दो पारिस्थितिक तंत्रों के बीच सीमा या संक्रमण क्षेत्र का काम करने वाला क्षेत्र क्या कहलाता है?
- A.पारिस्थितिक मंडल (इकोस्फीयर)
- B.इकोबाउंड्री
- C.इकोट्विन
- D.इकोटोन
सही उत्तर
D. इकोटोन
व्याख्या
सही उत्तर है D, इकोटोन। इकोटोन वह संक्रमण क्षेत्र है जहाँ दो भिन्न पारिस्थितिक तंत्र मिलते और घुलते-मिलते हैं, जैसे घास के मैदान और वन के बीच की पट्टी, नदी और समुद्र के बीच का ज्वारनदमुख, या थल और सागर के बीच की मैंग्रोव पट्टी। इसमें दोनों पड़ोसी समुदायों की प्रजातियाँ रहती हैं और कुछ अपनी भी, इसलिए यहाँ प्रजातियों की संख्या और घनत्व अक्सर अधिक होता है। किनारे पर प्रजातियों के इस जमाव को किनारा प्रभाव या एज इफेक्ट कहा जाता है, और जो प्रजातियाँ केवल इसी पट्टी में मिलती हैं उन्हें एज प्रजातियाँ कहते हैं। A गलत है क्योंकि इकोस्फीयर का अर्थ पृथ्वी का संपूर्ण जैविक संसार और उसका पर्यावरण है। B गलत है क्योंकि इकोबाउंड्री पारिस्थितिकी का कोई पद नहीं है। C गलत है क्योंकि इकोट्विन भी पारिस्थितिकी में प्रयुक्त शब्द नहीं है। परीक्षा टिप: इकोटोन को एज इफेक्ट से जोड़ें, और इकोटोन यानी क्षेत्र को इकोक्लाइन यानी क्रमिक प्रवणता से अलग रखें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी भी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का पिरामिड कैसा होता है?
- A.सदैव सीधा
- B.सीधा और उल्टा दोनों हो सकता है
- C.सदैव उल्टा
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सदैव सीधा
व्याख्या
सही उत्तर है A, सदैव सीधा। ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा होता है, क्योंकि खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट होती है, इसलिए हर ऊपरी पोषी स्तर के पास अपने नीचे वाले स्तर से कम ऊर्जा बचती है। एक स्तर की ऊर्जा का लगभग दस प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुँचता है, जिसे लिंडेमान का दस प्रतिशत नियम कहते हैं, और ऊर्जा का यह प्रवाह एकदिशीय है तथा कभी उलट नहीं सकता। इसी कारण ऊर्जा का पिरामिड कभी उल्टा नहीं हो सकता, जबकि संख्या या जैवभार का पिरामिड कभी-कभी उल्टा हो सकता है - तालाब में सूक्ष्म पादप प्लवकों का जैवभार उन्हें खाने वाली मछलियों से कम होता है, और एक बड़ा वृक्ष अपने से कहीं अधिक कीटों का पोषण करता है। B गलत है क्योंकि ऊर्जा के पिरामिड का उल्टा होना संभव नहीं है। C गलत है क्योंकि यह उसका ठीक विपरीत कथन है। D गलत है क्योंकि A नियम को सही बताता है। परीक्षा टिप: ऊर्जा पिरामिड सदैव सीधा; संख्या और जैवभार पिरामिड उल्टे हो सकते हैं।
सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा में निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की संख्या कितनी है?
- A.19
- B.15
- C.12
- D.17
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 17
व्याख्या
सही उत्तर है D, 17। सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा में 17 सतत विकास लक्ष्य रखे गए हैं और इन्हें 169 उप-लक्ष्यों में बाँटा गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यह एजेंडा सितंबर 2015 में अपनाया और लक्ष्य 1 जनवरी 2016 से लागू हुए, जिन्होंने 2000 से 2015 तक चले आठ सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का स्थान लिया। पहला लक्ष्य गरीबी की समाप्ति है, दूसरा भूख की समाप्ति, तेरहवाँ जलवायु कार्रवाई और सत्रहवाँ लक्ष्यों के लिए साझेदारी है। भारत में नीति आयोग इनकी निगरानी करता है और एसडीजी इंडिया इंडेक्स प्रकाशित करता है। A, B और C गलत हैं क्योंकि 19, 15 और 12 लक्ष्यों की संख्या नहीं हैं; 15 और 12 स्वयं लक्ष्यों के क्रमांक हैं, अर्थात थल पर जीवन तथा जिम्मेदार उपभोग, और यही इस प्रश्न का जाल है। परीक्षा टिप: तीनों अंक साथ याद रखें - 17 लक्ष्य, 169 उप-लक्ष्य, सितंबर 2015 में स्वीकृत और 2030 तक की अवधि।
निम्नलिखित में से कौन एक स्थानिक (एंडेमिक) प्रजाति है?
