दी गई विशेषताओं के आधार पर मृदा के प्रकार की पहचान कीजिए : 1. ये चूना, लोहा, मैग्नीशिया और एल्यूमिना से समृद्ध होती हैं। 2. ये सामान्यतः मृण्मय (चिकनी), गहरी और अपारगम्य होती हैं। 3. ये मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पाई जाती हैं। दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
- A.लैटेराइट मृदा
- B.लाल और पीली मृदा
- C.लवणीय मृदा
- D.काली मृदा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, काली मृदा। चूना, लोहा, मैग्नीशिया और एल्यूमिना की अधिकता, गहरी, चिकनी और अपारगम्य बनावट, और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व गुजरात में फैलाव, ये तीनों विशेषताएँ काली या रेगुर मृदा की हैं।
काली मृदा दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट लावा के अपक्षय से बनी है। इसका गहरा रंग टाइटेनीफेरस मैग्नेटाइट और ह्यूमस से आता है। इसमें चूना, लोहा, मैग्नीशिया और एल्यूमिना अधिक, पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और जैव पदार्थ कम होते हैं। इसकी बारीक मिट्टी देर तक नमी रोकती है, गीली होने पर फूलती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं, इसलिए इसे स्वयं जुताई करने वाली मृदा कहते हैं। यह कपास के लिए सबसे अच्छी है, इसलिए इसे काली कपास मृदा भी कहते हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि लैटेराइट मृदा में चूना बह जाता है और यह पश्चिमी घाट जैसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में मिलती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाल और पीली मृदा छिद्रयुक्त और चूने में कम होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लवणीय मृदा में नमक अधिक होता है और यह शुष्क व तटीय क्षेत्रों में मिलती है।
Exam tip: काली मृदा: दक्कन बेसाल्ट, कपास, नमी धारण और स्वयं जुताई वाली दरारें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहंबनटोटा बंदरगाह कहाँ स्थित है?
- A.ईरान
- B.श्रीलंका
- C.जापान
- D.पाकिस्तान
उत्तर देखें
हंबनटोटा बंदरगाह श्रीलंका के दक्षिणी तट पर, हिंद महासागर के प्रमुख समुद्री मार्गों के पास स्थित है। यह बंदरगाह चीनी ऋण से बना और 2010 में शुरू हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. हिमालयी नदियों का उद्गम बर्फ से ढके क्षेत्रों में होता है, इसलिए वे शीत ऋतु में सूखी रहती हैं। 2. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ प्रौढ़ावस्था में पहुँच चुकी हैं। 3. हिमालयी नदियाँ अपरदन के सामान्य चक्र की तीनों अवस्थाएँ दर्शाती हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
हिमालयी नदियाँ बारहमासी हैं, इसलिए कथन 1 गलत है, जबकि कथन 2 और 3 सही हैं। गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र जैसी हिमालयी नदियाँ हिमनदों और हिमक्षेत्रों से निकलती हैं और इन्हें मानसून की वर्षा का जल भी मिलता है, इसलिए ये शीत ऋतु सहित पूरे वर्ष बहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्षांश से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं? 1. वर्षा, तापमान और वनस्पति अक्षांश के साथ बदलते हैं। 2. सबसे लंबे दिन और सबसे छोटे दिन का अंतर अक्षांश के साथ बढ़ता है। 3. इंदिरा पॉइंट लगभग 6°45' उत्तरी अक्षांश पर स्थित है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
अक्षांश से जुड़े तीनों कथन सत्य हैं। अक्षांश तय करता है कि किसी स्थान पर सूर्य की किरणें कितनी सीधी पड़ती हैं, इसलिए भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर तापमान, वर्षा और वनस्पति बदलती जाती है, गर्म और नम वर्षावनों से लेकर ठंडे टुंड्रा तक।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी झील/झीलें लद्दाख में स्थित है/हैं? 1. त्सो कार 2. पैंगोंग त्सो 3. सोमगो 4. त्सो मोरीरी नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.2 और 3
- C.1, 2 और 4
- D.केवल 2 और 4
उत्तर देखें
त्सो कार, पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी लद्दाख की ऊँचाई पर स्थित झीलें हैं, जबकि सोमगो झील सिक्किम में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लगभग 115 किलोमीटर की छोटी नहरों और वितरिकाओं वाली दमनगंगा जलाशय परियोजना कहाँ स्थित है?
- A.राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT)
- B.दादरा और नगर हवेली
- C.पुडुचेरी
- D.गोवा
उत्तर देखें
दमनगंगा जलाशय परियोजना दादरा और नगर हवेली की मुख्य सिंचाई योजना है, जिसकी लगभग 115 किलोमीटर लंबी छोटी नहरें और वितरिकाएँ इसी क्षेत्र को पानी देती हैं।
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