खदान पुनर्प्रयोजन उपकरण सुविकल्प किस संगठन ने विकसित किया है?
- A.कोल इंडिया लिमिटेड
- B.कोयला नियंत्रक संगठन
- C.भारतीय खान ब्यूरो
- D.नीति आयोग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर कोयला नियंत्रक संगठन है, जो कोयला मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसी संगठन ने सुविकल्प को डिजिटल निर्णय-समर्थन मंच के रूप में तैयार किया है, जो तय करने में मदद करता है कि बंद और परित्यक्त खदानों का उपयोग किस काम में हो, और इसे कोयला तथा लिग्नाइट खदान के लिए खनन योजना दिशानिर्देश के अनुरूप बनाया गया है। विकल्प A में सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला उत्पादक कंपनी का नाम है, जो कोयला निकालती है पर इस मंच की निर्माता नहीं है। विकल्प C में मुख्य रूप से कोयला और लिग्नाइट से भिन्न खनिजों से जुड़े नियामक का नाम है और विकल्प D में सरकार के नीति संस्थान का, इनमें से किसी को इस उपकरण का श्रेय नहीं दिया गया। मंच का उद्देश्य खनन के बाद की भूमि पर बिखरे और व्यक्तिपरक निर्णय की जगह वैज्ञानिक, पारदर्शी तथा मानकीकृत ढांचा लाना है।
पूरा लेख पढ़ें: कोयला मंत्रालय ने सुविकल्प खदान पुनर्प्रयोजन उपकरण बनाया
अभ्यास प्रश्न
सुविकल्प विकल्पों की रैंकिंग के लिए किस तकनीक पर आधारित बहु-मानदंड निर्णय पद्धति का उपयोग करता है?
- A.टॉप्सिस
- B.स्वोट विश्लेषण
- C.मोंटे कार्लो सिमुलेशन
- D.रैखिक समाश्रयण
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मंच इसी के सहारे खनन हो चुके स्थल के संभावित नए उपयोगों का मूल्यांकन और रैंकिंग करता है, क्योंकि इससे कई मापदंडों को एक साथ तौला जा सकता है और सिफारिशें राय के बजाय साक्ष्य पर टिकी तथा सुसंगत रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुविकल्प में कौन सा ढांचा परियोजनाओं के मूल्यांकन में सामुदायिक प्राथमिकताओं को शामिल करता है?
- A.प्रिज्म
- B.रिक्लेम
- C.टॉप्सिस
- D.शाइन
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यह खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की पसंद को तकनीकी व्यवहार्यता, पर्यावरणीय उपयुक्तता तथा आर्थिक पक्षों के साथ रखता है, जिससे पुनर्विकास की योजनाएं रोजगार, आजीविका, ढांचे और टिकाऊ लाभ की स्थानीय जरूरतों का उत्तर दें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्यक्रम में किस राज्य सरकार ने अपनी सीएम फ्लाइट योजना और वैश्विक कौशल केंद्र की योजना प्रस्तुत की?
- A.मेघालय
- B.असम
- C.मणिपुर
- D.त्रिपुरा
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कार्यक्रम गुवाहाटी में हुआ और असम सरकार ने अपनी सीएम फ्लाइट योजना के साथ वैश्विक कौशल केंद्र की दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें कार्यबल को उभरते अवसरों से जोड़ने के राज्य के प्रयास बताए गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जोरहाट और तिनसुखिया के पीएम-सेतु आईटीआई समूहों के आशय पत्र किन दो कंपनियों के सहयोग से हस्ताक्षरित हुए?
- A.इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और गेल
- B.नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और ऑयल इंडिया लिमिटेड
- C.ओएनजीसी और भारत पेट्रोलियम
- D.कोल इंडिया और एनटीपीसी
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गुवाहाटी के कार्यक्रम में दो औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान समूहों के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें जोरहाट समूह को नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और तिनसुखिया समूह को ऑयल इंडिया लिमिटेड का समर्थन मिला, और दोनों पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएम-सेतु का पूरा नाम क्या है?
- A.प्रधानमंत्री कौशल शिक्षा और तकनीकी उन्नयन
- B.प्रधानमंत्री कौशल विकास और उन्नत आईटीआई के माध्यम से रोजगार परिवर्तन
- C.प्रधानमंत्री विद्यार्थी रोजगार और प्रशिक्षण संघ
- D.प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नयन कौशल संवर्धन
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कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने गुवाहाटी के कार्यक्रम का विवरण देते हुए यही पूरा नाम बताया, जहां योजना पर एक समर्पित सत्र रखा गया और चर्चा हुई कि उद्योग के नेतृत्व वाले आईटीआई परिवर्तन से पूर्वोत्तर का कौशल इकोसिस्टम कैसे मजबूत हो सकता है।
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