कार्यक्रम में कितनी राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने प्रतिभागी भेजे?
- A.आठ
- B.ग्यारह
- C.चौदह
- D.बीस
सही उत्तर
व्याख्या
उत्तर है चौदह। इस समाचार में दो संख्याएं साथ चलती हैं और आपस में बदल जाना आसान है - अड़तीस वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, और वे चौदह राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से आए थे। संस्थाएं छोटी संख्या हैं, लोग बड़ी। जो अभ्यर्थी केवल एक अंक याद रखेगा, वह दूसरे पर अटक जाएगा, इसलिए दोनों को जोड़ी की तरह याद रखना चाहिए।
भाग लेने वाले देशों को महाद्वीप के हिसाब से देखें तो याद रखना आसान हो जाता है। अफ्रीका से अल्जीरिया, इथियोपिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका तथा जिम्बाब्वे; लैटिन अमेरिका से चिली और इक्वाडोर; एशिया से इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मलेशिया, ओमान और ताजिकिस्तान; और प्रशांत क्षेत्र से समोआ। यानी फैलाव अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, एशिया और प्रशांत तक है। यही विविधता कार्यक्रम की मूल सोच बताती है - अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं में लगभग एक जैसा काम करने वाली संस्थाएं किसी एक आदर्श से अधिक एक-दूसरे से सीख सकती हैं। इसी आधार पर आयोग के अध्यक्ष ने वैश्विक दक्षिण की संस्थाओं के बीच और गहरे सहयोग की बात रखी।
पूरा लेख पढ़ें: एनएचआरसी का पांचवां आईटीईसी मानवाधिकार कार्यक्रम संपन्न
अभ्यास प्रश्न
मानवाधिकारों पर पांचवें आईटीईसी क्षमता-निर्माण कार्यक्रम में समापन भाषण किसने दिया?
- A.केंद्रीय गृह मंत्री
- B.न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, अध्यक्ष, एनएचआरसी भारत
- C.भारत के मुख्य न्यायाधीश
- D.केंद्रीय विदेश मंत्री
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उत्तर हैं न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, जो भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं और जिन्होंने कार्यक्रम का समापन किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएचआरसी ने मानवाधिकारों पर यह आईटीईसी कार्यक्रम किस मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया?
- A.गृह मंत्रालय
- B.विदेश मंत्रालय
- C.विधि एवं न्याय मंत्रालय
- D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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उत्तर है विदेश मंत्रालय। यह जोड़ी संयोग नहीं है - भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम विदेश नीति का एक साधन है, जिसके जरिए अन्य विकासशील देशों के अधिकारियों को प्रशिक्षण और विशेषज्ञता दी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन को संबोधित करने वाले कोयला एवं खान राज्य मंत्री कौन हैं?
- A.केशव चंद्र
- B.सतीश चंद्र दुबे
- C.जी. किशन रेड्डी
- D.प्रह्लाद जोशी
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सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खनन पहलों को तेज करने और देश को खनिजों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में जी. किशन रेड्डी ने मुख्य रूप से किस प्रकार के खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए अन्वेषण तेज करने को कहा?
- A.कोयला जैसे ईंधन खनिज
- B.गौण खनिज
- C.महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स)
- D.परमाणु खनिज
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गोवा में हुए सम्मेलन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर खनिज अन्वेषण में तेजी लानी होगी, खास तौर पर इसलिए कि महत्वपूर्ण खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में संपन्न खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन कहां आयोजित हुआ?
- A.भुवनेश्वर
- B.गोवा
- C.हैदराबाद
- D.रांची
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खान मंत्रालय ने 6 नवंबर 2026 को बताया कि खनन मंत्रियों का दो दिवसीय चौथा सम्मेलन गोवा में संपन्न हुआ, जहां केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केंद्र और राज्यों से मिलकर खनिज अन्वेषण तेज करने को कहा।
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