केरोसीन और पेट्रोल के मिश्रण को सबसे अच्छी तरह किस विधि से अलग किया जा सकता है?
- A.ऊर्ध्वपातन
- B.पृथक्कारी कीप
- C.प्रभाजी आसवन
- D.संपीडन और शीतलन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, प्रभाजी आसवन। केरोसीन और पेट्रोल पूरी तरह आपस में घुल जाते हैं और उनके क्वथनांक पास-पास हैं, इसलिए इन्हें प्रभाजी आसवन से अलग किया जाता है।
प्रभाजी आसवन में मिश्रण को गर्म किया जाता है और उसकी वाष्प कांच के मनकों से भरे प्रभाजी स्तंभ में ऊपर उठती है। कम क्वथनांक वाला पेट्रोल पहले ऊपर पहुँचकर संघनित होता है, जबकि अधिक ताप पर उबलने वाला केरोसीन बाद में निकलता है। यही विधि रिफाइनरी में कच्चे तेल को पेट्रोल, केरोसीन, डीज़ल आदि अंशों में बाँटती है और वायु की गैसों को भी अलग करती है।
A गलत है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन से कपूर या नैफ्थलीन जैसे सीधे वाष्प बनने वाले ठोस अलग किए जाते हैं। B गलत है, क्योंकि पृथक्कारी कीप केवल न घुलने वाले द्रवों, जैसे केरोसीन और पानी, के लिए काम आती है। D गलत है, क्योंकि संपीडन और शीतलन से गैस द्रव बनती है, दो द्रव अलग नहीं होते।
परीक्षा टिप: पास-पास क्वथनांक वाले घुलनशील द्रव के लिए प्रभाजी आसवन; न घुलने वाले द्रवों के लिए पृथक्कारी कीप।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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