X-किरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 1 keV है। दृश्य विकिरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 3 eV है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.X-किरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य दृश्य विकिरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य से कम है।
- B.दोनों फोटॉनों की ऊर्जाएं भिन्न हैं।
- C.निर्वात में दोनों फोटॉनों की चाल भिन्न है।
- D.X-किरण फोटॉन की आवृत्ति दृश्य विकिरण फोटॉन की आवृत्ति से अधिक है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, निर्वात में दोनों फोटॉनों की चाल भिन्न है। यह कथन गलत है, क्योंकि हर फोटॉन, उसकी ऊर्जा चाहे जो हो, निर्वात में प्रकाश की एक ही चाल, लगभग 3 × 10^8 मीटर प्रति सेकंड, से चलता है। X-किरणें और दृश्य प्रकाश दोनों विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं और केवल आवृत्ति व तरंगदैर्ध्य में भिन्न हैं। फोटॉन की ऊर्जा E = hν होती है, जहां h प्लांक नियतांक और ν आवृत्ति है, और c = νλ होने से अधिक ऊर्जा का अर्थ अधिक आवृत्ति और कम तरंगदैर्ध्य है। यहां 1 keV यानी 1000 eV वाला X-किरण फोटॉन 3 eV वाले दृश्य फोटॉन से लगभग 330 गुना ऊर्जा रखता है। विकल्प A चुनना गलत है, क्योंकि अधिक ऊर्जा के कारण X-किरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य सचमुच कम है, यानी A सही कथन है। विकल्प B चुनना गलत है, क्योंकि 1 keV और 3 eV स्पष्ट रूप से अलग ऊर्जाएं हैं। विकल्प D चुनना गलत है, क्योंकि अधिक ऊर्जा का अर्थ अधिक आवृत्ति है, इसलिए D भी सही है। परीक्षा टिप: निर्वात में सभी विद्युतचुंबकीय तरंगों की चाल c है; ऊर्जा आवृत्ति के साथ बढ़ती और तरंगदैर्ध्य के साथ घटती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश-संश्लेषी प्रोकैरियोटिक जीवाणुओं में क्लोरोफिल किससे संबद्ध होता है?
- A.लवक (प्लास्टिड)
- B.झिल्लीमय पुटिकाएं
- C.केंद्रकाभ (न्यूक्लियॉइड)
- D.गुणसूत्र
उत्तर देखें
प्रकाश-संश्लेषी जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होते; उनके वर्णक कोशिका झिल्ली के भीतर की ओर मुड़े भागों पर होते हैं, जो पुटिकाएं या थैलियां बनाते हैं और जिन्हें अक्सर क्रोमैटोफोर कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव शरीर में वसा किसमें संचित होती है?
- A.वसा ऊतक (एडिपोज ऊतक)
- B.लाल रक्त कोशिकाएं
- C.पेशी ऊतक
- D.उपकला ऊतक
उत्तर देखें
वसा ऊतक एक ढीला संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं, एडिपोसाइट, वसा संचय के लिए ही बनी हैं। हर कोशिका में वसा की एक बड़ी बूंद होती है जो केंद्रक और कोशिकाद्रव्य को एक ओर धकेल देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक उपधातु है?
- A.जर्मेनियम
- B.कोक
- C.आयोडीन
- D.चीनी
उत्तर देखें
जर्मेनियम एक उपधातु है, यानी ऐसा तत्व जिसके गुण धातुओं और अधातुओं के बीच के होते हैं। यह धातु की तरह कठोर, चमकदार और धूसर-सफेद ठोस है, फिर भी भंगुर है और धातु की तुलना में बहुत कम विद्युत चालन करता है, इसलिए यह अर्धचालक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ जल में अस्थायी कठोरता उत्पन्न करते हैं?
1. Mg(HCO3)2
2. Ca(HCO3)2
3. CaCl2
4. MgSO4
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.3 और 4
- B.2 और 3
- C.1 और 4
- D.1 और 2
उत्तर देखें
अस्थायी कठोरता मैग्नीशियम और कैल्शियम के बाइकार्बोनेट, यानी Mg(HCO3)2 और Ca(HCO3)2, से होती है। इसे अस्थायी इसलिए कहते हैं क्योंकि केवल उबालने से यह दूर हो जाती है: गर्म करने पर घुलनशील बाइकार्बोनेट टूटकर अघुलनशील कार्बोनेट या हाइड्रॉक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाते हैं, और ठोस नीचे बैठ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब एक उत्तल लेंस किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है, तो वस्तु और प्रतिबिंब के बीच की न्यूनतम दूरी किसके बराबर होती है?
- A.उत्तल लेंस की फोकस दूरी के
- B.उत्तल लेंस की फोकस दूरी के दोगुने के
- C.उत्तल लेंस की फोकस दूरी के चार गुने के
- D.उत्तल लेंस की फोकस दूरी के आधे के
उत्तर देखें
वस्तु और उसके वास्तविक प्रतिबिंब के बीच की दूरी तब सबसे कम होती है जब वस्तु लेंस से फोकस दूरी के दोगुने, यानी 2F पर रखी जाए।
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