किस जीव को सामान्यतः 'किसानों का मित्र' कहा जाता है?
- A.तिलचट्टा
- B.केंचुआ
- C.मधुमक्खी
- D.घरेलू मक्खी
सही उत्तर
B. केंचुआ
व्याख्या
सही उत्तर है B, केंचुआ। केंचुए को किसान का मित्र कहा जाता है क्योंकि उसका काम मिट्टी को फसल के लायक बनाए रखता है। बिल बनाते समय वह मिट्टी को भुरभुरा करता है जिससे हवा और पानी जड़ों तक पहुँचते हैं, और वह जो मल छोड़ता है उसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश भरपूर होते हैं, इसलिए ऊपरी मिट्टी लगातार उपजाऊ बनी रहती है। इसी कारण चार्ल्स डार्विन ने केंचुओं को प्रकृति का हलवाहा कहा था। किसान इसी स्वभाव का उपयोग वर्मीकम्पोस्टिंग में करते हैं, जहाँ आइसीनिया फीटिडा जैसी प्रजातियाँ गोबर और फसल अवशेष को कुछ सप्ताह में बारीक खाद में बदल देती हैं। A गलत है क्योंकि तिलचट्टा घरेलू कीट है, जो भोजन खराब करता है और रोगाणु फैलाता है। C गलत है क्योंकि मधुमक्खी परागण और शहद के लिए उपयोगी है, पर किसान मित्र नाम उसे नहीं दिया जाता। D गलत है क्योंकि घरेलू मक्खी टाइफाइड और हैजा जैसे रोग फैलाती है। परीक्षा टिप: केंचुआ यानी किसान मित्र और प्रकृति का हल, वर्मीकम्पोस्ट में उपयोगी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंतरुण भारत संघ संगठन निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में कार्य कर रहा है?
- A.महिला सशक्तीकरण
- B.भ्रष्टाचार विरोध
- C.जल संरक्षण
- D.जनजातीय युवा विकास
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जल संरक्षण
व्याख्या
सही उत्तर है C, जल संरक्षण। तरुण भारत संघ जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करता है और इसका केंद्र राजस्थान के अलवर जिले के भीकमपुरा में है। जल पुरुष कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने हजारों जोहड़ बनाए और सुधारे, जो वर्षा जल रोककर उसे जमीन में उतारने वाले परंपरागत मिट्टी के बाँध हैं। कुएँ फिर भर गए, खेत दोबारा फसल देने लगे और वर्षों से सूखी अरवरी जैसी नदियाँ बहने लगीं, इसी कारण इस संस्था को समुदाय आधारित जल संग्रहण के नमूने के रूप में पढ़ा जाता है। राजेंद्र सिंह को 2001 में रैमन मैग्सेसे पुरस्कार और 2015 में स्टॉकहोम जल पुरस्कार मिला। A गलत है क्योंकि महिला समूह इस कार्य का हिस्सा हैं, पर यह इसका क्षेत्र नहीं है। B गलत है क्योंकि भ्रष्टाचार से लड़ना इसका विषय नहीं है। D गलत है क्योंकि यह जनजातीय युवा संगठन नहीं है और अलवर जनजातीय क्षेत्र नहीं है। परीक्षा टिप: तरुण भारत संघ, राजेंद्र सिंह, अलवर के जोहड़ और पुनर्जीवित अरवरी नदी।
राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन से जिले 'सेम' की पारिस्थितिक समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं?
- A.भरतपुर - धौलपुर
- B.बाँसवाड़ा - डूंगरपुर
- C.जालोर - सिरोही
- D.श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़
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सही उत्तर: D. श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़
व्याख्या
सही उत्तर है D, श्रीगंगानगर - हनुमानगढ़। सेम लवणता के साथ जलभराव का स्थानीय नाम है, और यह श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ को सबसे अधिक प्रभावित करती है क्योंकि ये जिले गंग नहर और इंदिरा गांधी नहर के कमान क्षेत्र में आते हैं। वर्षों तक नहरी पानी से बिना जल निकासी के बाढ़ विधि से सिंचाई होने और मिट्टी के नीचे कठोर परत होने के कारण भूजल स्तर ऊपर उठकर जड़ क्षेत्र तक आ गया है। पानी ठहरने और वाष्पित होने पर नमक पीछे रह जाता है, सतह पर सफेद परत दिखती है और उत्पादन गिर जाता है। इसके उपाय में पक्की नहरें, सतही तथा भूमिगत जल निकासी, फव्वारा सिंचाई और यूकेलिप्टस का रोपण शामिल हैं। A गलत है क्योंकि भरतपुर और धौलपुर पूर्वी मैदान में दूसरी तरह की बाढ़ की समस्या झेलते हैं। B गलत है क्योंकि बाँसवाड़ा और डूंगरपुर पहाड़ी, अधिक वर्षा वाले जनजातीय जिले हैं। C गलत है क्योंकि जालोर और सिरोही में भूजल की लवणता तथा सूखे की समस्या है। परीक्षा टिप: सेम यानी नहरी पानी से जलभराव, इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन घरेलू गोवंश का निकटतम वन्य संबंधी है, जो नागरहोल और बांदीपुर जैसे भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में संरक्षित है?
