मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper I

गांधी-इरविन समझौते में निम्नलिखित में से क्या शामिल था? 1. गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए कांग्रेस को आमंत्रण 2. सविनय अवज्ञा आंदोलन के संबंध में जारी अध्यादेशों को वापस लेना 3. पुलिस ज़्यादतियों की जाँच के गांधीजी के सुझाव को स्वीकार करना 4. केवल उन्हीं कैदियों की रिहाई जिन पर हिंसा का आरोप नहीं था नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1, 2 और 4
  3. C.केवल 3
  4. D.केवल 2, 3 और 4

सही उत्तर

B. केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1, 2 और 4। समझौते में कांग्रेस को गोलमेज सम्मेलन का निमंत्रण, आपात अध्यादेशों की वापसी और अहिंसक कैदियों की रिहाई शामिल थी, पर पुलिस ज़्यादतियों की जाँच की माँग नहीं मानी गई।

गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को दिल्ली में गांधी और वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुआ। गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित करने और लंदन के दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति दी, जहाँ वे कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि थे। बदले में सरकार अध्यादेश वापस लेने, हिंसा के दोषी न ठहराए गए राजनीतिक कैदियों को छोड़ने, ज़ब्त पर अभी न बिकी संपत्ति लौटाने और तट के पास रहने वालों को अपने उपयोग के लिए नमक बनाने देने पर सहमत हुई। पुलिस ज़्यादतियों की सार्वजनिक जाँच की गांधी की माँग ठुकरा दी गई।

A गलत है: इसमें अध्यादेशों की वापसी और कैदियों की रिहाई छूट जाती है, जो दोनों समझौते का हिस्सा थीं।

C गलत है: कथन 3 ही वह माँग है जिसे इरविन ने अस्वीकार किया।

D गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है और सम्मेलन का निमंत्रण छूट जाता है।

परीक्षा टिप: गांधी-इरविन समझौता, 5 मार्च 1931 = सविनय अवज्ञा स्थगित, दूसरे गोलमेज में भागीदारी; पुलिस जाँच नहीं।

Read in English
सभी देखें
Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GKमध्यम

जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह उन भिक्षुओं को संदर्भित करता है, जो श्वेत वस्त्र धारण करते हैं।
  2. B.यह उन भिक्षुओं को संदर्भित करता है, जो चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में विंध्य के दक्षिण में प्रवास कर गए थे।
  3. C.उन्होंने 12 अंगों सहित धर्मग्रंथों के अस्तित्व को मान्यता दी।
  4. D.उनका विश्वास था कि स्त्रियाँ भी मोक्ष प्राप्त कर सकती हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह उन भिक्षुओं को संदर्भित करता है, जो चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में विंध्य के दक्षिण में प्रवास कर गए थे।

दक्षिण जाने वाले भिक्षु भद्रबाहु के अनुयायी थे, जो बाद में दिगंबर कहलाए, श्वेतांबर नहीं।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GKआसान

प्रसिद्ध राजनीतिक ग्रंथ आमुक्तमाल्यदा किस भाषा में है?

  1. A.संस्कृत
  2. B.तमिल
  3. C.कन्नड़
  4. D.तेलुगु
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तेलुगु

आमुक्तमाल्यदा विजयनगर के तुलुव वंश के सबसे महान शासक कृष्णदेवराय ने तेलुगु में लिखा था। कृष्णदेवराय ने 1509 से 1529 तक शासन किया।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन 'सिक्किम प्रजा मंडल' के संस्थापक थे?

  1. A.काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा
  2. B.अंगामी ज़ापू फ़िज़ो
  3. C.लालडेंगा
  4. D.नर बहादुर भंडारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काज़ी ल्हेनडुप दोरजी खांगसरपा

उन्होंने सामंती ज़मींदारी व्यवस्था और चोग्याल के निरंकुश शासन के विरोध में 1945 में सिक्किम प्रजा मंडल की स्थापना की थी।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iमध्यम

'अमर-नायक' व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.अमर-नायक व्यवस्था विजयनगर साम्राज्य का एक प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी।
  2. B.अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय द्वारा शासन करने के लिए क्षेत्र दिए जाते थे।
  3. C.अमर-नायक कर वसूलते थे और राजस्व का कुछ भाग निजी उपयोग तथा अपनी सैन्य टुकड़ियों के रखरखाव के लिए रखते थे।
  4. D.अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अमर-नायकों के अधीन क्षेत्र वंशानुगत थे और इसलिए हस्तांतरणीय नहीं थे।

अमर-नायकों के क्षेत्र वंशानुगत नहीं थे; विजयनगर के राजा समय-समय पर उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादला करते थे।

पूरी व्याख्या पढ़ें →
Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iआसान

भारत के इतिहास के संदर्भ में, "उलगुलान" या महान हलचल निम्नलिखित में से किस घटना का वर्णन है?

  1. A.1857 का विद्रोह
  2. B.1921 का मोपला विद्रोह
  3. C.1859-60 का नील विद्रोह
  4. D.1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1899-1900 का बिरसा मुंडा का विद्रोह

उलगुलान, जिसका अर्थ है "महान हलचल", राँची क्षेत्र में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए मुंडा विद्रोह का नाम है।

पूरी व्याख्या पढ़ें →