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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

गर्म सड़क पर मरीचिका किस कारण बनती है?

  1. A.सड़क की सतह से परावर्तन
  2. B.सूर्य प्रकाश का वर्ण विक्षेपण
  3. C.वायु परतों में अपवर्तन के बाद पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. D.धूल कणों द्वारा प्रकीर्णन

सही उत्तर

C. वायु परतों में अपवर्तन के बाद पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर C, वायु परतों में अपवर्तन के बाद पूर्ण आंतरिक परावर्तन है। गर्म दिन में सड़क से लगी वायु तप जाती है और ऊपर की ठंडी वायु से विरल हो जाती है। आकाश से आता प्रकाश सघन परतों से विरल परतों में जाते हुए हर चरण पर अभिलंब से दूर मुड़ता है, और जब आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा हो जाता है तो पूरा प्रकाश ऊपर की ओर पूर्ण आंतरिक परावर्तित हो जाता है। नेत्र उसे सीधी रेखा में पीछे बढ़ाकर देखता है और झिलमिलाता हुआ वह धब्बा जल जैसा प्रतीत होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सड़क खुरदरी होती है, दर्पण नहीं। विकल्प B वर्ण विक्षेपण श्वेत प्रकाश को रंगों में बाँटता है और इंद्रधनुष समझाता है, मरीचिका नहीं। विकल्प D प्रकीर्णन आकाश के नीलेपन और डूबते सूर्य की ललाई की व्याख्या करता है।

पूरा लेख पढ़ें: प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन के नोट्स तथा विगत प्रश्न

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 14 Nov 2021आसान

विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाने वाली प्रकाश किरण:

  1. A.धीमी होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  2. B.धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
  3. C.तेज होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  4. D.तेज होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है

व्याख्या

सही उत्तर B, वह धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है है। सघन माध्यम का अपवर्तनांक अधिक होता है, और अपवर्तनांक निर्वात में प्रकाश की चाल में माध्यम की चाल का भाग है, इसलिए उसके भीतर प्रकाश को धीमा चलना ही पड़ता है। जब किरण सतह पर तिरछी पड़ती है तो तरंगाग्र का जो भाग पहले प्रवेश करता है वही पहले धीमा होता है, जिससे किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है। वायु से काँच और वायु से जल इसके मानक उदाहरण हैं।

विकल्प A में चाल का परिवर्तन सही है पर मुड़ने की दिशा गलत। विकल्प C उल्टी स्थिति का वर्णन करता है, जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है। विकल्प D में दोनों बातें गलत हैं। अभिलंब के अनुदिश पड़ने वाली किरण विशेष स्थिति है, जो बिना मुड़े निकल जाती है यद्यपि उसकी चाल तब भी बदलती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 24 May 2019, Shift 2कठिन

एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 सेमी है। यदि वस्तु लेंस से 30 सेमी दूर रखी जाए तो प्रतिबिंब दूरी कितनी होगी?

  1. A.-20 सेमी
  2. B.-10 सेमी
  3. C.-15 सेमी
  4. D.-18 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. -10 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर B, ऋण 10 सेंटीमीटर है। चिह्न परिपाटी के अनुसार अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, इसलिए f ऋण 15 सेंटीमीटर है, और आपतित प्रकाश की दिशा के विरुद्ध मापी गई वस्तु दूरी ऋण 30 सेंटीमीटर है। इन्हें लेंस सूत्र 1/v - 1/u = 1/f में रखने पर 1/v बराबर 1/f जोड़ 1/u आता है, अर्थात ऋण 1/15 जोड़ ऋण 1/30, जो ऋण 3/30 या ऋण 1/10 है। इस प्रकार v ऋण 10 सेंटीमीटर मिलता है।

ऋण चिह्न बताता है कि प्रतिबिंब वस्तु की ही ओर बना है, अर्थात वह आभासी और सीधा है, और लेंस के अधिक निकट होने से छोटा भी है। अवतल लेंस के लिए वस्तु की हर स्थिति में यही होता है। विकल्प A, C और D चिह्न छोड़ने या व्युत्क्रम गलत जोड़ने से आते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए सबसे पहले काँच के प्रिज्म का प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक का नाम बताइए।

