सीएक्यूएम ने पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें किस शहर में कीं?
- A.नई दिल्ली
- B.चंडीगढ़
- C.लुधियाना
- D.पानीपत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर चंडीगढ़ है, जो दोनों राज्यों की साझा राजधानी है, इसलिए आयोग उसी दिन दोनों सरकारों से अलग-अलग मिल सका। विकल्प A आकर्षक है, क्योंकि आयोग का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के इर्द-गिर्द बना है और उसका बहुत सा काम दिल्ली से जुड़ा है, जिसमें एनसीआर जिलों में डीजल ऑटो रिक्शा हटाना तथा ईंधन व सीएनजी स्टेशनों पर प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच शामिल है। विकल्प C और D पराली तथा औद्योगिक पट्टी के वे शहर हैं जिनकी चर्चा हर सर्दी में होती है, पर ये बैठकें वहां नहीं हुईं। परीक्षा के लिए स्थान और उद्देश्य की जोड़ी काम की है: बैठकें 22 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में हुईं, पंजाब सत्र पराली पर केंद्रित रहा और हरियाणा सत्र में वाहन, धूल तथा उद्योग भी शामिल थे।
पूरा लेख पढ़ें: सीएक्यूएम ने पंजाब और हरियाणा में पराली उपायों की समीक्षा की
अभ्यास प्रश्न
पंजाब और हरियाणा के साथ प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा करने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.राजेश वर्मा
- B.भूपेंद्र यादव
- C.तन्मय कुमार
- D.अटल डुल्लू
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उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ हुई दो अलग-अलग समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की, जिनमें जमीनी प्रवर्तन, जिला स्तर की तैयारी और फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के उपयोग की पड़ताल हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएक्यूएम का कौन सा निर्देश ईंट भट्ठों में पराली से बने बायोमास पैलेट और ब्रिकेट का उपयोग अनिवार्य करता है?
- A.निर्देश संख्या 76
- B.निर्देश संख्या 88
- C.निर्देश संख्या 92
- D.निर्देश संख्या 99
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पंजाब तथा हरियाणा दोनों के साथ इसके अनुपालन की समीक्षा हुई, क्योंकि ईंट भट्ठों को पराली से बने पैलेट और ब्रिकेट पर लाने से अवशेष की स्थायी मांग बनती है और खेत में आग लगाने का कारण ही खत्म हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 का मंत्रिस्तरीय सत्र किन दो संस्थाओं ने संयुक्त रूप से आयोजित किया?
- A.आईआईएसडी और सीईईडब्ल्यू
- B.नीति आयोग और टेरी
- C.इरेडा और सेकी
- D.एनएसईएफआई और एनआईएसई
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इन्होंने वह विशेष मंत्रिस्तरीय सत्र आयोजित किया जिसमें राज्यों के ऊर्जा और कृषि मंत्रियों ने एग्रीवोल्टाइक्स बढ़ाने की रणनीतियां रखीं, निवेश के अवसर दिखाए और स्थानीय फसलों के अनुरूप पीएम-कुसुम योजना को ढालने पर चर्चा की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओडिशा की प्रस्तावित एग्रीवोल्टाइक्स नीति के तहत परियोजना स्थल का कम से कम कितना हिस्सा कृषि योग्य बना रहना चाहिए?
- A.50 प्रतिशत
- B.70 प्रतिशत
- C.80 प्रतिशत
- D.90 प्रतिशत
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एग्रीवोल्टाइक्स का पूरा विचार यही है कि सौर पैनलों के नीचे और आसपास खेती चलती रहे, इसलिए प्रस्तावित नीति हर स्थल के कृषि योग्य हिस्से के लिए ऊंची सीमा तय करती है और इसके साथ किसान की सहमति तथा फसल बीमा की सुरक्षा जोड़ती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 में किस राज्य ने 2030 तक 1 गीगावाट के लक्ष्य वाली समर्पित एग्रीवोल्टाइक्स नीति को अंतिम रूप देने की घोषणा की?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.मध्य प्रदेश
- C.ओडिशा
- D.बिहार
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राज्य के उपमुख्यमंत्री ने मंत्रिस्तरीय सत्र में बताया कि ओडिशा एग्रीवोल्टाइक्स नीति 2026 को अंतिम रूप दे रहा है, जिसका आधार 2030 तक 1 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य है, और जिसके तहत परियोजना स्थल का कम से कम नब्बे प्रतिशत हिस्सा कृषि योग्य रहेगा, किसान की सहमति तथा फसल बीमा…
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