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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान क्विज: ध्वनि और तरंगें

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान के अंतर्गत "ध्वनि और तरंगें" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 5 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019आसान

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 50 हर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 4 मीटर है। यह तरंग 3 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगी?

  1. A.100 मीटर
  2. B.600 मीटर
  3. C.200 मीटर
  4. D.300 मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 600 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, 600 मीटर है। तरंग की चाल उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य का गुणनफल होती है, इसलिए यहाँ चाल 50 हर्ट्ज गुणा 4 मीटर अर्थात 200 मीटर प्रति सेकंड है। दूरी बराबर चाल गुणा समय, इसलिए 3 सेकंड में तरंग 200 गुणा 3 अर्थात 600 मीटर चलेगी। ऐसे प्रश्नों में सदा पहले चाल निकालें और उसके बाद ही समय लगाएँ।

विकल्प A, 100 मीटर, तब आता है जब कहीं गुणा के स्थान पर भाग कर दिया जाए। विकल्प C, 200 मीटर, एक सेकंड में तय दूरी है, अर्थात चाल; यह पूछा गया उत्तर नहीं है। विकल्प D, 300 मीटर, किसी सही चरण से नहीं निकलता और केवल इसलिए दिया गया है कि यह वायु में ध्वनि की मोटी चाल जैसा लगता है, जो यहाँ अप्रासंगिक है क्योंकि चाल स्वयं आँकड़ों से निकल आती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 19 Sep 2019, Shift 2आसान

उत्सर्जित ध्वनि की आवृत्ति की जो व्याख्या मस्तिष्क करता है, उसे क्या कहते हैं?

  1. A.तरंगदैर्घ्य
  2. B.तरंग वेग
  3. C.तारत्व
  4. D.दोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तारत्व

व्याख्या

सही उत्तर C, तारत्व है। तारत्व ध्वनि का वह अभिलक्षण है जिससे मस्तिष्क उसे तीखा या भारी मानता है, और यह तरंग की आवृत्ति से तय होता है। अधिक आवृत्ति अधिक तारत्व के रूप में सुनाई देती है, इसीलिए सीटी या स्त्री का स्वर ढोल या पुरुष के स्वर से अधिक तीखा लगता है। भौतिक राशि आवृत्ति है; मस्तिष्क में उत्पन्न संवेदना तारत्व है।

विकल्प A, तरंगदैर्घ्य, दो क्रमागत संपीडनों के बीच की दूरी है और यह आकाश में तरंग का माप है, कोई संवेदना नहीं। विकल्प B, तरंग वेग, माध्यम और उसके ताप पर निर्भर करता है और एक ही हवा में तीखी तथा भारी दोनों ध्वनियों के लिए समान रहता है। विकल्प D, दोलन, का अर्थ है एक पूरा आगे-पीछे कंपन; प्रति सेकंड दोलन गिनने से आवृत्ति मिलती है, पर यह शब्द स्वयं किसी ऐसे गुण का नाम नहीं जिसकी व्याख्या मस्तिष्क करता हो।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 1 किलोहर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 50 सेंटीमीटर है। इसे 1 किलोमीटर चलने में कितना समय लगेगा?

  1. A.5 सेकंड
  2. B.4 सेकंड
  3. C.3 सेकंड
  4. D.2 सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर D, 2 सेकंड है। पहले मात्रक बदलें: 1 किलोहर्ट्ज अर्थात 1000 हर्ट्ज और 50 सेंटीमीटर अर्थात 0.5 मीटर। चाल आवृत्ति गुणा तरंगदैर्घ्य है, अर्थात 1000 गुणा 0.5, जो 500 मीटर प्रति सेकंड देता है। समय बराबर दूरी भाग चाल, इसलिए 1000 मीटर भाग 500 मीटर प्रति सेकंड अर्थात 2 सेकंड।

विकल्प A, 5 सेकंड, तब आता जब चाल 200 मीटर प्रति सेकंड ली जाती। विकल्प B, 4 सेकंड, 250 मीटर प्रति सेकंड की चाल से मेल खाता है, जो तरंगदैर्घ्य को भूल से आधा कर देने पर मिलती है। विकल्प C, 3 सेकंड, वह समय है जो ध्वनि साधारण हवा में लगभग 340 मीटर प्रति सेकंड की चाल से एक किलोमीटर चलने में लेती है, और यह उन विद्यार्थियों के लिए जाल है जो दिए गए आँकड़ों से निकली चाल के बजाय याद की हुई चाल लगा देते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019आसान

ध्वनि की प्रबलता किस पर निर्भर करती है?