- A.निकोबार कबूतर
- B.भारतीय जंगली गधा
- C.रेगिस्तानी लोमड़ी
- D.भारतीय गैंडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निकोबार कबूतर
व्याख्या
सही उत्तर है A, निकोबार कबूतर। स्थानिक प्रजाति वह होती है जो प्राकृतिक रूप से केवल एक विशेष क्षेत्र में पाई जाती है, कहीं और नहीं, और निकोबार कबूतर इसका पाठ्यपुस्तक वाला भारतीय उदाहरण है, जो निकोबार द्वीप समूह के वनों में रहता है; इसके साथ अंडमानी जंगली सूअर और नारकोंडम धनेश भी गिनाए जाते हैं। द्वीपों की आबादी आसानी से स्थानिक बन जाती है, क्योंकि समुद्र उसे अलग रखता है और वह अपने ढंग से विकसित होती है, और यही अलगाव उसे नाजुक भी बना देता है, क्योंकि वन कटने या किसी नए शिकारी के आ जाने से पूरी प्रजाति एक ही बार में समाप्त हो सकती है। B गलत है क्योंकि भारतीय जंगली गधा अब कच्छ के रण तक सीमित होने पर भी एशिया में फैले एशियाई जंगली गधे की उपप्रजाति है। C गलत है क्योंकि रेगिस्तानी लोमड़ी एशिया और अफ्रीका के रेगिस्तानों में फैली है। D गलत है क्योंकि भारतीय एक सींग वाला गैंडा असम और पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल में भी पाया जाता है। परीक्षा टिप: स्थानिक का अर्थ केवल एक क्षेत्र में मिलना है, और निकोबार कबूतर तथा नारकोंडम धनेश इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा संधारणीय विकास लक्ष्य (एसडीजी) 'स्थलीय पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा, पुनर्बहाली और संधारणीय उपयोग, वनों का संधारणीय प्रबंधन, मरुस्थलीकरण से मुकाबला, भूमि क्षरण को रोकना एवं पलटना तथा जैव विविधता की हानि रोकना' चाहता है?
- A.एसडीजी 12
- B.एसडीजी 7
- C.एसडीजी 17
- D.एसडीजी 15
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एसडीजी 15
व्याख्या
सही उत्तर है D, एसडीजी 15। लक्ष्य 15, जिसे 'थल पर जीवन' कहा जाता है, स्थलीय पारिस्थितिक तंत्रों का लक्ष्य है और उसकी शब्दावली में वन, मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण तथा जैव विविधता की हानि सभी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 2030 एजेंडा के केंद्र में 17 संधारणीय विकास लक्ष्य अपनाए थे, जिन्हें 2030 तक पूरा करना है। लक्ष्य 15 के अंतर्गत वन क्षेत्र, संरक्षित क्षेत्र, संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट तथा अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई आती है, जबकि लक्ष्य 14 'जल में जीवन' समुद्रों के लिए यही काम करता है। A गलत है क्योंकि एसडीजी 12 उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि एसडीजी 7 सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य है। C गलत है क्योंकि एसडीजी 17 लक्ष्यों के लिए साझेदारी से संबंधित है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - एसडीजी 14 समुद्रों के लिए और एसडीजी 15 वनों तथा मिट्टी के लिए।
निम्नलिखित में से कौन-सी गैस जलवायु परिवर्तन करने वाली प्रमुख ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.मेथेन
- C.कार्बन मोनोऑक्साइड
- D.नाइट्रस ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कार्बन मोनोऑक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर है C, कार्बन मोनोऑक्साइड। कार्बन मोनोऑक्साइड एक घातक वायु प्रदूषक है, पर उसे प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में नहीं गिना जाता, क्योंकि वह पृथ्वी से बाहर जाने वाली अवरक्त ऊष्मा को बहुत कम सोखती है। ग्रीनहाउस गैस वह है जो इस बाहर जाती ऊष्मा को रोककर निचले वायुमंडल को गर्म करती है। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं - कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, जलवाष्प तथा फ्लोरीनयुक्त गैसें जैसे एचएफसी, पीएफसी और सल्फर हेक्साफ्लोराइड। A गलत है क्योंकि कोयला, तेल और गैस जलाने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड वैश्विक तापन में सबसे बड़ा हिस्सा जोड़ती है। B गलत है क्योंकि धान के खेतों, पशुओं और कूड़े के ढेरों से निकलने वाली मेथेन प्रति अणु कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक ऊष्मा रोकती है। D गलत है क्योंकि मुख्यतः नाइट्रोजन उर्वरकों से निकलने वाली नाइट्रस ऑक्साइड प्रबल और दीर्घजीवी ग्रीनहाउस गैस है। परीक्षा टिप: कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड प्रदूषक हैं, ग्रीनहाउस गैस नहीं।