जब एक सेब जमीन पर गिरता है, तो होने वाले ऊर्जा स्थानांतरण का सही क्रम है
- A.गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा → वायु को ऊष्मा ऊर्जा → गतिज ऊर्जा → जमीन और सेब को ऊष्मा ऊर्जा → ध्वनि ऊर्जा
- B.गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा → ध्वनि ऊर्जा → गतिज ऊर्जा → वायु को ऊष्मा ऊर्जा → जमीन और सेब को ऊष्मा ऊर्जा
- C.गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा → वायु को ऊष्मा ऊर्जा → जमीन और सेब को ऊष्मा ऊर्जा → ध्वनि ऊर्जा
- D.गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा → ध्वनि ऊर्जा → वायु को ऊष्मा ऊर्जा → जमीन और सेब को ऊष्मा ऊर्जा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C। गिरते समय सेब की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा पहले गतिज ऊर्जा बनती है, रास्ते में कुछ ऊर्जा वायु को ऊष्मा के रूप में जाती है, और टकराने पर बाकी ऊर्जा जमीन और सेब को गर्म करने तथा ध्वनि में बदल जाती है।
पेड़ पर लटका सेब mgh के बराबर स्थितिज ऊर्जा रखता है। गिरते समय उसकी ऊंचाई घटती है और चाल बढ़ती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलती है। पूरे रास्ते वायु का प्रतिरोध काम करता है और इस ऊर्जा का छोटा भाग वायु में ऊष्मा बना देता है। जमीन से टकराने पर सेब की गतिज ऊर्जा अचानक खत्म होती है: उसका अधिकांश भाग सेब और जमीन को थोड़ा गर्म करता है और थोड़ा भाग धप्प की आवाज के रूप में निकलता है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार कुल ऊर्जा पूरे समय समान रहती है।
A गलत है: सेब के चलना शुरू करने से पहले वायु गर्म नहीं हो सकती।
B गलत है: ध्वनि केवल टकराने पर बनती है, सेब के चाल पकड़ने से पहले नहीं।
D गलत है: वायु को ऊष्मा गिरने के दौरान मिलती है, जो टकराने की ध्वनि से पहले है।
परीक्षा टिप: गिरती वस्तु: स्थितिज → गतिज, वायु घर्षण → ऊष्मा, टक्कर → ऊष्मा और ध्वनि।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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