एक फोटॉन, जिसका संवेग 10 MeV/c है, जहाँ c प्रकाश की चाल है, की ऊर्जा कितनी होगी ?
- A.10 MeV
- B.100 MeV
- C.1 MeV
- D.0.1 MeV
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 10 MeV। फोटॉन की ऊर्जा उसके संवेग और प्रकाश की चाल के गुणनफल के बराबर होती है, E = pc, इसलिए 10 MeV/c संवेग से ठीक 10 MeV ऊर्जा मिलती है। आइंस्टीन की विशिष्ट आपेक्षिकता का सामान्य संबंध है: E का वर्ग = (pc) का वर्ग + (mc वर्ग) का वर्ग। फोटॉन का विराम द्रव्यमान शून्य होता है, इसलिए दूसरा पद हट जाता है और संबंध E = pc रह जाता है। इसी कारण कण भौतिकी में संवेग को प्रायः MeV/c में लिखा जाता है: c से गुणा करते ही ऊर्जा MeV में मिल जाती है। यही परिणाम प्लांक के संबंध E = hf और दे ब्रॉग्ली के p = h/तरंगदैर्ध्य से भी निकलता है, क्योंकि c = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य। विकल्प B गलत है, क्योंकि 100 MeV के लिए दस गुना संवेग, 100 MeV/c, चाहिए। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1 MeV का अर्थ केवल 1 MeV/c संवेग होगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0.1 MeV के लिए 100 से भाग देना पड़ेगा, जो फोटॉन का कोई संबंध नहीं माँगता। परीक्षा टिप: फोटॉन के लिए E = pc और E = hf; विराम में द्रव्यमान वाले कण के लिए E = mc वर्ग।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
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