किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूमने के कारण कुंडली में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने का नियम है:
- A.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम।
- B.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम।
- C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम।
- D.हुंड का नियम।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम। जब कोई चालक चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है और उसमें धारा प्रेरित होती है, तो यही नियम उस प्रेरित धारा की दिशा बताता है।
दाहिने हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को एक-दूसरे के लंबवत फैलाइए। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में और अंगूठा चालक की गति की दिशा में हो, तो मध्यमा प्रेरित धारा की दिशा बताती है। यही विद्युत जनित्र या डायनमो का सिद्धांत है, जिसमें चुंबकीय क्षेत्र में घूमती कुंडली विद्युत-चुंबकीय प्रेरण से बिजली पैदा करती है। इस प्रेरण की खोज माइकल फैराडे ने 1831 में की थी। इस नियम को जनित्र नियम भी कहते हैं।
A गलत है: दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताता है।
B गलत है: फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा बताता है, जो विद्युत मोटर का सिद्धांत है।
D गलत है: हुंड का नियम रसायन विज्ञान का नियम है, जो बताता है कि समान ऊर्जा वाले कक्षकों में इलेक्ट्रॉन कैसे भरते हैं।
परीक्षा टिप: दाहिना हाथ = जनित्र (प्रेरित धारा); बायाँ हाथ = मोटर (बल); अंगुष्ठ नियम = तार के चारों ओर क्षेत्र।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित प्राणियों पर विचार कीजिए :
1. हेजहॉग (कंटकचूहा)
2. मारमॉट
3. पैंगोलिन (सल्लू साँप)
शिकारियों द्वारा पकड़े जाने की संभावना कम करने के लिए उपर्युक्त में से कौन-सा/से प्राणी स्वयं को लपेटकर गोल हो जाता/जाते है/हैं और अपने कमज़ोर अंगों की रक्षा करता/करते है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
ख़तरा होने पर हेजहॉग और पैंगोलिन कसकर गेंद जैसे गोल हो जाते हैं और नरम पेट तथा चेहरे को काँटों या शल्कों से ढक लेते हैं; मारमॉट ऐसा नहीं करता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्राकृतिक मच्छर-विकर्षक बनाने में निम्नलिखित में से किसका उपयोग होता है?
- A.कांग्रेस घास
- B.हाथी घास
- C.लेमनग्रास
- D.मोथा घास (नट ग्रास)
उत्तर देखें
लेमनग्रास और उसकी निकट संबंधी सिट्रोनेला घास से ऐसे सुगंधित तेल मिलते हैं जो मच्छरों को दूर रखते हैं, इसलिए ये कई प्राकृतिक विकर्षकों का आधार हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी युक्ति अन-ओमीय है?
- A.चालक तांबे की कुंडली
- B.विद्युत तापन कुंडली
- C.अर्धचालक डायोड
- D.धारा नियंत्रक (रियोस्टैट)
उत्तर देखें
डायोड ओम के नियम का पालन नहीं करता: इसमें बहने वाली धारा इसके सिरों के विभवांतर के समानुपाती नहीं होती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निर्जल सोडियम कार्बोनेट का सूत्र द्रव्यमान क्या है? (दिया गया है कि सोडियम, कार्बन और ऑक्सीजन के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 23 u, 12 u और 16 u हैं)
- A.286 u
- B.106 u
- C.83 u
- D.53 u
उत्तर देखें
निर्जल सोडियम कार्बोनेट Na₂CO₃ है, और 2 × 23 + 12 + 3 × 16 = 106 u। सूत्र द्रव्यमान किसी आयनिक यौगिक की एक सूत्र इकाई के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है?
- A.बॉक्साइट
- B.क्वार्ट्ज
- C.फेल्सपार
- D.पिचब्लेंड
उत्तर देखें
पिचब्लेंड, यानी यूरेनिनाइट, यूरेनियम का मुख्य अयस्क है, और अधिकांश नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में यूरेनियम ही ईंधन है। पिचब्लेंड भारी, काला खनिज है जो मुख्य रूप से यूरेनियम ऑक्साइड से बना होता है।
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