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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 51

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 51) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: हर्षवर्धन और दक्षिण भारतीय राज्य, स्वतंत्रता संग्राम के व्यक्तित्व और उनकी उपाधियां, दिल्ली सल्तनत और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 07 Dec 2022, Shift 4मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र चालुक्यों की राजधानी था?

  1. A.कांचीपुर
  2. B.रायचूर
  3. C.ऐहोल
  4. D.कोलार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऐहोल

व्याख्या

सही उत्तर है C, ऐहोल। कर्नाटक के बागलकोट ज़िले में मलप्रभा नदी के किनारे बसा ऐहोल आरंभिक चालुक्यों की पहली राजधानी था। इस वंश की स्थापना छठी शताब्दी में पुलकेशिन प्रथम ने की थी। ऐहोल में सौ से अधिक मंदिरों का समूह है, इसी कारण इसे भारतीय मंदिर स्थापत्य का पालना कहा जाता है। रविकीर्ति द्वारा रचित ऐहोल अभिलेख में इस वंश के सबसे प्रतापी शासक पुलकेशिन द्वितीय की विजयों का वर्णन है, जिसने नर्मदा के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था। बाद में वंश ने अपनी राजधानी वातापी, यानी आज के बादामी, में बनाई और पट्टदकल राज्याभिषेक नगर रहा। विकल्प A गलत है, क्योंकि कांचीपुरम चालुक्यों के प्रतिद्वंद्वी पल्लवों की राजधानी थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि रायचूर कृष्णा-तुंगभद्रा दोआब में अपने किले और विजयनगर-बहमनी संघर्ष के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कोलार सोने की खानों के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: ऐहोल पालना, बादामी राजधानी, पट्टदकल राज्याभिषेक नगर।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 2मध्यम

सी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
  2. B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
  3. C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
  4. D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 1266 से 1287 के बीच भारत में शासन किया?

  1. A.कुतुब-उद-दीन ऐबक
  2. B.आरामशाह
  3. C.शम्स-उद-दीन इल्तुतमिश
  4. D.ग़यासुद्दीन बलबन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ग़यासुद्दीन बलबन

व्याख्या

सही उत्तर है D, ग़यासुद्दीन बलबन। बलबन 1266 से 1287 तक दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर रहा। वह पहले इल्तुतमिश का गुलाम था और चालीस तुर्क सरदारों के दल चहलगानी का सदस्य था; दुर्बल सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद के समय नाइब रहकर उसने बाद में स्वयं सत्ता संभाली। उसने चहलगानी की शक्ति तोड़ी, स्वयं को पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि कहकर राजपद की प्रतिष्ठा बढ़ाई, सिजदा और पाबोस जैसी फ़ारसी दरबारी प्रथाएँ चलाईं तथा मज़बूत गुप्तचर व्यवस्था और अलग सैन्य विभाग दीवान-ए-अर्ज़ बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुलाम वंश के संस्थापक कुतुब-उद-दीन ऐबक ने 1206 से 1210 तक शासन किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऐबक के बाद आरामशाह लगभग एक वर्ष ही गद्दी पर रहा। विकल्प C गलत है, क्योंकि सल्तनत को वास्तविक रूप देने वाले इल्तुतमिश का शासन 1211 से 1236 तक रहा। परीक्षा टिप: गुलाम वंश का क्रम ऐबक, आरामशाह, इल्तुतमिश, रज़िया और फिर बलबन 1266 से 1287।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 21 Feb, 2024, Shift 3मध्यम

प्राचीन भारत में तमिल क्षेत्र में साधारण हलवाहों को ________ कहा जाता था।

  1. A.उझवर
  2. B.अदिमै
  3. C.कडैसियर
  4. D.वेल्लालर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उझवर

व्याख्या

सही उत्तर है A, उझवर। प्राचीन भारत के तमिल क्षेत्र में साधारण हलवाहों, यानी वे लोग जो वास्तव में खेत जोतते थे, उन्हें उझवर कहा जाता था।