  1. A.सी. वी. रामन
  2. B.लॉर्ड रैले
  3. C.आइजक न्यूटन
  4. D.एस. चंद्रशेखर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आइजक न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर C, आइजक न्यूटन है। न्यूटन ने अंधेरे कमरे में सूर्य के प्रकाश की पतली किरण को काँच के प्रिज्म से गुजारकर दीवार पर सात रंगों की पट्टी प्राप्त की, जिसे उन्होंने स्पेक्ट्रम नाम दिया। इसके बाद दूसरे प्रिज्म से उन्होंने दिखाया कि वही रंग फिर से मिलकर श्वेत प्रकाश बना देते हैं, जिससे सिद्ध हुआ कि प्रिज्म प्रकाश को रंग देता नहीं, केवल उसमें पहले से मौजूद रंगों को अलग करता है। प्रिज्म के आधार की ओर से रंगों का क्रम बैनीआहपीनाला के रूप में याद रखा जाता है।

विकल्प A सी. वी. रामन ने अपने नाम से जाना जाने वाला प्रकीर्णन प्रभाव खोजा और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प B लॉर्ड रैले ने आकाश के नीले रंग वाला प्रकीर्णन समझाया। विकल्प D एस. चंद्रशेखर ने तारों की संरचना और विकास पर काम किया।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव कैसा होता है?

  1. A.वास्तविक, उलटा और बराबर आकार का
  2. B.आभासी, सीधा और बराबर आकार का
  3. C.आभासी, सीधा और छोटा
  4. D.वास्तविक, सीधा और बड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आभासी, सीधा और बराबर आकार का

व्याख्या

सही उत्तर B, आभासी, सीधा और बराबर आकार का है। समतल दर्पण से परावर्तित किरणें अपसरित होती हैं और केवल दर्पण के पीछे किसी बिंदु से आती प्रतीत होती हैं, इसलिए प्रतिबिंब परदे पर नहीं लिया जा सकता और आभासी होता है। यह वस्तु की ही तरह सीधा रहता है, ठीक वस्तु के बराबर होता है और दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूर वस्तु सामने है। यह पार्श्व उलटा भी होता है, इसीलिए बायाँ हाथ दायाँ दिखता है और एंबुलेंस शब्द वाहन के आगे उलटा लिखा जाता है ताकि आगे चलता चालक उसे दर्पण में सीधा पढ़ सके।

विकल्प A और D वास्तविक प्रतिबिंब का वर्णन करते हैं, जो समतल दर्पण कभी नहीं बनाता। विकल्प C उत्तल दर्पण के प्रतिबिंब का वर्णन है, जो वस्तु से छोटा होता है।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किस प्रकार के दर्पण का प्रयोग होता है?

  1. A.समतल दर्पण
  2. B.अवतल दर्पण
  3. C.उत्तल दर्पण
  4. D.बेलनाकार दर्पण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्तल दर्पण

व्याख्या

सही उत्तर C, उत्तल दर्पण है। उत्तल दर्पण बाहर की ओर मुड़ा होता है और उस पर पड़ने वाले प्रकाश को फैला देता है, इसलिए वस्तु की दूरी चाहे जो हो, वह सदा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब छोटा होने के कारण छोटा सा दर्पण भी बहुत विस्तृत दृष्टि क्षेत्र दिखा देता है और चालक पीछे की लंबी सड़क देख पाता है। इसी कारण पहाड़ी मार्गों के अंधे मोड़ों और दुकानों में भी उत्तल दर्पण लगाए जाते हैं।

विकल्प A समतल दर्पण वास्तविक आकार का प्रतिबिंब तो देता पर दृष्टि क्षेत्र संकरा रहता। विकल्प B अवतल दर्पण प्रकाश को अभिसरित करता है और दूर की वस्तु का बड़ा उलटा वास्तविक प्रतिबिंब बना सकता है, जो वाहन में खतरनाक होता; वह दाढ़ी बनाने, दंत चिकित्सा और हेडलाइट में काम आता है। विकल्प D इस प्रकार का दर्पण होता ही नहीं।