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GK24
भारतीय इतिहासआसानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper I

जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. जलियाँवाला बाग़ में सैनिकों ने एक निहत्थी भीड़ पर गोली चलाई। 2. सैनिक जनरल डायर की कमान में थे। 3. सैनिकों ने गोली चलाने से पहले लोगों को कोई चेतावनी नहीं दी। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.केवल 2 और 3

सही उत्तर

C. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1, 2 और 3। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ में ब्रिगेडियर-जनरल रेजिनाल्ड डायर के आदेश पर सैनिकों ने बिना किसी चेतावनी के निहत्थी भीड़ पर गोली चलाई।

बैसाखी के दिन लोग आंशिक रूप से रॉलेट एक्ट और स्थानीय नेताओं सैफ़ुद्दीन किचलू तथा सत्यपाल की गिरफ़्तारी के विरोध में इकट्ठा हुए थे। डायर ने संकरा निकास बंद कर दिया और लगभग दस मिनट तक, गोलियाँ कम पड़ने तक, फ़ायरिंग करवाई; सरकारी आँकड़ों में 379 मौतें बताई गईं, जबकि असली संख्या इससे अधिक थी। हंटर समिति ने इसकी जाँच की और डायर ने उसके सामने माना कि उसने कोई चेतावनी नहीं दी थी। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने नाइटहुड की उपाधि लौटा दी, और 1940 में ऊधम सिंह ने उस समय के पंजाब के लेफ़्टिनेंट-गवर्नर माइकल ओ'डायर को गोली मारी।

A गलत है: इसमें सही कथन 2 और 3 छूट गए हैं।

B गलत है: इसमें कथन 3 छूट गया है; कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।

D गलत है: इसमें कथन 1, यानी निहत्थी भीड़ पर गोलीबारी, छूट गया है।

परीक्षा टिप: 13 अप्रैल 1919 — डायर, रॉलेट एक्ट का विरोध, हंटर समिति, टैगोर ने नाइटहुड लौटाई, ऊधम सिंह।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन 'सिक्किम प्रजा मंडल' के संस्थापक थे?

  1. A.काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा
  2. B.अंगामी ज़ापू फ़िज़ो
  3. C.लालडेंगा
  4. D.नर बहादुर भंडारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा

उन्होंने सामंती ज़मींदारी व्यवस्था और चोग्याल के निरंकुश शासन के विरोध में 1945 में सिक्किम प्रजा मंडल की स्थापना की थी।

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Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iमध्यम

'अमर-नायक' व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.अमर-नायक व्यवस्था विजयनगर साम्राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी।
  2. B.अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय द्वारा शासन करने के लिए क्षेत्र दिए जाते थे।
  3. C.अमर-नायक कर वसूलते थे और राजस्व का कुछ भाग निजी उपयोग तथा अपनी सैन्य टुकड़ियों के रखरखाव के लिए रखते थे।
  4. D.अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।

अमर-नायकों के क्षेत्र वंशानुगत नहीं थे; विजयनगर के राजा समय-समय पर उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला करते थे।

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Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iआसान

भारत के इतिहास के संदर्भ में, "उलगुलान" या महान हलचल निम्नलिखित में से किस घटना का वर्णन है?

  1. A.1857 का विद्रोह
  2. B.1921 का मोपला विद्रोह
  3. C.1859-60 का नील विद्रोह
  4. D.1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह

उलगुलान, जिसका अर्थ है "महान हलचल", राँची क्षेत्र में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए मुंडा विद्रोह का नाम है।

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Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

वुड के डिस्पैच (वुड का घोषणा-पत्र) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

1. सहायता-अनुदान (ग्रांट-इन-एड) प्रणाली शुरू की गई।

2. विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई।

3. शिक्षा के सभी स्तरों पर अंग्रेज़ी को शिक्षा का माध्यम बनाने की संस्तुति की गई।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

वुड के डिस्पैच ने सहायता-अनुदान शुरू किया और विश्वविद्यालयों की संस्तुति की, पर प्राथमिक स्तर पर अंग्रेज़ी के स्थान पर देशी भाषाओं को चाहा।

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Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iमध्यम

भारत के इतिहास के संदर्भ में "कुल्यवाप" और "द्रोणवाप" शब्द किसके द्योतक हैं?

  1. A.भूमि की माप
  2. B.विभिन्न मौद्रिक मूल्य के सिक्के
  3. C.नगरीय भूमि का वर्गीकरण
  4. D.धार्मिक अनुष्ठान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमि की माप

कुल्यवाप और द्रोणवाप प्रारंभिक भारतीय भूमि-अनुदान अभिलेखों में मिलने वाली भूमि माप की इकाइयाँ थीं। ये शब्द मुख्य रूप से बंगाल के गुप्त और गुप्तोत्तर काल के ताम्रपत्र अभिलेखों में मिलते हैं, जैसे दामोदरपुर ताम्रपत्र, जिनमें भूमि की बिक्री और दान दर्ज हैं।

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