अभिलेख और संगम कविताएँ वहाँ की श्रेणीबद्ध ग्राम व्यवस्था दिखाती हैं। सबसे ऊपर वेल्लालर थे, यानी बड़े भूस्वामी; उनके नीचे उझवर आते थे, यानी हलवाहे या छोटे किसान; और सबसे नीचे भूमिहीन मजदूर थे, जिनमें दास भी शामिल थे। ये शब्द लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वी तक के प्रारंभिक तमिल साहित्य, यानी संगम युग से आते हैं, जिसकी कविताएँ चोल, चेर और पांड्य सरदारियों का वर्णन करती हैं और उनके शासकों को मुवेंदर, यानी तीन मुकुटधारी राजा कहती हैं।

B गलत है: अदिमै का अर्थ दास है, यानी वे लोग जो दूसरों की संपत्ति माने जाते थे। C गलत है: कडैसियर वे भूमिहीन मजदूर थे जो दूसरों के खेतों में काम करते थे। D गलत है: वेल्लालर बड़े भूस्वामी थे, गाँव का सबसे संपन्न वर्ग।

परीक्षा टिप: तमिल गाँव का क्रम — वेल्लालर बड़े भूस्वामी, उझवर हलवाहे, तथा कडैसियर और अदिमै भूमिहीन मजदूर और दास।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 6 March 2019, Shift 1मध्यम

कर्नाटक के राष्ट्रकूट वंश का प्रथम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजा कौन था, जिसने बादामी के चालुक्यों को पराजित किया?

  1. A.दंतिदुर्ग
  2. B.हरिहर प्रथम
  3. C.उत्तम
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दंतिदुर्ग

व्याख्या

सही उत्तर A, दंतिदुर्ग है। दंतिदुर्ग ने आठवीं शताब्दी के मध्य में राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की, कीर्तिवर्मन द्वितीय को हराकर बादामी के चालुक्यों की अधीनता समाप्त की और साम्राज्यिक उपाधियां धारण कीं; उसके उत्तराधिकारियों ने मान्यखेत अर्थात आज के मालखेड से शासन किया। विकल्प B गलत है क्योंकि हरिहर प्रथम ने अपने भाई बुक्का के साथ 1336 में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की, जो छह शताब्दी बाद और दक्कन के भिन्न भाग की घटना है। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तम एक चोल शासक था, जो परांतक द्वितीय और राजराज प्रथम के बीच आया और तमिल प्रदेश से संबंधित था, कर्नाटक से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि बिंदुसार दूसरा मौर्य सम्राट था, चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता, जिसका राष्ट्रकूटों से कोई संबंध नहीं। यह क्रम याद रखें: बादामी के चालुक्यों को राष्ट्रकूटों ने हटाया और राष्ट्रकूटों को आगे कल्याणी के चालुक्यों ने। राष्ट्रकूट कृष्ण प्रथम एलोरा के कैलास मंदिर के लिए और अमोघवर्ष प्रथम कन्नड़ ग्रंथ कविराजमार्ग के लिए याद किए जाते हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 Jul, 2024, Shift 2कठिन

फिरोजशाह मेहता और के टी तेलंग के साथ 1885 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना किसने की थी?

  1. A.बदरुद्दीन तैयबजी
  2. B.बेहरामजी एम मलाबारी
  3. C.ए के फज़लुल हक
  4. D.ज़ाकिर हुसैन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बदरुद्दीन तैयबजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, बदरुद्दीन तैयबजी। बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना 1885 में बदरुद्दीन तैयबजी, फिरोजशाह मेहता और काशीनाथ त्रिंबक तेलंग ने की थी, जो बॉम्बे के तीन वकील थे और जिन्हें अक्सर बॉम्बे की त्रिमूर्ति कहा जाता है।

