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GK24
रक्षाआसान

डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी को एआईपी प्रणाली से मुख्य रूप से क्या लाभ मिलता है?

  1. A.वह बैलिस्टिक मिसाइल ले जाने में सक्षम हो जाती है
  2. B.वायुमंडलीय ऑक्सीजन पर निर्भरता घटने से पानी के भीतर टिकने की क्षमता बढ़ती है
  3. C.उसके टॉरपीडो ट्यूब वर्टिकल लॉन्चर में बदल जाते हैं
  4. D.वह उड़ान डेक से विमान संचालन कर सकती है

सही उत्तर

B. वायुमंडलीय ऑक्सीजन पर निर्भरता घटने से पानी के भीतर टिकने की क्षमता बढ़ती है

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि वायुमंडलीय ऑक्सीजन पर निर्भरता घटने से पानी के भीतर टिकने की क्षमता बढ़ती है। परंपरागत डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी को बैटरी चार्ज करने के लिए डीजल इंजन चलाना पड़ता है और इंजन को हवा चाहिए, इसलिए उसे सतह के पास आना होता है, जहां उसका पता लगना आसान रहता है। एआईपी प्रणाली वायुमंडल से ऑक्सीजन लिए बिना बिजली बनाती है, जिससे पनडुब्बी बहुत अधिक समय तक डूबी रह सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रणोदन तकनीक का मिसाइल के प्रकार से संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह मॉड्यूल ऊर्जा प्रणाली है, हथियार दागने की व्यवस्था नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि उड़ान डेक विमानवाहक पोतों पर होते हैं। भारतीय मॉड्यूल हाइड्रोजन और फ्यूल सेल तकनीक से यही क्षमता देता है।

पूरा लेख पढ़ें: डीआरडीओ के स्वदेशी एआईपी मॉड्यूल का दूसरा चरण शुरू

Q1.रक्षामध्यम

भारतीय नौसेना की पनडुब्बियों के लिए एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल किस डीआरडीओ प्रयोगशाला ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है?

  1. A.नेवल मैटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी
  2. B.डिफेंस मेटलर्जिकल रिसर्च लेबोरेटरी
  3. C.नेवल फिजिकल एंड ओशनोग्राफिक लेबोरेटरी
  4. D.रिसर्च सेंटर इमारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नेवल मैटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी

इसी प्रयोगशाला ने डीआरडीओ के स्वदेशी प्रयास के तहत एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन ऊर्जा मॉड्यूल डिजाइन किया और बनाया।

Q2.रक्षामध्यम

स्वदेशी एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल किस श्रेणी की पनडुब्बी में और किस कंपनी द्वारा लगाया जाएगा?

  1. A.शिशुमार श्रेणी, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स द्वारा
  2. B.अरिहंत श्रेणी, हिंदुस्तान शिपयार्ड द्वारा
  3. C.कलवरी श्रेणी, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा
  4. D.सिंधुघोष श्रेणी, कोचीन शिपयार्ड द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कलवरी श्रेणी, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा

सेटिंग टू वर्क चरण-2 के बाद वाले चरण में एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल को बिजली उत्पादन के लिए चालू किया जाएगा और भारतीय नौसेना के मानकों पर उसका कड़ा परीक्षण होगा।

Q3.रक्षाआसान

स्वदेशी एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल की सेटिंग टू वर्क चरण-2 गतिविधि कहां शुरू की गई?

  1. A.विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
  2. B.हजीरा, गुजरात
  3. C.मुंबई, महाराष्ट्र
  4. D.कोच्चि, केरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हजीरा, गुजरात

रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ मैटीरियल वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार तथा डीआरडीओ के महानिदेशक (नेवल सिस्टम्स एंड मैटीरियल्स) डॉ. आर. बालमुरलीकृष्णन परिसर में उपस्थित थे।

Q4.रक्षाआसान

रक्षा मंत्री ने बलों की नई सोच, तालमेल और उत्कृष्ट समन्वय के प्रमाण के रूप में किस अभियान का उल्लेख किया?

  1. A.ऑपरेशन सिंदूर
  2. B.ऑपरेशन विजय
  3. C.ऑपरेशन गंगा
  4. D.ऑपरेशन ब्रह्मा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऑपरेशन सिंदूर

कमांडरों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि नई सोच, बेहतर तालमेल और उत्कृष्ट समन्वय के साथ अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों ने इस अभियान की सफलता में भूमिका निभाई और इस अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से…

Q5.रक्षामध्यम

सेना कमांडरों के सम्मेलन में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के रक्षा उत्पादन का कौन सा आंकड़ा बताया गया?

  1. A.1.27 लाख करोड़ रुपये
  2. B.1.78 लाख करोड़ रुपये
  3. C.2.34 लाख करोड़ रुपये
  4. D.95 हजार करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.78 लाख करोड़ रुपये

रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और इसी अवधि में रक्षा निर्यात लगभग 38 हजार करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम स्तर पर रहा; उन्होंने इसका श्रेय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दी जा रही प्राथमिकता को दिया।