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GK24
सामान्य विज्ञानआसानपूछा गया: SSC CPO · 7th July 2017, Shift 1

कौन-सा नियम/सिद्धांत कहता है कि जब कोई वस्तु किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर ऊपर की ओर एक बल लगता है जो उसके द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है?

  1. A.बॉयल का नियम
  2. B.चार्ल्स का नियम
  3. C.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  4. D.पास्कल का नियम

सही उत्तर

C. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्किमिडीज का सिद्धांत। यह सिद्धांत कहता है कि तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर उतना बल लगता है जितना उसके द्वारा हटाए गए तरल का भार होता है, और इस ऊपरी बल को उत्प्लावन बल या उत्क्षेप कहते हैं। इसी से समझ आता है कि पानी में वस्तु हल्की क्यों लगती है, लोहे का जहाज क्यों तैरता है पर लोहे की कील क्यों डूबती है, और हाइड्रोमीटर तथा लैक्टोमीटर कैसे काम करते हैं। वस्तु का घनत्व तरल से कम हो तो वह तैरती है, अधिक हो तो डूबती है; इसीलिए लोहे की गेंद पानी में डूबती है पर पारे में तैरती है। A गलत है क्योंकि बॉयल का नियम स्थिर ताप पर गैस के दाब और आयतन को जोड़ता है। B गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर आयतन और ताप को जोड़ता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम बंद तरल में दाब के समान संचरण की बात करता है। परीक्षा टिप: आर्किमिडीज से उत्क्षेप, पास्कल से हाइड्रोलिक प्रेस।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 03 Oct, 2023, Shift 1कठिन

मेथिल एथिल कीटोन को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.2-ब्यूटेनोन
  2. B.प्रोपेनोन
  3. C.मेथिल पेंटेनोन
  4. D.2-ब्यूटेनॉल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2-ब्यूटेनोन

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2-ब्यूटेनोन। मेथिल एथिल कीटोन में कार्बोनिल समूह के एक ओर मेथिल और दूसरी ओर एथिल समूह जुड़ा होता है, जिससे कुल चार कार्बन बनते हैं और कार्बोनिल दूसरे स्थान पर रहता है, इसलिए इसका आईयूपीएसी नाम ब्यूटेन-2-ओन अर्थात 2-ब्यूटेनोन है। कीटोन के नाम के अंत में प्रत्यय ओन लगता है और संख्या बताती है कि कार्बोनिल समूह किस कार्बन पर है। यह रंगहीन द्रव है, जिसका उपयोग पेंट, वार्निश, चिपकाने वाले पदार्थ तथा छपाई की स्याही में विलायक के रूप में होता है, और यह कुछ फलों में अल्प मात्रा में मिलता है। B गलत है क्योंकि प्रोपेनोन, जिसे एसीटोन कहते हैं, तीन कार्बन वाला डाइमेथिल कीटोन है। C गलत है क्योंकि मेथिल पेंटेनोन में छह कार्बन चाहिए। D गलत है क्योंकि 2-ब्यूटेनॉल हाइड्रॉक्सिल समूह वाला ऐल्कोहॉल है, कीटोन नहीं, पर इसके ऑक्सीकरण से 2-ब्यूटेनोन बनता है। परीक्षा टिप: कार्बोनिल के दोनों ओर के कार्बन गिनें और कार्बोनिल कार्बन का एक जोड़ दें।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 04 Oct, 2023, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन समांगी मिश्रण हैं?

  1. A.विलयन, कोलॉइड, निलंबन, दूध, टूथपेस्ट, नमक का पानी, पीतल
  2. B.विलयन, नमक का पानी, पीतल
  3. C.विलयन, कोलॉइड, दूध, टूथपेस्ट, नमक का पानी, पीतल
  4. D.कोलॉइड, निलंबन, दूध, टूथपेस्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विलयन, नमक का पानी, पीतल

व्याख्या

सही उत्तर है B, विलयन, नमक का पानी, पीतल। समांगी मिश्रण में संरचना और गुण सर्वत्र एक समान होते हैं और घटकों के बीच कोई दृश्य सीमा नहीं होती, इसलिए नमक के पानी जैसा वास्तविक विलयन इसमें आता है, और पीतल भी, जो तांबे तथा जिंक की मिश्रधातु है, क्योंकि मिश्रधातुएं ठोस विलयन होती हैं। नमक के पानी में कण एक नैनोमीटर से छोटे होते हैं, इसीलिए मिश्रण पारदर्शी दिखता है, न बैठता है और न प्रकाश प्रकीर्णित करता है। A गलत है क्योंकि इसमें कोलॉइड और निलंबन जोड़ दिए गए हैं, जो विषमांगी हैं। C गलत है क्योंकि दूध और टूथपेस्ट जैसे कोलॉइड में परिक्षिप्त कण एक से एक हजार नैनोमीटर के होते हैं, जो प्रकाश किरण को प्रकीर्णित करते हैं, यही टिंडल प्रभाव है। D भी इसी कारण गलत है। परीक्षा टिप: विलयन छाना नहीं जा सकता और टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता, कोलॉइड टिंडल प्रभाव दिखाता है, निलंबन रखने पर बैठ जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 2आसान