यह संगठन भारतीय राजनीतिक मांगों को ब्रिटिश संसद के सामने रखने के लिए बना, विशेष रूप से इल्बर्ट बिल से उठे रोष के बाद, और इसी वर्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भी स्थापना हुई। बदरुद्दीन तैयबजी आगे 1887 के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस के तीसरे अध्यक्ष बने और यह पद सँभालने वाले पहले मुसलमान थे।

विकल्प B, बेहरामजी एम मलाबारी, समाज सुधारक और पत्रकार थे जिन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध अभियान चलाया। विकल्प C, ए के फज़लुल हक, बंगाल के नेता थे जिन्होंने 1940 में लाहौर प्रस्ताव रखा। विकल्प D, ज़ाकिर हुसैन, भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे।

परीक्षा टिप: बॉम्बे त्रिमूर्ति — तैयबजी, मेहता और तेलंग; बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 1885।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

चारों वेदों में से किसे भारतीय संगीत का स्रोत माना जाता है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.यजुर्वेद
  4. D.अथर्ववेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सामवेद

व्याख्या

सही उत्तर B, सामवेद है। इसका नाम साम अर्थात गान से बना है, और यह उन सूक्तों को, जिनमें से अधिकतर ऋग्वेद से लिए गए हैं, उसी रूप में रखता है जिसमें पुरोहित उन्हें यज्ञ में गाता था, इसलिए भारतीय स्वर पद्धति का आरंभ इसी से माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद और 1028 स्तुति सूक्तों का संग्रह है, गानों का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ संपन्न कराने के मंत्र और विधि देता है, गद्य तथा पद्य दोनों में, और वह याजक पुरोहित की पुस्तिका है। विकल्प D गलत है क्योंकि अथर्ववेद अभिचार, मंत्र और औषधियों का संग्रह है जो लोक विश्वास तथा प्रारंभिक चिकित्सा को दर्शाता है। सबसे अधिक पूछा जाने वाला युग्म है सामवेद के साथ संगीत और अथर्ववेद के साथ जादू तथा औषधि।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस शासक वंश के अधीन दिल्ली पहली बार राजधानी बनी?

  1. A.अजमेर के चौहान
  2. B.तोमर राजपूत
  3. C.इल्तुतमिश वंश
  4. D.खिलजी वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तोमर राजपूत

व्याख्या

सही उत्तर है B, तोमर राजपूत। दिल्ली पहली बार तोमर राजपूतों के अधीन राजधानी बनी, जिन्होंने ढिल्लिका यानी दिल्ली नगर की नींव रखी और आज के महरौली के पास लाल कोट बनवाया, जो दिल्ली के सात नगरों में सबसे पुराना है। अनंगपाल तोमर को लाल कोट और अनंगताल जलाशय के लिए याद किया जाता है, और गुप्तकाल का लौह स्तंभ भी इसी स्थान पर लाया गया था। तोमरों के सिक्के तथा अभिलेख ही पहले साक्ष्य हैं जो दिल्ली को सत्ता का केंद्र बताते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अजमेर के चौहानों ने बारहवीं शताब्दी के मध्य में तोमरों से दिल्ली छीनी और लाल कोट को बढ़ाकर किला राय पिथौरा बनाया, अर्थात वे बाद में आए, पहले नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इल्तुतमिश ने 1211 में दिल्ली को सल्तनत की राजधानी बनाया, जो तोमरों से बहुत बाद की बात है। विकल्प D गलत है, क्योंकि खिलजी 1290 में सत्ता में आए और उन्होंने सीरी नगर बसाया। परीक्षा टिप: दिल्ली का क्रम तोमर यानी लाल कोट, चौहान यानी किला राय पिथौरा, फिर दिल्ली सल्तनत।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 2आसान

मुहम्मद बिन तुगलक ने चाँदी और सोने के सिक्कों के स्थान पर _______ के सिक्कों से सांकेतिक मुद्रा प्रणाली शुरू की।