- A.रेड एंगस
- B.एशियाई भैंस
- C.नीलगाय
- D.गौर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. गौर
व्याख्या
सही उत्तर है D, गौर। गौर, जिसे भारतीय बाइसन भी कहा जाता है, घरेलू गोवंश का निकटतम वन्य गोजातीय संबंधी है और कर्नाटक के नागरहोल तथा बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यानों में संरक्षित है। यह विश्व की सबसे बड़ी वन्य गोजातीय प्रजाति है, जिसकी कंधे तक ऊँचाई लगभग दो मीटर तक होती है, पीठ पर ऊँची मांसल कटक होती है और पैरों पर सफेद मोजे जैसे निशान होते हैं। यह आर्द्र पर्णपाती वनों और पहाड़ी क्षेत्रों में चरता है, तथा आईयूसीएन लाल सूची में संकटासन्न और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची एक में रखा गया है। A गलत है क्योंकि रेड एंगस स्कॉटलैंड की घरेलू मांस-गोवंश नस्ल है, वन्य पशु नहीं। B गलत है क्योंकि एशियाई जंगली भैंस एक अलग प्रजाति है, जो मुख्यतः असम, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मिलती है। C गलत है क्योंकि नीलगाय मृगवर्गीय प्राणी है, गोवंश समूह का सदस्य नहीं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - गौर नागरहोल और बांदीपुर का भारतीय बाइसन है, और मिथुन पूर्वोत्तर में उसका पालतू रूप है।
एक संतृप्त भूवैज्ञानिक इकाई, जो कुएँ को चलाने के लिए पर्याप्त दर से जल दे सकती है, उसे ______ कहा जाता है।
- A.कार्स्ट
- B.ज्वारनदमुख
- C.जलाशय
- D.जलभृत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जलभृत
व्याख्या
सही उत्तर है D, जलभृत। जलभृत यानी एक्वीफर चट्टान या ढीले निक्षेप का वह पिंड है, जो भूजल से संतृप्त होने के साथ-साथ इतना पारगम्य भी होता है कि उसमें जल सरलता से बह सके, इसलिए उसमें खोदा गया कुआँ लगातार पानी देता रहता है। रेत, बजरी और दरारदार बलुआ पत्थर या चूना पत्थर अच्छे जलभृत बनते हैं; चिकनी मिट्टी जल रोक लेती है पर उपयोगी दर से छोड़ती नहीं, और ऐसी परत को एक्वीक्लूड कहा जाता है। असीमित जलभृत सतह की ओर खुला रहता है और वर्षा से सीधे पुनर्भरित होता है, जबकि सीमित जलभृत अपारगम्य परतों के बीच बंद रहता है और उसमें इतना दबाव हो सकता है कि आर्टीजियन कुआँ बन जाए। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्स्ट चूना पत्थर के घुलने से बनी गुफा और विलय गर्त वाली भू-आकृति है, जल धारण करने वाली इकाई नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि ज्वारनदमुख नदी का वह मुहाना है जहाँ मीठा जल समुद्र से मिलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जलाशय बाँध के पीछे सतह पर जल संचित करता है। परीक्षा टिप: जलभृत जल देता है, एक्वीक्लूड जल रोकता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी बात अधिकांश नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की एक कमी है?
- A.अविश्वसनीय आपूर्ति
- B.अपशिष्ट निपटान की अधिक लागत
- C.अत्यधिक प्रदूषणकारी
- D.अधिक परिचालन लागत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अविश्वसनीय आपूर्ति
व्याख्या
सही उत्तर है A, अविश्वसनीय आपूर्ति। अधिकांश नवीकरणीय स्रोत मौसम पर निर्भर होते हैं, इसलिए उनसे मिलने वाली बिजली एक समान नहीं, रुक-रुक कर मिलती है। सौर पैनल रात में कुछ नहीं बनाते और घने बादलों में बहुत कम बनाते हैं, पवन चक्कियाँ हवा रुकते ही थम जाती हैं, और कमजोर मानसून में जल विद्युत घट जाती है। चूँकि बिजली की आपूर्ति हर पल माँग के बराबर रखनी पड़ती है, यही अस्थिरता नवीकरणीय ऊर्जा की सबसे बड़ी तकनीकी समस्या है, और इसी कारण ग्रिड को भंडारण, बैकअप संयंत्र या स्रोतों के व्यापक मिश्रण की आवश्यकता होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अपशिष्ट निपटान की भारी लागत परमाणु ऊर्जा की कमी है, सौर या पवन की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नवीकरणीय स्रोतों को इसी बात के लिए सराहा जाता है कि चलते समय वे लगभग न कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, न धूलकण। विकल्प D गलत है, क्योंकि उनकी परिचालन लागत बहुत कम है, धूप और हवा निःशुल्क हैं और बड़ा खर्च केवल एक बार लगने वाली स्थापना लागत है। परीक्षा टिप: नवीकरणीय ऊर्जा में पूँजी लागत और अस्थिरता अधिक, पर परिचालन लागत और प्रदूषण कम।