जंतु कोशिकाओं और पादप कोशिकाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.जंतु कोशिकाओं में केवल कोशिका झिल्ली होती है, कोशिका भित्ति नहीं, जबकि पादप कोशिकाओं में केवल कोशिका भित्ति होती है, कोशिका झिल्ली नहीं।
- B.जंतु कोशिकाओं में केवल कोशिका झिल्ली होती है, कोशिका भित्ति नहीं, किंतु पादप कोशिकाओं में दोनों होती हैं।
- C.जंतु और पादप दोनों कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति होती हैं।
- D.जंतुओं की केवल कुछ कोशिकाओं में कोशिका भित्ति होती है और सभी पादप कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली होती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, जंतु कोशिकाओं में केवल कोशिका झिल्ली होती है, किंतु पादप कोशिकाओं में दोनों। हर जीवित कोशिका को कोशिका झिल्ली चाहिए, और पादप कोशिकाओं में इसके बाहर एक दृढ़ कोशिका भित्ति भी होती है।
कोशिका झिल्ली या प्लाज्मा झिल्ली हर कोशिका की पतली, वरणात्मक पारगम्य सीमा है, जो तय करती है कि क्या भीतर आए और क्या बाहर जाए। पादप कोशिकाओं में यह कोशिका भित्ति के ठीक भीतर होती है। भित्ति मुख्यतः सेलुलोज की बनी होती है, कोशिका को निश्चित आकार देती है और भीतर के पानी के दबाव को सहने देती है। कवकों में भी भित्ति होती है, काइटिन की, और जीवाणुओं में पेप्टिडोग्लाइकन की। जंतु कोशिकाओं में भित्ति नहीं होती, इसीलिए उनके आकार अलग-अलग होते हैं और कई कोशिकाएं चल या आकार बदल सकती हैं।
A गलत है, क्योंकि पादप कोशिकाओं में भित्ति के नीचे कोशिका झिल्ली होती है।
C गलत है, क्योंकि जंतु कोशिकाओं में कभी कोशिका भित्ति नहीं होती।
D गलत है, क्योंकि किसी भी जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती।
Exam tip: पादप भित्ति सेलुलोज की, कवक की काइटिन की, जीवाणु की पेप्टिडोग्लाइकन की; जंतु कोशिका में भित्ति नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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