दी गई विशेषताओं के आधार पर लौह-इस्पात संयंत्र की पहचान कीजिए: 1. इसे झरिया से कोयला और सुंदरगढ़ तथा केंदुझर से लौह-अयस्क मिलता है। 2. इसकी विद्युत भट्टियों के लिए बिजली हीराकुड से मिलती है। 3. इसे कोयल और शंख नदियों से जल मिलता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही लौह-इस्पात संयंत्र चुनिए:
- A.भिलाई इस्पात संयंत्र
- B.दुर्गापुर इस्पात संयंत्र
- C.राउरकेला इस्पात संयंत्र
- D.बोकारो इस्पात संयंत्र
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, राउरकेला इस्पात संयंत्र। ओडिशा के सुंदरगढ़ ज़िले में स्थित राउरकेला तीनों संकेतों से मेल खाता है: झरिया का कोयला, सुंदरगढ़ और केंदुझर का लौह-अयस्क, हीराकुड की बिजली और कोयल व शंख नदियों का जल।
राउरकेला इस्पात संयंत्र दूसरी पंचवर्षीय योजना में सार्वजनिक क्षेत्र में पश्चिम जर्मनी के सहयोग से लगाया गया। यह उस स्थान के पास है जहाँ कोयल और शंख नदियाँ मिलकर ब्राह्मणी नदी बनाती हैं, जिससे इसे पानी मिलता है। लौह-अयस्क पास की सुंदरगढ़ और केंदुझर (क्योंझर) खानों से, कोयला झरिया से और बिजली महानदी पर बनी हीराकुड परियोजना से आती है।
A गलत है, क्योंकि छत्तीसगढ़ का भिलाई संयंत्र दल्ली-राजहरा से अयस्क लेता है और सोवियत सहायता से बना। B गलत है, क्योंकि पश्चिम बंगाल का दुर्गापुर दामोदर नदी पर है और दामोदर घाटी निगम पर निर्भर है। D गलत है, क्योंकि झारखंड का बोकारो भी दामोदर घाटी से जल और बिजली लेता है।
परीक्षा टिप: राउरकेला = ओडिशा, पश्चिम जर्मनी का सहयोग, कोयल-शंख का जल, हीराकुड की बिजली।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
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