  1. A.माध्यम में ध्वनि तरंगों के वेग पर
  2. B.ध्वनि तरंगों के आयाम पर
  3. C.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति पर
  4. D.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति और वेग दोनों पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ध्वनि तरंगों के आयाम पर

व्याख्या

सही उत्तर B, ध्वनि तरंगों के आयाम पर है। आयाम माध्यम के कण का उसकी विराम स्थिति से अधिकतम विस्थापन है, और तरंग द्वारा वहन की गई ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में बढ़ती है। इसलिए अधिक आयाम कान तक अधिक ऊर्जा पहुँचाता है और वह अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुनाई देता है। प्रबलता का मात्रक डेसिबल है।

विकल्प A, तरंग का वेग, माध्यम और उसके ताप से तय होता है; एक ही कमरे में तेज और धीमी ध्वनि ठीक समान चाल से चलती हैं। विकल्प C, आवृत्ति, तारत्व तय करती है, अर्थात ध्वनि तीखी है या भारी, यह नहीं कि वह कितनी तेज है; रिंगटोन की आवाज बढ़ाने से उसकी आवृत्ति नहीं बदलती। विकल्प D दो ऐसी राशियों को जोड़ता है जो प्रबलता के अलावा अन्य गुण तय करती हैं, इसलिए वह भी इन्हीं कारणों से गलत है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023आसान

बिजली की चमक गर्जन सुनाई देने से पहले दिखाई देती है। यह किस बात की पुष्टि करता है?

  1. A.ध्वनि प्रकाश से कहीं तेज चलती है
  2. B.प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है
  3. C.प्रकाश और ध्वनि दोनों समान चाल से चलते हैं
  4. D.तूफान के समय बिजली की चमक की तीव्रता बहुत अधिक होती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है है। चमक और गर्जन दोनों एक ही विद्युत विसर्जन से एक ही क्षण उत्पन्न होते हैं। प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है, इसलिए वह देखने वाले तक लगभग तुरंत पहुँच जाता है, जबकि वायु में ध्वनि एक सेकंड में केवल लगभग 340 मीटर चलती है और प्रत्येक किलोमीटर के लिए लगभग तीन सेकंड लेती है। देखने और सुनने के बीच का अंतराल इसीलिए दूरी का सीधा माप है।

विकल्प A क्रम को उलट देता है और उससे गर्जन पहले पहुँचना चाहिए, जो कभी नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि समान चाल होने पर चमक और गर्जन एक साथ पहुँचते और कोई अंतराल ही न होता। विकल्प D चमक की तीव्रता को चाल से मिला देता है; चमक वास्तव में बहुत तेज होती है, पर तीव्रता का पहले पहुँचने से कोई संबंध नहीं, और मंद चमक भी ध्वनि से पहले ही दिखेगी।

Q6.सामान्य विज्ञानआसान

ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं?

  1. A.अनुप्रस्थ विद्युत चुंबकीय तरंगें
  2. B.अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें
  3. C.केवल ठोसों में चलने वाली अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें
  4. D.ऐसी तरंगें जिन्हें चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें है। ध्वनि तरंग में माध्यम के कण उसी रेखा पर आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चल रही है, जिससे वे क्षेत्र बनते हैं जहाँ कण पास आ जाते हैं, अर्थात संपीडन, और वे क्षेत्र जहाँ वे दूर हट जाते हैं, अर्थात विरलन। कणों का कंपन अनिवार्य होने के कारण ध्वनि यांत्रिक तरंग है और उसे भौतिक माध्यम चाहिए।

विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: ध्वनि विद्युत चुंबकीय नहीं है और उसके कण गति की दिशा के लंबवत कंपन नहीं करते। विकल्प C एक विशेष स्थिति बताता है; ठोस के भीतर ध्वनि अनुप्रस्थ तरंग के रूप में भी चल सकती है, पर वायु, जल और ठोसों में साधारण ध्वनि अनुदैर्ध्य होती है और यह विकल्प ध्वनि को गलत ढंग से केवल ठोसों तक सीमित कर देता है। विकल्प D प्रकाश, रेडियो तरंगों और एक्स किरणों जैसी विद्युत चुंबकीय तरंगों का वर्णन है, जो ध्वनि के विपरीत निर्वात से भी गुजर जाती हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

ध्वनि निम्नलिखित में से किससे होकर नहीं गुजर सकती?

  1. A.वायु
  2. B.जल
  3. C.निर्वात
  4. D.लोहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. निर्वात

व्याख्या

सही उत्तर C, निर्वात है। निर्वात में कोई कण नहीं होते, और ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंग केवल कणों को कंपित करके तथा विक्षोभ को पड़ोसी कणों तक पहुँचाकर ही चल सकती है। घंटी-जार प्रयोग इसे स्पष्ट दिखाता है: काँच के जार के भीतर बजती विद्युत घंटी की ध्वनि हवा निकालते जाने पर धीमी होकर अंततः बंद हो जाती है, यद्यपि हथौड़ी को घंटी से टकराते हुए देखा जा सकता है।

विकल्प A, वायु, कमरे के ताप पर लगभग 340 मीटर प्रति सेकंड की चाल से ध्वनि ले जाती है और यही वह माध्यम है जिसमें हम सामान्यतः सुनते हैं। विकल्प B, जल, इसे और तेज, लगभग 1500 मीटर प्रति सेकंड से ले जाता है, इसीलिए ह्वेल और सोनार समुद्र में दूर तक संदेश भेज पाते हैं। विकल्प D, लोहा, ठोस है जिसके कण पास-पास बँधे होते हैं और वह तीनों में सबसे तेज, कई हजार मीटर प्रति सेकंड की चाल से ध्वनि पहुँचाता है।

Q8.सामान्य विज्ञानआसान

सामान्य मानव कान के लिए श्रव्य आवृत्ति परास लगभग कितना होता है?

  1. A.2 हर्ट्ज से 200 हर्ट्ज
  2. B.20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज
  3. C.200 हर्ट्ज से 2,00,000 हर्ट्ज
  4. D.20 हर्ट्ज से 2,000 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर B, 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज है। यही वह आवृत्ति पट्टी है जिस पर स्वस्थ मानव कान प्रतिक्रिया करता है, और आयु बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। निचली सीमा से नीचे की ध्वनि अवश्रव्य कहलाती है, जो हाथी, ह्वेल तथा भूकंप से पहले होने वाली भूगर्भीय हलचल से उत्पन्न होती है; ऊपरी सीमा से ऊपर की ध्वनि पराश्रव्य कहलाती है, जिसे चमगादड़, डॉल्फिन और पॉरपॉइज उत्पन्न भी करते हैं और सुनते भी हैं।

विकल्प A, 2 से 200 हर्ट्ज, का निचला भाग लगभग पूरा अवश्रव्य क्षेत्र में है और ऊपरी सीमा साधारण बोलचाल तथा संगीत को भी काट देती है। विकल्प C, 200 से 2,00,000 हर्ट्ज, गलत ढंग से पराश्रव्य क्षेत्र तक फैल जाता है, जिसे कोई मनुष्य नहीं सुन सकता। विकल्प D, 20 से 2,000 हर्ट्ज, का आरंभ सही है पर ऊपरी सीमा दस गुना कम है, जिससे संगीत के वे ऊँचे स्वर छूट जाएँगे जिन्हें लोग सरलता से सुनते हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज चलती है?

