कौन-सा पंथनिरपेक्ष कानून किसी भी दो भारतीय नागरिकों को धर्म बदले बिना विवाह की सुविधा देता है और इसीलिए स्वैच्छिक समान नागरिक संहिता कहलाता है?
- A.हिंदू विवाह अधिनियम, 1955
- B.विशेष विवाह अधिनियम, 1954
- C.भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925
- D.मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 है। यह अधिनियम धर्म पर ध्यान न देते हुए सभी भारतीय नागरिकों के लिए विवाह का सिविल रूप उपलब्ध कराता है, जिसमें सूचना अवधि के बाद विवाह अधिकारी के समक्ष पंजीकरण होता है, और ऐसे विवाहों में उत्तराधिकार किसी धार्मिक कानून से नहीं बल्कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम से तय होता है। चूंकि यह सबके लिए स्वेच्छा से उपलब्ध है, लेखक इसे पहले से मौजूद स्वैच्छिक समान नागरिक संहिता कहते हैं। A, हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 केवल हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख पर लागू होता है और संहिताबद्ध हिंदू विधि का भाग है। C, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 मुख्यतः ईसाइयों, पारसियों और विशेष विवाह के पक्षकारों के लिए वसीयती तथा निर्वसीयत उत्तराधिकार तय करता है, पर वह विवाह कानून नहीं है। D, मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 निर्दिष्ट विषयों में मुसलमानों पर मुस्लिम व्यक्तिगत कानून लागू करता है, जो साझा संहिता के ठीक विपरीत है।
पूरा लेख पढ़ें: समान नागरिक संहिता (अनुच्छेद 44): वाद, बहस और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसमान नागरिक संहिता का उल्लेख भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में है?
- A.अनुच्छेद 40
- B.अनुच्छेद 42
- C.अनुच्छेद 44
- D.अनुच्छेद 46
उत्तर देखें
संविधान का अनुच्छेद 44 भाग 4 में राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बीच रखा गया है और कहता है कि राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान में 'लोक कल्याणकारी राज्य' का आदर्श किसमें निहित है?
- A.प्रस्तावना
- B.राज्य के नीति निदेशक तत्व
- C.मूल अधिकार
- D.सातवीं अनुसूची
उत्तर देखें
संविधान का भाग 4, अनुच्छेद 36 से 51, लोक कल्याणकारी राज्य के लक्ष्य निर्धारित करता है: अनुच्छेद 38 राज्य से जन कल्याण की अभिवृद्धि तथा आय, प्रतिष्ठा और अवसर की असमानता घटाने को कहता है, अनुच्छेद 39 भौतिक संसाधनों के सामूहिक हित में बंटवारे का निर्देश देता है, अनुच्छेद 41…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन राज्य का नीति निदेशक तत्व है?
- A.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
- B.ग्राम पंचायतों का गठन
- C.अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण
- D.अस्पृश्यता का अंत
उत्तर देखें
भाग 4 का अनुच्छेद 40 राज्य से कहता है कि वह ग्राम पंचायतों का संगठन करे और उन्हें स्वायत्त शासन की इकाई के रूप में कार्य करने योग्य शक्तियां तथा प्राधिकार दे; यही अनुच्छेद 73वें संविधान संशोधन का जनक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान के अंतर्गत धन का संकेंद्रण किसका उल्लंघन है?
- A.समता का अधिकार
- B.राज्य के नीति निदेशक तत्व
- C.स्वतंत्रता का अधिकार
- D.कल्याण की अवधारणा
उत्तर देखें
भाग 4 के अनुच्छेद 39(ग) के अनुसार राज्य अपनी नीति इस प्रकार संचालित करेगा कि आर्थिक व्यवस्था के परिणामस्वरूप धन और उत्पादन के साधनों का संकेंद्रण सर्वसाधारण के अहित में न हो, और अनुच्छेद 39(ख) कहता है कि भौतिक संसाधनों का स्वामित्व तथा नियंत्रण सामूहिक हित के लिए बांटा जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान में राज्य के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य में सुधार से निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संबंधित है?
- A.अनुच्छेद 40
- B.अनुच्छेद 43
- C.अनुच्छेद 47
- D.अनुच्छेद 49
उत्तर देखें
अनुच्छेद 47 राज्य को निर्देश देता है कि वह अपने लोगों के पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लोक स्वास्थ्य में सुधार को अपने प्राथमिक कर्तव्यों में माने, और यह भी जोड़ता है कि राज्य मादक पेयों तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक औषधियों के, औषधीय प्रयोजन को…
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