  1. A.रूपक
  2. B.रुपया
  3. C.काँसा/ताँबा
  4. D.टंका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. काँसा/ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है C, काँसा/ताँबा। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1329-30 में काँसे और ताँबे के सांकेतिक सिक्के चलाए, जो चाँदी के टंका के मूल्य पर चलने थे। विचार स्वयं अच्छा था और चीन तथा फारस में सफल रहा था, पर सुल्तान ने इन सिक्कों की ढलाई राज्य के हाथ में नहीं रखी। साम्राज्य भर के सुनारों ने घरों में ही नकली सिक्के ढाल लिए, खजाना जाली सिक्कों से भर गया और व्यापारियों ने उन्हें लेना बंद कर दिया। सुल्तान को यह मुद्रा वापस लेनी पड़ी और सांकेतिक सिक्कों के बदले चाँदी देनी पड़ी, जिससे खजाना खाली हो गया। A गलत है क्योंकि रूपक प्राचीन काल के सिक्के का नाम था, इस प्रयोग का नहीं। B गलत है क्योंकि रुपया बहुत बाद में शेरशाह सूरी ने चाँदी के सिक्के के रूप में चलाया। D गलत है क्योंकि टंका चाँदी का मानक सिक्का था, जिसका मूल्य सांकेतिक सिक्कों को देना था। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मुहम्मद बिन तुगलक और 1329 की असफल काँसे की सांकेतिक मुद्रा।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2मध्यम

ज्योतिबा फुले ने 1873 में 'गुलामगिरी' निम्नलिखित में से किस भाषा में लिखी थी?

  1. A.अंग्रेज़ी
  2. B.मराठी
  3. C.हिंदी
  4. D.गुजराती
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मराठी

व्याख्या

सही उत्तर है B, मराठी। ज्योतिबा फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी, जिसका अर्थ दासता है, और उसी वर्ष उन्होंने पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इस पुस्तक में उन्होंने जाति व्यवस्था और उसे टिकाए रखने वाले पुरोहितवाद पर कड़ा प्रहार किया। फुले ने यह पुस्तक अमेरिका के उन लोगों को समर्पित की जिन्होंने अश्वेतों की दासता समाप्त करने के लिए संघर्ष किया था, और इस तरह भारत की निचली जातियों की दशा से सीधी तुलना की। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने देश में लड़कियों तथा दलित बच्चों के लिए पहले विद्यालयों में से कुछ खोले थे, और उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति शेतकऱ्याचा आसूड है। विकल्प A गलत है, क्योंकि फुले ने अपनी ही भाषा में लिखा और गुलामगिरी के अंग्रेज़ी अनुवाद बहुत बाद में हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि हिंदी उनके क्षेत्र की भाषा नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बंबई प्रेसीडेंसी के पुणे में रहने वाले फुले ने गुजराती में कभी नहीं लिखा। परीक्षा टिप: फुले ने 1873 में मराठी में गुलामगिरी लिखी और उसी वर्ष सत्यशोधक समाज बनाया।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Sept, 2024, Shift 2आसान

गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?

  1. A.भारत
  2. B.यूगोस्लाविया
  3. C.न्यूयॉर्क
  4. D.मिस्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यूगोस्लाविया

व्याख्या

सही उत्तर है B, यूगोस्लाविया। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन सितंबर 1961 में बेलग्रेड में हुआ था, जो तब यूगोस्लाविया की राजधानी थी, और इसमें पच्चीस देशों ने भाग लिया। यह आंदोलन भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, घाना के क्वामे नक्रूमा और इंडोनेशिया के सुकर्णो की आपसी समझ से खड़ा हुआ था। ये नेता चाहते थे कि एशिया और अफ्रीका के नए स्वतंत्र देश शीत युद्ध के दोनों गुटों से अलग रहें। वर्ष 1955 के इंडोनेशिया के बांडुंग सम्मेलन ने इसकी ज़मीन तैयार की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत ने 1983 में नई दिल्ली में सातवाँ सम्मेलन आयोजित किया था, पहला नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है और वहाँ इस आंदोलन का कोई शिखर सम्मेलन नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि मिस्र ने 1964 में काहिरा में दूसरा सम्मेलन कराया था। परीक्षा टिप: पहला गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन बेलग्रेड 1961, और पाँच संस्थापक नेहरू, टीटो, नासिर, नक्रूमा तथा सुकर्णो।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 11 Oct 2021, Shift 3कठिन

