुमाए गए पत्थर पर अभिकेंद्र बल कोई कार्य नहीं करता, और वृत्ताकार कक्षा में घूमते ग्रह पर सूर्य का आकर्षण भी कोई कार्य नहीं करता।
A गलत है, क्योंकि विस्थापन के विपरीत लगा बल (θ = 180°) ऋणात्मक कार्य करता है, जैसे फिसलते गुटके पर घर्षण।
B गलत है, क्योंकि विस्थापन की दिशा में लगा बल (θ = 0°) धनात्मक और अधिकतम कार्य करता है।
D गलत है, क्योंकि विकल्प C में सही शर्त दी गई है।
Exam tip: θ = 0° पर धनात्मक और अधिकतम कार्य; θ = 90° पर शून्य कार्य; θ = 180° पर ऋणात्मक कार्य।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी आवृत्ति परास मानव कानों के लिए संवेदनशील है?
- A.0-200 Hz
- B.20-20,000 Hz
- C.केवल 200-20,000 Hz
- D.केवल 2,000-20,000 Hz
उत्तर देखें
सामान्य मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की ध्वनि सुनता है, जिसे श्रव्य परास कहते हैं। आवृत्ति, जिसका मात्रक हर्ट्ज है, प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या है और यही ध्वनि का तारत्व तय करती है: आवृत्ति जितनी अधिक, स्वर उतना तीखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पराश्रव्य तरंगों की आवृत्ति होती है
- A.20 Hz से कम
- B.20 Hz और 2 kHz के बीच
- C.2 kHz और 20 kHz के बीच
- D.20 kHz से अधिक
उत्तर देखें
पराश्रव्य ध्वनि वह है जिसकी आवृत्ति 20,000 Hz से अधिक हो, जो मानव श्रवण की ऊपरी सीमा है। मनुष्य लगभग 20 Hz से 20 kHz तक की ध्वनि सुन सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा स्वच्छ ईंधन का उदाहरण है?
- A.कोक
- B.प्रोपेन
- C.पेट्रोल
- D.मोम
उत्तर देखें
प्रोपेन एक हल्का गैसीय हाइड्रोकार्बन है जो नीली लौ के साथ पूरी तरह जलता है और धुआं, कालिख या राख नहीं छोड़ता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'मृदु साबुन' के एक नमूने में क्या होता है?
- A.सीज़ियम
- B.पोटैशियम
- C.कैल्शियम
- D.मैग्नीशियम
उत्तर देखें
मृदु साबुन वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण होते हैं, जबकि सामान्य कठोर साबुन की टिकियां सोडियम लवण होती हैं। साबुन साबुनीकरण से बनता है, जिसमें किसी तेल या वसा को क्षार के साथ गर्म किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से तत्वों के किस समूह की संयोजकता समान है?
- A.Na, Mg, Ca
- B.Na, Mg, Al
- C.Mg, Ca, K
- D.Mg, Ca, Ba
उत्तर देखें
मैग्नीशियम, कैल्शियम और बेरियम तीनों समूह 2 की क्षारीय मृदा धातुएं हैं, और हर एक की संयोजकता 2 है। आवर्त सारणी के एक ही समूह के तत्वों के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, इसलिए उनकी संयोजकता भी समान होती है।
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