हड़प्पा सभ्यता में नहरों के अवशेष कहाँ पाए गए हैं?
- A.बनावली
- B.लोथल
- C.शोर्तुगई
- D.धोलावीरा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, शोर्तुगई। उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में स्थित हड़प्पा की व्यापारिक बस्ती शोर्तुगई वह स्थल है जहाँ सिंचाई नहरों के अवशेष मिले हैं।
अधिकतर हड़प्पाई किसान नदी की बाढ़ और कुओं पर निर्भर थे, और सिंधु क्षेत्र के मुख्य भाग में कोई नहर नहीं मिली है। शोर्तुगई ऑक्सस (अमु दरिया) नदी के पास बदख्शां की लाजवर्द खानों के निकट बसा था, और यहाँ के लोग खेतों की सिंचाई के लिए नहरों का उपयोग करते थे। यह स्थल दिखाता है कि हड़प्पाई लोग लाजवर्द जैसे कच्चे माल के लिए कितनी दूर तक जाते थे।
A गलत है, क्योंकि हरियाणा का बनावली हल के मिट्टी के खिलौने और जौ के लिए जाना जाता है, नहरों के लिए नहीं।
B गलत है, क्योंकि गुजरात का लोथल अपने गोदीवाड़े (डॉकयार्ड) और मनके बनाने की कार्यशालाओं के लिए प्रसिद्ध है।
D गलत है, क्योंकि कच्छ का धोलावीरा जलाशयों, तीन भागों वाली नगर योजना और हड़प्पा लिपि के बड़े सूचना-पट्ट के लिए जाना जाता है; वहाँ वर्षा जल टंकियों में जमा किया जाता था।
Exam tip: शोर्तुगई = नहर और लाजवर्द; लोथल = गोदीवाड़ा; धोलावीरा = जलाशय; बनावली = हल का खिलौना।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत आए निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को सबसे पहले वाले से आरंभ करते हुए कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. पीटर मुंडी 2. एंटोनियो मोन्सेरात 3. अफ़ानासी निकितिच निकितिन 4. इब्न बतूता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.2-1-4-3
- B.2-3-4-1
- C.4-3-2-1
- D.3-4-1-2
उत्तर देखें
इब्न बतूता 14वीं सदी में, निकितिन 15वीं में, मोन्सेरात 16वीं में और पीटर मुंडी 17वीं सदी में भारत आए। मोरक्को के इब्न बतूता 1333 में भारत पहुँचे और मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन दिल्ली के काज़ी रहे; उनका यात्रा-वृत्तांत रिहला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक क्रांति के दौरान, निम्नलिखित में से किसने 'फ्लाइंग शटल करघे' का डिज़ाइन बनाया था?
- A.सैमुअल क्रॉम्पटन
- B.एडमंड कार्टराइट
- C.जॉन के
- D.रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर देखें
अंग्रेज़ आविष्कारक जॉन के ने 1733 में फ्लाइंग शटल का पेटेंट कराया, जो औद्योगिक क्रांति की शुरुआती मशीनों में से एक था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →24-8-1925 को केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले गैर-सरकारी सदस्य निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.विट्ठलभाई जे. पटेल
- B.मुहम्मद याकूब
- C.जी. वी. मावलंकर
- D.सरदार हुकम सिंह
उत्तर देखें
24 अगस्त 1925 को विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधान सभा के पहले निर्वाचित भारतीय (गैर-सरकारी) अध्यक्ष बने। केंद्रीय विधान सभा भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) के तहत बनी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा समूह एक ही विचारधारा से संबंधित है?
- A.जे. जे. रूसो, एम. रोबेस्पियर, एन. बोनापार्ट, ओ. क्रॉमवेल
- B.टी. जेफ़र्सन, जे. मैडिसन, जी. वॉशिंगटन, अब्राहम लिंकन
- C.एफ. एंगेल्स, के. मार्क्स, एम. बाकुनिन, जे. एस. मिल
- D.जॉर्जी प्लेखानोव, वेरा ज़ासुलिच, अलेक्सांद्रा कोलोन्ताई, वी. आई. लेनिन
उत्तर देखें
ये चारों रूसी मार्क्सवादी थे, इसलिए एक ही विचारधारा के हैं। प्लेखानोव को रूसी मार्क्सवाद का जनक कहा जाता है; उन्होंने 1883 में जिनेवा में वेरा ज़ासुलिच के साथ "श्रम मुक्ति समूह" बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →18वीं शताब्दी के आरंभ में मराठे किस शर्त पर 15,000 घुड़सवारों की टुकड़ी के साथ मुगल बादशाह की सेवा करने को सहमत हुए?
- A.मालवा प्रांत की जागीर का अनुदान
- B.गुजरात के संसाधनों पर नियंत्रण
- C.दक्कन और दक्षिण भारत में चौथ और सरदेशमुखी वसूलने का अधिकार
- D.अपने नाम से सिक्के ढालने का अधिकार
उत्तर देखें
यही पेशवा बालाजी विश्वनाथ और मुगल दरबार के बीच 1719 के समझौते का मुख्य बिंदु था। शाहू के पहले प्रमुख पेशवा बालाजी विश्वनाथ ने 1718 में दिल्ली के "किंगमेकर" सैयद बंधुओं से समझौता किया, जिसकी पुष्टि 1719 में बादशाह मुहम्मद शाह ने की।
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