विक्रमादित्य VI, जिनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनकी जीवनी लिखी, किस राजवंश के शासक थे?

  1. A.चालुक्य
  2. B.पल्लव
  3. C.राष्ट्रकूट
  4. D.गंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चालुक्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, चालुक्य। विक्रमादित्य VI कल्याणी के पश्चिमी चालुक्य राज्य के शासक थे और उनके दरबारी कवि बिल्हण ने उनके जीवन पर विक्रमांकदेवचरित लिखा। उन्होंने लगभग 1076 से 1126 ईस्वी तक वर्तमान कर्नाटक के कल्याणी से शासन किया और अपने राज्यारोहण से गिनी जाने वाली चालुक्य-विक्रम संवत् चलाई, जो भारत के बहुत कम शासकों ने किया। उनके दरबार के दूसरे विद्वान विज्ञानेश्वर थे, जिन्होंने याज्ञवल्क्य स्मृति पर मिताक्षरा नाम की प्रसिद्ध टीका लिखी, जो हिंदू विधि का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। B गलत है क्योंकि पल्लव कांची से शासन करते थे और दसवीं शताब्दी तक उनका पतन हो गया था। C गलत है क्योंकि मान्यखेट के राष्ट्रकूटों को 973 ईस्वी में इन्हीं चालुक्यों ने हटाया था। D गलत है क्योंकि पश्चिमी गंग दक्षिण कर्नाटक के तलकाड से शासन करते थे और श्रवणबेलगोला के लिए जाने जाते हैं, बिल्हण के लिए नहीं। परीक्षा टिप: बिल्हण – विक्रमांकदेवचरित – विक्रमादित्य VI; विज्ञानेश्वर – मिताक्षरा – उसी दरबार में।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 3मध्यम

कावेरी डेल्टा में शासक विजयालय ने निम्नलिखित में से किस नगर की स्थापना की?

  1. A.तिरुचिरापल्ली
  2. B.तिरुपुर
  3. C.मदुरै
  4. D.तंजावुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तंजावुर

व्याख्या

सही उत्तर D, तंजावुर है। विजयालय ने नौवीं शताब्दी के मध्य में साम्राज्यवादी चोल वंश की नींव रखी, मुत्तरैयर सरदारों से कावेरी डेल्टा छीना और तंजावुर बसाया, जो चोल राजधानी बना और आगे राजराज प्रथम के बृहदेश्वर मंदिर का स्थान बना। विकल्प A गलत है क्योंकि शैलदुर्ग वाला तिरुचिरापल्ली पल्लवों तथा बाद में मदुरै के नायकों से जुड़ा है, विजयालय से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि तिरुपुर पश्चिमी तमिलनाडु का आधुनिक वस्त्र नगर है, जिसका चोल इतिहास में कोई स्थान नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मदुरै पांड्यों की राजधानी थी, जिन प्रतिद्वंद्वियों से चोल सुदूर दक्षिण में बार-बार लड़े। चोल राजधानियां क्रम से याद रखें: विजयालय और राजराज प्रथम के समय तंजावुर, तथा राजेंद्र प्रथम द्वारा बसाया गंगैकोंड चोलपुरम। चोल शासकों का क्रम याद रखें: विजयालय, आदित्य प्रथम, परांतक प्रथम, राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम, जिनमें अंतिम दो सबसे प्रसिद्ध हैं।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 3कठिन

