द्रव्यमान संरक्षण के नियम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.किसी दिए गए यौगिक में तत्व सदैव ठीक एक ही अनुपात में होते हैं।
- B.जब गैसें किसी अभिक्रिया में संयोग करती हैं, तो वे आयतन के सरल अनुपात में ऐसा करती हैं, बशर्ते सभी गैसें कमरे के ताप पर हों।
- C.द्रव्य को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
- D.समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, द्रव्य को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। एंटोनी लवॉज़िए ने 1789 में द्रव्यमान संरक्षण का नियम दिया, जिसके अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न नष्ट। अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है; परमाणु केवल नए ढंग से जुड़ते हैं, न बनते हैं, न खोते हैं। इसीलिए रासायनिक समीकरण को संतुलित करना पड़ता है, ताकि दोनों ओर हर प्रकार के परमाणु बराबर हों। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह जोसेफ़ प्राउस्ट का निश्चित (स्थिर) अनुपात का नियम है: किसी यौगिक में तत्व द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में होते हैं, जैसे पानी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन सदा 1:8 के द्रव्यमान अनुपात में। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह गे-लुसाक के गैसीय आयतन नियम का रूप है, जो अभिक्रिया करती गैसों के आयतन अनुपात से संबंधित है, द्रव्यमान से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह आवोगाद्रो का नियम है, जो गैस के आयतन को उसके अणुओं की संख्या से जोड़ता है। Exam tip: द्रव्यमान संरक्षण = लवॉज़िए; निश्चित अनुपात = प्राउस्ट; गैसीय आयतन = गे-लुसाक; समान आयतन, समान अणु = आवोगाद्रो।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश-संश्लेषी प्रोकैरियोटिक जीवाणुओं में क्लोरोफिल किससे संबद्ध होता है?
- A.लवक (प्लास्टिड)
- B.झिल्लीमय पुटिकाएं
- C.केंद्रकाभ (न्यूक्लियॉइड)
- D.गुणसूत्र
उत्तर देखें
प्रकाश-संश्लेषी जीवाणुओं में हरितलवक नहीं होते; उनके वर्णक कोशिका झिल्ली के भीतर की ओर मुड़े भागों पर होते हैं, जो पुटिकाएं या थैलियां बनाते हैं और जिन्हें अक्सर क्रोमैटोफोर कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव शरीर में वसा किसमें संचित होती है?
- A.वसा ऊतक (एडिपोज ऊतक)
- B.लाल रक्त कोशिकाएं
- C.पेशी ऊतक
- D.उपकला ऊतक
उत्तर देखें
वसा ऊतक एक ढीला संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं, एडिपोसाइट, वसा संचय के लिए ही बनी हैं। हर कोशिका में वसा की एक बड़ी बूंद होती है जो केंद्रक और कोशिकाद्रव्य को एक ओर धकेल देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक उपधातु है?
- A.जर्मेनियम
- B.कोक
- C.आयोडीन
- D.चीनी
उत्तर देखें
जर्मेनियम एक उपधातु है, यानी ऐसा तत्व जिसके गुण धातुओं और अधातुओं के बीच के होते हैं। यह धातु की तरह कठोर, चमकदार और धूसर-सफेद ठोस है, फिर भी भंगुर है और धातु की तुलना में बहुत कम विद्युत चालन करता है, इसलिए यह अर्धचालक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →X-किरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 1 keV है। दृश्य विकिरण के एक फोटॉन की ऊर्जा 3 eV है। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.X-किरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य दृश्य विकिरण फोटॉन की तरंगदैर्ध्य से कम है।
- B.दोनों फोटॉनों की ऊर्जाएं भिन्न हैं।
- C.निर्वात में दोनों फोटॉनों की चाल भिन्न है।
- D.X-किरण फोटॉन की आवृत्ति दृश्य विकिरण फोटॉन की आवृत्ति से अधिक है।
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि हर फोटॉन, उसकी ऊर्जा चाहे जो हो, निर्वात में प्रकाश की एक ही चाल, लगभग 3 × 10^8 मीटर प्रति सेकंड, से चलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ जल में अस्थायी कठोरता उत्पन्न करते हैं?
1. Mg(HCO3)2
2. Ca(HCO3)2
3. CaCl2
4. MgSO4
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.3 और 4
- B.2 और 3
- C.1 और 4
- D.1 और 2
उत्तर देखें
अस्थायी कठोरता मैग्नीशियम और कैल्शियम के बाइकार्बोनेट, यानी Mg(HCO3)2 और Ca(HCO3)2, से होती है। इसे अस्थायी इसलिए कहते हैं क्योंकि केवल उबालने से यह दूर हो जाती है: गर्म करने पर घुलनशील बाइकार्बोनेट टूटकर अघुलनशील कार्बोनेट या हाइड्रॉक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाते हैं, और ठोस नीचे बैठ जाता है।
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