  1. A.निर्वात
  2. B.वायु
  3. C.जल
  4. D.इस्पात
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इस्पात

व्याख्या

सही उत्तर D, इस्पात है। ध्वनि ठोसों में सबसे तेज चलती है क्योंकि उनके कण पास-पास और मजबूती से बँधे होते हैं, इसलिए विक्षोभ लगभग तुरंत अगले कण तक पहुँच जाता है। इस्पात में चाल लगभग पाँच हजार मीटर प्रति सेकंड, जल में लगभग पंद्रह सौ और वायु में केवल लगभग तीन सौ चालीस मीटर प्रति सेकंड होती है। याद रखने का क्रम है ठोस, फिर द्रव, फिर गैस।

विकल्प A, निर्वात, ध्वनि को बिलकुल नहीं ले जाता, क्योंकि कंपन करने के लिए कोई कण ही नहीं होता। विकल्प B, वायु, दिए गए तीनों वास्तविक माध्यमों में सबसे धीमी है क्योंकि उसके कण दूर-दूर होते हैं और विक्षोभ पहुँचाने में अधिक समय लेते हैं। विकल्प C, जल, वायु से तेज है पर इस्पात से कहीं धीमा। इसी कारण रेल की पटरी आती हुई गाड़ी की आवाज हवा के माध्यम से पहुँचने से बहुत पहले ले आती है।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

समुद्र की गहराई नापने और पनडुब्बियों का पता लगाने में प्रयुक्त सोनार किस सिद्धांत पर काम करता है?

  1. A.प्रकाश तरंगों का अपवर्तन
  2. B.पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन
  3. C.रेडियो तरंगों का वर्ण विक्षेपण
  4. D.अवश्रव्य तरंगों का व्यतिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर B, पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन है। सोनार का पूरा नाम साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग है। जहाज पर लगा प्रेषित्र जल में छोटे पराश्रव्य स्पंद भेजता है, ये स्पंद समुद्र तल, पनडुब्बी, हिमशैल या मछलियों के झुंड से परावर्तित होते हैं और संसूचक लौटती प्रतिध्वनि दर्ज कर लेता है। चूँकि स्पंद नीचे जाकर वापस आता है, गहराई बराबर जल में ध्वनि की चाल गुणा लगा समय, भाग दो।

विकल्प A गलत है क्योंकि समुद्री जल में प्रकाश थोड़ी ही दूरी में अवशोषित हो जाता है और गहरे समुद्र की थाह लेने में किसी काम का नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि खारे जल में रेडियो तरंगें तेजी से क्षीण होती हैं, इसीलिए पनडुब्बियों को संपर्क के लिए सतह पर आना पड़ता है या बहुत कम आवृत्ति का प्रयोग करना पड़ता है। विकल्प D में पट्टी और परिघटना दोनों गलत हैं: अवश्रव्य ध्वनि श्रव्य सीमा से नीचे है और दूरी मापने में व्यतिकरण का प्रयोग नहीं होता।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

वायु में स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी लगभग कितनी होनी चाहिए?

  1. A.1.7 मीटर
  2. B.17 मीटर
  3. C.34 मीटर
  4. D.170 मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 17 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 17 मीटर है। मनुष्य के मस्तिष्क में ध्वनि की संवेदना लगभग एक सेकंड के दसवें भाग तक बनी रहती है, इसलिए परावर्तित ध्वनि को अलग प्रतिध्वनि के रूप में सुनने के लिए मूल ध्वनि के कम से कम इतनी देर बाद पहुँचना चाहिए। उस दसवें भाग में वायु में ध्वनि लगभग 34 मीटर चलती है, पर उसे सतह तक जाकर लौटना भी है, इसलिए सतह स्वयं कम से कम उसकी आधी दूरी, लगभग 17 मीटर पर होनी चाहिए।

विकल्प A, 1.7 मीटर, दस गुना कम है और उससे परावर्तन लगभग एक सौवें सेकंड में लौट आएगा, जो अलग सुनाई देने के लिए बहुत जल्दी है। विकल्प C, 34 मीटर, ध्वनि द्वारा तय कुल पथ है, दीवार तक की दूरी नहीं, और इस प्रश्न में यही सबसे आम भूल है। विकल्प D, 170 मीटर, दस गुना अधिक है; सतह इतनी दूर होने से बहुत पहले ही प्रतिध्वनि सुनाई देने लगती है।

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