खातोली का युद्ध 1517 में राणा सांगा के नेतृत्व वाले मेवाड़ राज्य और ________ के बीच लड़ा गया था।

  1. A.सिकंदर लोदी
  2. B.बाबर
  3. C.इब्राहीम लोदी
  4. D.महमूद लोदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इब्राहीम लोदी

व्याख्या

सही उत्तर है C, इब्राहीम लोदी। वर्तमान राजस्थान में बूंदी के निकट 1517 में लड़ा गया खातोली का युद्ध मेवाड़ के राणा सांगा और दिल्ली की गद्दी पर नव-आसीन इब्राहीम लोदी के बीच पहला संघर्ष था, जिसमें राजपूत विजयी रहे। राणा सांगा अर्थात राणा संग्राम सिंह ने 1509 से 1528 तक मेवाड़ पर शासन किया और उसे अपने समय की सबसे प्रबल राजपूत शक्ति बनाया; उन्होंने 1518 में धौलपुर में लोदियों को तथा 1519 में गागरोन में मालवा की सेना को हराया। उनका सैन्य जीवन 1527 के खानवा युद्ध में समाप्त हुआ, जहां बाबर की तोपों ने उन्हें पराजित किया। A गलत है क्योंकि सिकंदर लोदी की मृत्यु इस युद्ध से पहले 1517 में हो गई थी। B गलत है क्योंकि बाबर भारत 1526 में आया। D गलत है क्योंकि इब्राहीम का भाई महमूद लोदी बाद में 1529 के घाघरा युद्ध में लड़ा। परीक्षा टिप: राणा सांगा का क्रम - खातोली 1517, धौलपुर 1518, गागरोन 1519, खानवा 1527।

Q17.भारतीय इतिहासमध्यम

ब्राह्मी लिपि को पढ़कर अशोक के अभिलेखों को सुलभ बनाने का कार्य किसने किया?

  1. A.अलेक्जेंडर कनिंघम
  2. B.जेम्स प्रिंसेप
  3. C.जॉन मार्शल
  4. D.विलियम जोन्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जेम्स प्रिंसेप

व्याख्या

सही उत्तर B, जेम्स प्रिंसेप है। वे ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी के सचिव थे, और 1837 में उन्होंने ब्राह्मी अक्षरों के मान निकाले, जिससे स्वयं को देवानांप्रिय पियदस्सी कहने वाले राजा के अभिलेख पहली बार पढ़े जा सके। विकल्प A गलत है क्योंकि अलेक्जेंडर कनिंघम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रथम महानिदेशक थे और उन्होंने स्थलों का सर्वेक्षण किया, लिपि का पठन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जॉन मार्शल बहुत बाद में सर्वेक्षण के प्रमुख रहे और सिंधु सभ्यता की खोज की घोषणा के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि विलियम जोन्स ने 1784 में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की और संस्कृत तथा तुलनात्मक भाषा पर कार्य किया, तब ब्राह्मी की समस्या हल नहीं हुई थी। 1837 को प्रिंसेप के नाम से जोड़ लें।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 09 Sept, 2024, Shift 1आसान

महेंद्रवर्मन प्रथम निम्नलिखित में से किस राजवंश का शासक था?