नाभिकीय अभिक्रियाओं में उत्पन्न होने वाले तथा रेडियोऐक्टिव नाभिकों से निकलने वाले उस उच्च आवृत्ति विकिरण का नाम बताइए, जिसका उपयोग चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

  1. A.गामा किरणें
  2. B.पराबैंगनी तरंगें
  3. C.प्रकाश तरंगें
  4. D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर है A, गामा किरणें। गामा किरणें सबसे अधिक आवृत्ति और सबसे कम तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें हैं, जो रेडियोऐक्टिव परमाणु के नाभिक से तथा नाभिकीय अभिक्रियाओं में निकलती हैं, और इनकी ऊर्जा विकिरण चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। गामा नाइफ तथा भारतीय अस्पतालों की टेलीथेरेपी मशीनों में कोबाल्ट-60 स्रोत के रूप में काम आता है; गामा किरणों से शल्य उपकरण रोगाणुरहित किए जाते हैं और प्याज तथा आलू का परिरक्षण किया जाता है। इन पर न आवेश होता है न द्रव्यमान, इसलिए चुंबकीय क्षेत्र इन्हें मोड़ नहीं पाता और इन्हें रोकने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए। B गलत है क्योंकि पराबैंगनी तरंगें सूर्य तथा लैंप से आती हैं और बहुत कमजोर होती हैं। C गलत है क्योंकि दृश्य प्रकाश वह संकीर्ण पट्टी है जो आंखें देख पाती हैं। D गलत है क्योंकि एक्स-किरणें नाभिक से नहीं, धातु लक्ष्य से टकराते इलेक्ट्रॉनों से बनती हैं। परीक्षा टिप: बढ़ती आवृत्ति का क्रम - रेडियो, सूक्ष्मतरंग, अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी, एक्स, गामा।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

फलों के पकने के लिए मुख्यतः कौन-सा पादप हार्मोन उत्तरदायी है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.जिबरेलिन
  3. C.ऐथिलीन
  4. D.साइटोकाइनिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऐथिलीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ऐथिलीन, एकमात्र पादप हार्मोन जो गैस है। यह फल का पकना तेज़ करता है, पत्तियों तथा पुष्पों के झड़ने को बढ़ाता है और व्यापार में एथेफॉन के रूप में आम, केले और टमाटर को समान रूप से पकाने के लिए प्रयोग होता है; एक पका फल कच्चे फलों के साथ रखने पर उन्हें पका देता है, क्योंकि वह ऐथिलीन छोड़ता है। A गलत है क्योंकि ऑक्सिन कोशिका दीर्घीकरण, प्रकाश की ओर झुकाव और शिखर प्रभाविता का हार्मोन है, और अधिक मात्रा में वह खरपतवारनाशी की तरह काम करता है। B गलत है क्योंकि जिबरेलिन तना लंबा करता है, बीज की प्रसुप्ति तोड़ता है और गुलाबिका पौधों में बोल्टिंग लाता है; वह ऊँचाई की वृद्धि से जुड़ा है, पकने से नहीं। D गलत है क्योंकि साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाता है, पत्तियों के जीर्ण होने में देरी करता है और ऊतक संवर्धन में प्ररोह बनने में मदद करता है। तनाव से जोड़ने वाला हार्मोन एब्सिसिक अम्ल है, जो रंध्र बंद करता और प्रसुप्ति लागू करता है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

आलू किसका रूपांतरित रूप है?

  1. A.जड़
  2. B.तना
  3. C.पत्ती
  4. D.पुष्प
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तना

व्याख्या

सही उत्तर है B, तना। आलू भूमिगत तना कंद है, और प्रमाण उसकी त्वचा पर है: उसके गड्ढे, जिन्हें आँखें कहते हैं, शल्कपत्रों वाली कक्षस्थ कलिकाएँ हैं, और इस प्रकार की कलिकाएँ सच्ची जड़ पर कभी नहीं मिलतीं। इसी कारण आँख वाला कटा टुकड़ा पूरा नया पौधा बन जाता है। A गलत है क्योंकि परिचित रूपांतरित जड़ें शकरकंद, गाजर, मूली, शलजम और चुकंदर हैं, जिनमें से किसी पर कलिका नहीं होती। C गलत है क्योंकि रूपांतरित पत्तियों से प्याज के शल्ककंद के मांसल शल्क, मटर के प्रतान और नागफनी के काँटे बनते हैं, आलू नहीं। D गलत है क्योंकि आलू पुष्प के अर्थ में प्रजनन अंग नहीं है; आलू का पौधा अलग से पुष्प देता है। दोहराने के लिए रूपांतरित तनों को एक साथ रखें: आलू कंद, अदरक और हल्दी प्रकंद, प्याज और लहसुन शल्ककंद, अरबी घनकंद।