दिसंबर 2023 तक भारत सरकार द्वारा कितने परिसीमन आयोगों का गठन किया गया है?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.चार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, चार। परिसीमन आयोगों का गठन 1952, 1963, 1973 और 2002 में किया गया था।
अनुच्छेद 82 के अनुसार प्रत्येक जनगणना के बाद संसद लोक सभा की सीटों का पुनः समायोजन करती है, और अनुच्छेद 170 के अनुसार राज्य विधानसभाओं के लिए भी ऐसा ही होता है। इसके लिए संसद ने 1952, 1962, 1972 और 2002 में परिसीमन आयोग अधिनियम पारित किए और प्रत्येक के तहत एक आयोग बना। यह एक उच्चाधिकार प्राप्त निकाय है, जिसके आदेशों को कानून का बल प्राप्त है और किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में 2002 में बने चौथे आयोग ने 2001 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएँ फिर से तय कीं, परंतु प्रत्येक राज्य की सीटों की संख्या 1971 के स्तर पर स्थिर रही। 2001 के 84वें संशोधन ने यह रोक 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक बढ़ा दी।
A, B और C गलत हैं क्योंकि ये संख्या कम बताते हैं: दिसंबर 2023 तक चार आयोग बन चुके थे, 1952, 1963, 1973 और 2002 में।
Exam tip: चार परिसीमन आयोग: 1952, 1963, 1973, 2002 (न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह); सीटें 1971 के स्तर पर स्थिर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपंचायतों के कार्यकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.पंचायतें कर, शुल्क, पथकर आदि लगा, वसूल और विनियोजित कर सकती हैं।
- B.25 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका व्यक्ति पंचायत का सदस्य बनने के योग्य होगा।
- C.प्रत्येक पंचायत अपनी पहली बैठक की तिथि से सामान्यतः पाँच वर्ष तक बनी रहेगी।
- D.समय से पहले भंग होने के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल पूरी अवधि के शेष भाग तक बनी रहेगी।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243F के अनुसार पंचायत का सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से जोड़ा गया संविधान का भाग IX, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू है, पंचायती राज का ढाँचा तय करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 371G के अनुसार मिज़ोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध किए गए हैं। इसके अनुसार कुछ विषयों पर संसद का कोई अधिनियम तब तक लागू नहीं होगा जब तक मिज़ोरम की विधानसभा संकल्प द्वारा ऐसा निर्णय न ले। निम्नलिखित में से कौन-सा विषय इस अनुच्छेद के अंतर्गत नहीं आता?
- A.मिज़ो लोगों की धार्मिक या सामाजिक प्रथाएँ
- B.मिज़ो रूढ़िगत विधि और प्रक्रिया
- C.मिज़ो रूढ़िगत विधि के अनुसार निर्णयों से जुड़ा दीवानी और फ़ौजदारी न्याय प्रशासन
- D.प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व और अंतरण
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371G मिज़ोरम में भूमि के स्वामित्व और अंतरण की रक्षा करता है, सामान्य रूप से प्राकृतिक संसाधनों की नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शासन की स्थिति का आकलन करने के लिए निम्नलिखित में से किस सूचकांक का प्रयोग किया जाता है?
- A.सतत शासन सूचकांक
- B.ई-शासन सूचकांक
- C.शहरी शासन सूचकांक
- D.सुशासन सूचकांक
उत्तर देखें
सुशासन सूचकांक (GGI) भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शासन की तुलना के लिए तैयार किया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा समाजवाद का भारतीय रूप नहीं है?
- A.लोकतांत्रिक समाजवाद
- B.उग्र (रेडिकल) समाजवाद
- C.समुदायवादी समाजवाद
- D.नेहरूवादी समाजवाद
उत्तर देखें
रेडिकल समाजवाद मुख्य रूप से फ्रांस की यूरोपीय राजनीतिक परंपरा है और यह भारत में विकसित समाजवाद की धाराओं में से नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संगठन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 की संवैधानिकता को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी?
- A.नाज़ फाउंडेशन (इंडिया) ट्रस्ट
- B.बचपन बचाओ आंदोलन
- C.संभव फाउंडेशन इंडिया
- D.एक्शनएड इंडिया
उत्तर देखें
एचआईवी/एड्स पर काम करने वाले दिल्ली के इस गैर-सरकारी संगठन ने आईपीसी की धारा 377 के विरुद्ध लंबी कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया।
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