डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के पहले दौर में अक्टूबर 2026 से कितने ग्रामीण युवा प्रशिक्षण शुरू करेंगे?
- A.34,920
- B.3,57,112
- C.1,164
- D.5.6 लाख
सही उत्तर
व्याख्या
उत्तर है 34,920। इस समाचार में चार संख्याएं साथ चलती हैं और प्रश्न इन्हें अलग-अलग पहचानने पर टिका है। 34,920 वे ग्रामीण युवा हैं जो अक्टूबर 2026 से प्रशिक्षण शुरू करेंगे; 1,164 उन बैचों की संख्या है जिनमें ये बंटे हैं; 3,57,112 इन्हीं चौदह राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कहीं बड़ा स्वीकृत लक्ष्य है, जिसकी समय-सीमा 31 दिसंबर 2027 है; और 5.6 लाख वह कुल आवंटन है जो 24 राज्यों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं में कर दिया है।
इस तरह विकल्प C बैच संख्या है, विकल्प B स्वीकृत लक्ष्य और विकल्प D व्यापक आवंटन - तीनों घोषणा की असली संख्याएं हैं, पर किसी और प्रश्न का उत्तर। इन्हें छोटे से बड़े क्रम में रखकर याद करना सबसे आसान रहता है - बैच, फिर अक्टूबर की भर्ती, फिर स्वीकृत लक्ष्य, फिर राष्ट्रीय आवंटन।
पूरा लेख पढ़ें: डीडीयू-जीकेवाई 2.0 का प्रशिक्षण अक्टूबर से 14 राज्यों में
अभ्यास प्रश्न
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना किस मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है?
- A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- C.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें
उत्तर है ग्रामीण विकास मंत्रालय, जो राज्यों की तैयारी की समीक्षा कर रहा है और योजना का दूसरा चरण शुरू कर रहा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पहले चरण में समीक्षा किए गए चौदह राज्यों के लिए स्वीकृत प्रशिक्षण लक्ष्य क्या है?
- A.दिसंबर 2026 तक 34,920 ग्रामीण युवा
- B.दिसंबर 2027 तक 1,164 ग्रामीण युवा
- C.31 दिसंबर 2027 तक 3,57,112 ग्रामीण युवा
- D.5.6 लाख ग्रामीण युवा, बिना कोई समय-सीमा बताए
उत्तर देखें
उत्तर है 31 दिसंबर 2027 तक 3,57,112 ग्रामीण युवा। यह पहले चरण में समीक्षा किए गए चौदह राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का स्वीकृत लक्ष्य है, और यह अक्टूबर 2026 में वास्तव में शुरू होने वाली संख्या से काफी ऊपर है, जो 1,164 बैचों में 34,920 युवा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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