जाइलम पौधों में जल के ऊर्ध्व संवहन के लिए एक प्रकार का जटिल ऊतक है। निम्नलिखित में से जाइलम का कौन-सा ऊतक जीवित कोशिकाओं से बना होता है?
- A.वाहिनिका (ट्रैकीड)
- B.वाहिका
- C.जाइलम मृदूतक
- D.जाइलम तंतु
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, जाइलम मृदूतक। जाइलम के चार अवयवों में केवल जाइलम मृदूतक जीवित कोशिकाओं से बना होता है; वाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ और जाइलम तंतु परिपक्व होने पर मृत होते हैं।
जाइलम जड़ों से पत्तियों तक पानी और घुले खनिज ले जाता है और इसके चारों अवयव यह काम बाँटते हैं। वाहिनिकाएँ मोटी, लिग्निनयुक्त दीवार वाली लंबी, नुकीली कोशिकाएँ हैं और वाहिकाएँ सिरे से सिरा जुड़ी कोशिकाओं से बनी नलियाँ हैं जिनकी अनुप्रस्थ दीवारें गल जाती हैं; दोनों पानी ले जाती हैं और काम करते समय मृत, खाली होती हैं। जाइलम तंतु यांत्रिक सहारा देते हैं। एकमात्र जीवित भाग जाइलम मृदूतक स्टार्च और वसा जैसे भोजन का भंडारण करता है और पानी के पार्श्व संवहन में मदद करता है। इसके उलट फ़्लोएम में केवल फ़्लोएम तंतु मृत होते हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि वाहिनिकाएँ जल संवहन के समय मृत होती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वाहिकाएँ भी मृत, खोखली नलियाँ हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि जाइलम तंतु मोटी दीवार वाली मृत कोशिकाएँ हैं।
Exam tip: जाइलम में केवल मृदूतक जीवित; फ़्लोएम में केवल तंतु मृत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसीमांत बीजांडन्यास, जिसमें बीजांड एक ही अंडप के जुड़े किनारे पर लगते हैं, किसमें पाया जाता है?
- A.टमाटर
- B.मटर
- C.सरसों
- D.सूरजमुखी
उत्तर देखें
मटर का अंडाशय एक अंडप का बना होता है, जिसके दोनों किनारे जुड़कर एक कटक बनाते हैं, और बीजांड उस कटक के सहारे दो पंक्तियों में लगते हैं; यही सीमांत बीजांडन्यास है, और इसी कारण फली खुलने पर दोनों ओर बीजों की एक पंक्ति दिखती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आम और नारियल किस प्रकार के फल के उदाहरण हैं?
- A.सरस फल
- B.अष्ठिल फल
- C.पोम
- D.फली
उत्तर देखें
अष्ठिल फल वह गूदेदार फल है जिसमें पतली बाह्यफलभित्ति, ऐसी मध्यफलभित्ति जो आम की तरह गूदेदार या नारियल की तरह रेशेदार हो सकती है, तथा एक बीज को घेरने वाली कठोर अंतःफलभित्ति होती है; नारियल का कठोर खोल वही अंतःफलभित्ति है और सफ़ेद गिरी बीज है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सेब को कूट फल क्यों माना जाता है?
- A.उसमें बीज नहीं होते
- B.वह अंडाशय के साथ पुष्पासन से भी बनता है
- C.वह निषेचन के बिना बनता है
- D.उसकी फलभित्ति कठोर होती है
उत्तर देखें
सत्य फल केवल अंडाशय से बनता है, परंतु सेब और नाशपाती में पुष्पासन बढ़कर मांसल हो जाता है और खाए जाने वाले ऊतक का बड़ा भाग बनाता है, जबकि अंडाशय केवल बीजकोष बनाता है; ऐसे फल को कूट फल कहा जाता है और उसका विशिष्ट प्रकार पोम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दलपुंज का वैक्सिलरी दलविन्यास किस पुष्प में पाया जाता है?
- A.मटर
- B.कपास
- C.मदार
- D.गुलमोहर
उत्तर देखें
वैक्सिलरी या पैपिलियोनेसियस दलविन्यास में दलपुंज के पांच दल असमान आकार के होते हैं: एक बड़ा पश्च दल, जिसे ध्वजक कहते हैं, जो दो पार्श्व पंख दलों को ढकता है, और वे दो सबसे छोटे अग्र दलों को ढकते हैं, जो जुड़कर नौतल बनाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →असीमाक्षी पुष्पक्रम में पुष्प किस क्रम में लगते हैं?
- A.तलाभिसारी क्रम
- B.अग्राभिसारी क्रम
- C.एक शिरस्थ गुच्छे में
- D.कोई निश्चित क्रम नहीं
उत्तर देखें
असीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष पुष्प पर समाप्त नहीं होता बल्कि बढ़ता रहता है, इसलिए सबसे नीचे का पुष्प सबसे पुराना होता है और सबसे नई कलिकाएं शिरे पर रहती हैं; इस ऊपर की ओर बढ़ते क्रम को अग्राभिसारी कहा जाता है, जैसे मूली, सरसों और लार्कस्पर में।
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