इस्पात मंत्रालय की समीक्षा के अनुसार एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में कितना आयरन ओर निकाला?
- A.2.58 मिलियन टन
- B.3.58 मिलियन टन
- C.4.07 मिलियन टन
- D.6.15 मिलियन टन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 4.07 मिलियन टन है। समीक्षा में दर्ज है कि एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में इतना आयरन ओर निकाला, जो एक वर्ष पहले के इसी महीने से 20.8 प्रतिशत अधिक है। विकल्प ख एक अच्छा जाल है, क्योंकि 3.58 मिलियन टन उसी महीने की बिक्री का आंकड़ा है, जो 5.6 प्रतिशत बढ़ी। विज्ञप्ति में उत्पादन और बिक्री साथ-साथ दिए गए हैं, इसलिए पहला दिखने वाला अंक लिख देने वाला छात्र गलती कर जाता है। विकल्प क और घ का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है। इस उत्तर के साथ दो और आंकड़े जुड़े हैं, क्योंकि वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त में उत्पादन 23.23 मिलियन टन और बिक्री 18.72 मिलियन टन रही। विज्ञप्ति यह भी बताती है कि किरंदुल, बचेली और डोनिमलाई खदानों ने अब तक का सर्वाधिक अगस्त उत्पादन किया, जो अपने आप में एक संभावित प्रश्न है।
पूरा लेख पढ़ें: अप्रैल-अगस्त 2026 में इस्पात क्षेत्र में वृद्धि, एनएमडीसी का रिकॉर्ड
अभ्यास प्रश्न
इस्पात मंत्रालय द्वारा गिनाए गए शीर्ष 7 इस्पात उत्पादकों में इनमें से कौन शामिल नहीं है?
- A.सेल
- B.एनएमडीसी
- C.आरआईएनएल
- D.जेएसडब्ल्यू समूह
उत्तर देखें
समीक्षा में शीर्ष 7 उत्पादक सेल, आरआईएनएल, एनएसएल, टीएसएल समूह, एएम/एनएस, जेएसएल-जेएसपीएल और जेएसडब्ल्यू समूह बताए गए हैं। एनएमडीसी का नाम इसी दस्तावेज में प्रमुखता से आता है, पर आयरन ओर खनन कंपनी के रूप में, उस समूह के इस्पात उत्पादक के रूप में नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के एसआरटीएमआई ने लौह एवं इस्पात अनुसंधान पर किस देश की संस्था के साथ समझौता ज्ञापन किया?
- A.कनाडा
- B.जापान
- C.स्वीडन
- D.जर्मनी
उत्तर देखें
समीक्षा के अनुसार एसआरटीएमआई और स्वीडन के स्वेरिम ने लौह एवं इस्पात अनुसंधान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार में सहयोग मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
उत्तर देखें
इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समर्पित रसायन पार्कों के लिए बनी भव्य रसायन योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.1,000 करोड़ रुपये
- B.3,030 करोड़ रुपये
- C.5,000 करोड़ रुपये
- D.30,000 करोड़ रुपये
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जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन का कुल परिव्यय इतना ही है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए रखे गए हैं।
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