जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंज़ूर Semicon 2.0 का परिव्यय कितना है?
- A.₹76,000 करोड़
- B.₹1,00,000 करोड़
- C.₹1,27,500 करोड़
- D.₹1,64,000 करोड़
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर ₹1,27,500 करोड़ है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2026 में इसी परिव्यय के साथ Semicon 2.0 को मंज़ूरी दी। यह Semicon 1.0 की नींव पर बना है और छह स्तंभों पर टिका है: डिज़ाइन; मशीनें और सामग्री; अधिक फैब; उन्नत पैकेजिंग; अनुसंधान एवं विकास; और प्रतिभा विकास। केवल फैब्रिकेशन नहीं, पूरी मूल्य शृंखला को कवर करने का यही व्यापक दृष्टिकोण "सिलिकॉन से सिस्टम" थीम का सार था।
₹1.64 लाख करोड़ जाल है: यह Semicon India कार्यक्रम के तहत पहले से हुई निवेश प्रतिबद्धता है, छह राज्यों की 12 मंज़ूर परियोजनाओं में, जिनमें से तीन वाणिज्यिक उत्पादन में हैं। ₹76,000 करोड़ मूल कार्यक्रम का परिव्यय था, और ₹1 लाख करोड़ गोल संख्या वाला भ्रम है। 2026 के दो आंकड़े अलग रखें: ₹1,27,500 करोड़ सरकार का नया परिव्यय है, ₹1.64 लाख करोड़ कंपनियों की निवेश प्रतिबद्धता।
पूरा लेख पढ़ें: SEMICON India 2026: 'सिलिकॉन से सिस्टम' पर भारत का चिप इकोसिस्टम
अभ्यास प्रश्न
SEMICON India 2026 का आयोजन किस स्थान पर हुआ?
- A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- B.यशोभूमि, नई दिल्ली
- C.महात्मा मंदिर, गांधीनगर
- D.BIEC, बेंगलुरु
उत्तर देखें
SEMICON India का पांचवां संस्करण वहां 17 से 19 सितंबर 2026 तक तीन दिन "सिलिकॉन से सिस्टम: इकोसिस्टम का निर्माण" थीम पर चला, जिसमें 600 से अधिक प्रदर्शक कंपनियां, स्टार्ट-अप पवेलियन, कार्यबल विकास पवेलियन, देशों और राज्यों के पवेलियन और एक हैकाथॉन थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →SEMICON India 2026 में प्रदर्शित AUM HPC-AI प्रोसेसर और RUDRA-AUM कंप्यूट नोड किस संस्था ने विकसित किए?
- A.इसरो
- B.सी-डैक
- C.डीआरडीओ
- D.बीईएल
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प्रगत संगणन विकास केंद्र ने अपना AUM HPC-AI प्रोसेसर और RUDRA-AUM कंप्यूट नोड प्रदर्शित किया, जो हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और एआई में केवल चिप नहीं बल्कि सिस्टम स्तर पर स्वदेशी क्षमता बनाने के भारत के प्रयास को दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडियाएआई मिशन को कब मंजूरी दी थी?
- A.7 मार्च 2024
- B.1 फरवरी 2023
- C.15 अगस्त 2025
- D.7 मार्च 2022
उत्तर देखें
इंडियाएआई मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी तारीख को स्वीकृति दी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईकेए-1 और धीर के निर्माताओं का चयन इंडियाएआई मिशन के किस स्तंभ के अंतर्गत हुआ?
- A.इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता
- B.इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल)
- C.इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स
- D.सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई
उत्तर देखें
सोकेट लैब्स और जेंटेईक्यू उन दलों में शामिल हैं, जिन्हें स्वदेशी फाउंडेशन क्षमताएं तथा बड़े भाषा मॉडल बनाने के लिए इसी स्तंभ के अंतर्गत चुना गया था, और मिशन ने उन्हें रियायती दर पर राष्ट्रीय एआई कंप्यूट सुविधा तथा सहायक शोध व्यय में मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओपन-सोर्स धीर 2बी और धीर 5बी मॉडल किस संस्था ने विकसित किए हैं?
- A.सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च
- B.सी-डैक
- C.जेंटेईक्यू एआईटेक इनोवेशंस
- D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
उत्तर देखें
जेंटेईक्यू ने धीर 2बी और धीर 5बी ओपन-सोर्स मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें संस्थान के अपने परिसर में सुरक्षित बहुभाषी सहायक के रूप में लगाया जा सकता है और जो अंग्रेजी तथा 10 भारतीय भाषाओं में काम करते हैं।
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