  1. A.पांड्य
  2. B.चोल
  3. C.चालुक्य
  4. D.पल्लव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पल्लव

व्याख्या

सही उत्तर D, पल्लव है। महेंद्रवर्मन प्रथम ने सातवीं शताब्दी के आरंभ में कांचीपुरम से पल्लव राज्य पर शासन किया, बादामी के पुलकेशिन द्वितीय से युद्ध किया, तमिल प्रदेश के शैलकृत मंडप आरंभ कराए और विचित्रचित्त तथा मत्तविलास की उपाधियां धारण कीं, जिनमें दूसरी उसी नाम के संस्कृत प्रहसन से जुड़ी है। विकल्प A गलत है क्योंकि पांड्य मदुरै से शासन करते थे और नेडुंजेलियन जैसे शासकों तथा बहुत बाद के मारवर्मन सुंदर पांड्य के लिए याद किए जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि इस काल की चोल परंपरा नौवीं शताब्दी में विजयालय से आरंभ होती है, अर्थात महेंद्रवर्मन के दो शताब्दी बाद। विकल्प C गलत है क्योंकि बादामी के चालुक्य पल्लवों के प्रमुख शत्रु थे; पुलकेशिन द्वितीय ने महेंद्रवर्मन प्रथम को हराया था और आगे नरसिंहवर्मन प्रथम ने बदला लेते हुए बादामी को ध्वस्त किया। पल्लव शासकों का क्रम याद रखें: सिंहविष्णु, महेंद्रवर्मन प्रथम, नरसिंहवर्मन प्रथम और नरसिंहवर्मन द्वितीय राजसिंह।

Q19.भारतीय इतिहासआसान

भारत का राष्ट्रीय ध्येय वाक्य सत्यमेव जयते किस ग्रंथ से लिया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.मुंडक उपनिषद
  3. C.भगवद्गीता
  4. D.मनुस्मृति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुंडक उपनिषद

व्याख्या

सही उत्तर B, मुंडक उपनिषद है। ये शब्द राष्ट्रीय ध्येय वाक्य के रूप में अपनाए गए और भारत के राजचिह्न में सिंह शीर्ष के नीचे देवनागरी में अंकित हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि ऋग्वेद सबसे प्राचीन ग्रंथ होने पर भी इस वाक्य का स्रोत नहीं है; उससे सार्वजनिक जीवन में आया प्रसिद्ध अंश गायत्री मंत्र है। विकल्प C गलत है क्योंकि भगवद्गीता महाभारत का अंश है और उससे कोई राष्ट्रीय प्रतीक नहीं लिया गया। विकल्प D गलत है क्योंकि मनुस्मृति धर्मशास्त्रों में सबसे प्राचीन है और विधि तथा सामाजिक कर्तव्य से संबंधित है। राजचिह्न के तीन तथ्य एक साथ याद रखें: सारनाथ के अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष राजचिह्न बना, उस पर का चक्र राष्ट्रध्वज का चक्र बना, और नीचे का ध्येय वाक्य मुंडक उपनिषद से आया।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Dec 2021, Shift 1आसान

चौथी से नौवीं शताब्दी के बीच कांचीपुरम किस राज्य की राजधानी रहा?

  1. A.पांड्य
  2. B.चेर
  3. C.पल्लव
  4. D.चोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पल्लव

व्याख्या

सही उत्तर C, पल्लव है। उत्तरी तमिलनाडु का कांचीपुरम लगभग चौथी शताब्दी से नौवीं शताब्दी में चोलों के हाथ वंश के पतन तक पल्लव राजधानी रहा, और वहीं नरसिंहवर्मन प्रथम ने ह्वेनसांग का स्वागत किया तथा नरसिंहवर्मन द्वितीय राजसिंह ने कैलासनाथ मंदिर बनवाया। विकल्प A गलत है क्योंकि पांड्य राजधानी मदुरै थी और उसका बंदरगाह कोरकई। विकल्प B गलत है क्योंकि संगम युग के चेर केरल तट पर शासन करते थे, जिनकी राजधानी वंजी तथा बंदरगाह मुजिरिस और तोंडी थे। विकल्प D गलत है क्योंकि साम्राज्यवादी चोल तंजावुर और बाद में गंगैकोंड चोलपुरम से शासन करते थे; उन्होंने कांचीपुरम पल्लवों से इस काल के अंत में ही लिया। जोड़ियां पक्की कर लें: पल्लव के लिए कांची, पांड्य के लिए मदुरै, चोल के लिए तंजावुर। पल्लव स्थापत्य के चरण भी पूछे जाते हैं: महेंद्र शैली, मामल्ल शैली, राजसिंह शैली और नंदिवर्मन शैली।

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