किसी लोक प्राधिकारी को वह सार्वजनिक कर्तव्य पूरा करने के लिए विवश करने हेतु उच्च न्यायालय कौन सी रिट जारी करता है, जिसे वह निभाने में विफल रहा है?
- A.बंदी प्रत्यक्षीकरण
- B.परमादेश
- C.उत्प्रेषण
- D.अधिकार पृच्छा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, परमादेश, जिसका अर्थ है हम आदेश देते हैं। इसे उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत अथवा उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के अंतर्गत किसी लोक अधिकारी, लोक निकाय, निगम या अवर न्यायालय को जारी करता है और उसे वह सार्वजनिक कर्तव्य निभाने का निदेश देता है जिसे उसने करने से मना किया या जिसमें वह विफल रहा। यह किसी निजी व्यक्ति, राष्ट्रपति या राज्यपाल के विरुद्ध अथवा केवल संविदात्मक दायित्व के प्रवर्तन के लिए जारी नहीं की जा सकती।
विकल्प A, बंदी प्रत्यक्षीकरण, का अर्थ है शरीर प्रस्तुत करो और यह अवैध रूप से निरुद्ध व्यक्ति की रिहाई के लिए जारी होती है। विकल्प C, उत्प्रेषण, किसी निचले न्यायालय या अधिकरण को उस आदेश को रद्द कराने के लिए जारी होती है जो क्षेत्राधिकार के बिना या नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध पारित हो चुका है; इसके विपरीत प्रतिषेध ऐसी कार्यवाही को चलते समय रोकती है। विकल्प D, अधिकार पृच्छा, किसी व्यक्ति से पूछती है कि वह किस प्राधिकार से लोक पद धारण कर रहा है। अनुच्छेद 226 की पांच रिट हैं बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार पृच्छा और उत्प्रेषण।
पूरा लेख पढ़ें: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, MPPSC और राज्य आयोग
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ कहां है?
- A.भोपाल
- B.इंदौर
- C.जबलपुर
- D.ग्वालियर
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जबलपुर में है, जहां राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत 1 नवंबर 1956 को उसका गठन हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ किन दो स्थानों पर हैं?
- A.भोपाल और इंदौर
- B.इंदौर और ग्वालियर
- C.रीवा और भोपाल
- D.ग्वालियर और उज्जैन
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जब 1 नवंबर 1956 को जबलपुर में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का गठन हुआ, तब इंदौर और ग्वालियर में स्थायी खंडपीठ दी गईं, जो तब से वहां कार्यरत हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जो न्यायालय आज मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय है, उसकी स्थापना 1936 में किस नाम से हुई थी?
- A.नागपुर उच्च न्यायालय
- B.मध्य भारत उच्च न्यायालय
- C.विंध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
- D.जबलपुर उच्च न्यायालय
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इसकी स्थापना 2 जनवरी 1936 को लेटर्स पेटेंट द्वारा मध्य प्रांत और बरार के लिए नागपुर में उच्च न्यायालय के रूप में हुई, जो क्षेत्र तब तक उच्च न्यायालय के बजाय न्यायिक आयुक्त के अधीन था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जबलपुर में मुख्य पीठ के साथ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का गठन किस तिथि को हुआ?
- A.2 जनवरी 1936
- B.26 जनवरी 1950
- C.1 नवंबर 1956
- D.1 नवंबर 2000
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राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने उसी तिथि से मध्य प्रांत और बरार, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश तथा भोपाल को मिलाकर मध्य प्रदेश राज्य बनाया, और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का गठन जबलपुर में मुख्य पीठ तथा इंदौर और ग्वालियर में खंडपीठ के साथ हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मध्य प्रदेश से अलग होकर बने छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय का मुख्यालय किस नगर में है?
- A.रायपुर
- B.बिलासपुर
- C.दुर्ग
- D.जगदलपुर
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मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अंतर्गत 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग हुआ और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय स्थापित हुआ, इसलिए उस क्षेत्र के जिले जबलपुर के मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अधीन नहीं रहे।
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